अनूपगढ़ में सीएम के दौरे से पहले सियासी टकराव; कांग्रेस नेताओं को थाने बुलाने पर गरमाई राजनीति
अनूपगढ़ में सीएम भजनलाल शर्मा के दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं को थाने बुलाने पर सियासी टकराव बढ़ा। विधायक शिमला नायक ने पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताया।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनूपगढ़ दौरे से पहले कांग्रेस और पुलिस के बीच टकराव ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। अनूपगढ़ का जिला दर्जा खत्म किए जाने के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन की चेतावनी के बीच कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने थाने बुलाया। कांग्रेस ने इसे डिटेन करने की कार्रवाई बताया, जबकि पुलिस का कहना है कि नेताओं को केवल कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बातचीत के लिए बुलाया गया था।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जिला बनने के बाद अनूपगढ़ का दर्जा निरस्त किए जाने के बाद पहली बार क्षेत्र के दौरे पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के विरोध और अनूपगढ़ जिला बहाली की मांग को लेकर काले झंडे दिखाने का ऐलान किया था। इसके बाद पुलिस ने जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष साहिल कामरा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह गिल, गुरविंदर जाखड़, जलंधर सिंह तूर और बंटी चावला सहित कांग्रेस पदाधिकारियों को थाने बुलाया।
विधायक के पहुंचते ही बंद कर दिया थाने का गेट
कांग्रेस नेताओं को थाने बुलाए जाने की सूचना मिलने पर विधायक शिमला नायक कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचीं। उनके पहुंचते ही पुलिस ने थाने का मुख्य गेट बंद कर दिया। विधायक को बाद में अंदर बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने अकेले जाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद डीएसपी जयप्रकाश बेनीवाल बाहर पहुंचे और विधायक से बातचीत की। करीब एक घंटे तक पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गहमागहमी चलती रही। विधायक ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी कांग्रेस जिलाध्यक्ष रूबी कुन्नर को दी।
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पुलिस बोली- प्रदर्शन को लेकर बातचीत, कांग्रेस बोली- लोकतंत्र की हत्या
डीएसपी जयप्रकाश बेनीवाल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के विरोध को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से संबंधित पोस्ट भी डाली गई थीं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया था। पुलिस के अनुसार किसी को डिटेन नहीं किया गया।
वहीं विधायक शिमला नायक ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। उनका कहना है कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से अनूपगढ़ जिला बहाली समेत चार मांगों पर बातचीत के लिए समय मांगा है। यदि मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय नहीं मिला तो कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करेगी।
जिला बहाली बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
अनूपगढ़ का जिला दर्जा खत्म किए जाने के बाद से यह मुद्दा लगातार राजनीतिक रूप से गरमाया हुआ है। व्यापारिक संगठनों से लेकर कांग्रेस तक जिला बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले कांग्रेस नेताओं को थाने बुलाए जाने से अब यह मुद्दा सरकार बनाम कांग्रेस की सियासी लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है।
कांग्रेस के लिए अनूपगढ़ जिला बहाली का मुद्दा स्थानीय असंतोष को राजनीतिक आंदोलन में बदलने का मौका है, वहीं सरकार के सामने मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।