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Salumber: लसाड़िया में 5 मासूमों की मौत पर गर्माई सियासत, पीड़ितों से मिलने पहुंचे जूली, सरकार पर गंभीर आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सलूंबर Published by: उदयपुर ब्यूरो Updated Sat, 25 Apr 2026 06:08 PM IST
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सार

सलूंबर के लसाड़िया में मासूमों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। प्रशासन जांच में जुटा है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के दौरे के बाद मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है।

Salumber: Political Row Erupts Over Death of 5 Children in Lasadiya, Julie Meets Families, Slams Government
लालपुरा में पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे जूली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सलूंबर के लसाड़िया क्षेत्र में उल्टी-दस्त से बच्चों की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पहले स्वास्थ्य चिंता के रूप में सामने आया यह मामला अब सियासी रंग भी ले चुका है। शनिवार को राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया।



मौके से ही अधिकारियों से जवाब तलब
लालपुरा गांव में परिजनों के बीच पहुंचे जूली ने मौके से ही स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौड़ से फोन पर बात कर जांच की प्रगति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अब तक बीमारी के कारणों का खुलासा क्यों नहीं हो पाया है। जूली ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की कमी और खाली पदों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बिगड़ रहे हैं।
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सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि 5 घर उजड़ गए, लेकिन सत्ता पक्ष का कोई बड़ा नेता अब तक यहां नहीं पहुंचा और ना ही पीड़ित परिवारों को अब तक राहत राशि मिली है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों को केवल वोट बैंक की तरह देखा जा रहा है। जूली ने टीएसपी क्षेत्र के विकास बजट के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
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विकास और व्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल
जूली ने क्षेत्र में खराब सड़कों, मनरेगा भुगतान में देरी और शिक्षा व्यवस्था की कमजोर स्थिति को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केवल जांच की बात करने से हालात नहीं सुधरेंगे, सरकार को जमीनी स्तर पर काम करना होगा।

प्रशासन अलर्ट, मेडिकल टीमें सक्रिय
इधर क्षेत्र में उल्टी-दस्त के मामलों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनेद पी.पी. के निर्देशन में 7 मेडिकल टीमों का गठन कर सघन सर्वे कराया जा रहा है। टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। बच्चों की मौत के संभावित कारणों का पता लगाने के लिए पशुपालन विभाग की टीम भी सक्रिय है और पशुओं के सैंपल लिए जा रहे हैं। प्रशासन ने जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि इस क्षेत्र में पहले भी रहस्यमयी बीमारी के चलते 8-9 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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