{"_id":"69da59f59e3aaeb3860537fa","slug":"30-crore-rupees-withdrawn-from-the-district-council-shimla-news-c-19-sml1002-704586-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: जिला परिषद से वापस \nलिए 30 करोड़ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: जिला परिषद से वापस लिए 30 करोड़ रुपये
विज्ञापन
विज्ञापन
बजट खर्च न कर पाने पर कार्रवाई
अब पेयजल योजनाओं पर खर्च होगा यह पैसा
जिप सदस्यों के बनाए प्रस्तावों पर ही होगा खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला प्रशासन ने 15वें वित्त आयोग के तहत जिला परिषद को जारी किया 30 करोड़ रुपये का बजट वापस ले लिया है। 31 मार्च तक सभी विकास खंड अधिकारियों को बजट का ब्योरा तैयार कर इसे वापस प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत विकास खंड अधिकारियों ने अब यह बजट वापस लेकर जिला प्रशासन को सौंप दिया है।
जिला प्रशासन के अनुसार यह वह बजट है जो जिला परिषद को पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान पानी से जुड़ी योजनाओं के लिए जारी किया था। मार्च महीने तक यह पैसा खर्च नहीं किया गया जिसके बाद इसे वापस लेने के सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। सरकार के इस फैसले पर निवर्तमान जिला परिषद सदस्यों ने आपत्ति भी जताई थी। इनका कहना है कि सभी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पानी की योजनाओं को लेकर प्रस्ताव तैयार किए थे लेकिन सचिवों की ओर से जियो टैगिंग का काम पूरा न होने के कारण यह पैसा खर्च नहीं हो पाया। अब इसे वापस लेना गलत है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह पैसा अब जलशक्ति विभाग को दिया जा रहा है। विभाग इस पैसे का खर्च जिला परिषद वार्डाें में पानी की योजनाओं पर ही खर्च करेगा। प्रशासन का यह भी दावा है कि जिला परिषद सदस्यों ने जो प्रस्ताव स्वीकृत किए थे, उन्हीं पर यह बजट खर्च किया जाएगा। जनता को पानी की नई योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
पेयजल योजनाओं पर खर्च होगा बजट
जिला परिषद से वापस लिया गया पैसा पानी से जुड़ी योजनाओं पर ही खर्च होगा। इससे जनता को पानी की सुविधाएं दी जाएंगी। बदलाव सिर्फ इतना है कि अब जलशक्ति विभाग इन योजनाओं का काम करेगा। जल्द ही यह काम शुरू किए जाएंगे।
-सचिन शर्मा, एडीसी शिमला
Trending Videos
अब पेयजल योजनाओं पर खर्च होगा यह पैसा
जिप सदस्यों के बनाए प्रस्तावों पर ही होगा खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला प्रशासन ने 15वें वित्त आयोग के तहत जिला परिषद को जारी किया 30 करोड़ रुपये का बजट वापस ले लिया है। 31 मार्च तक सभी विकास खंड अधिकारियों को बजट का ब्योरा तैयार कर इसे वापस प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत विकास खंड अधिकारियों ने अब यह बजट वापस लेकर जिला प्रशासन को सौंप दिया है।
जिला प्रशासन के अनुसार यह वह बजट है जो जिला परिषद को पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान पानी से जुड़ी योजनाओं के लिए जारी किया था। मार्च महीने तक यह पैसा खर्च नहीं किया गया जिसके बाद इसे वापस लेने के सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। सरकार के इस फैसले पर निवर्तमान जिला परिषद सदस्यों ने आपत्ति भी जताई थी। इनका कहना है कि सभी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पानी की योजनाओं को लेकर प्रस्ताव तैयार किए थे लेकिन सचिवों की ओर से जियो टैगिंग का काम पूरा न होने के कारण यह पैसा खर्च नहीं हो पाया। अब इसे वापस लेना गलत है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह पैसा अब जलशक्ति विभाग को दिया जा रहा है। विभाग इस पैसे का खर्च जिला परिषद वार्डाें में पानी की योजनाओं पर ही खर्च करेगा। प्रशासन का यह भी दावा है कि जिला परिषद सदस्यों ने जो प्रस्ताव स्वीकृत किए थे, उन्हीं पर यह बजट खर्च किया जाएगा। जनता को पानी की नई योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पेयजल योजनाओं पर खर्च होगा बजट
जिला परिषद से वापस लिया गया पैसा पानी से जुड़ी योजनाओं पर ही खर्च होगा। इससे जनता को पानी की सुविधाएं दी जाएंगी। बदलाव सिर्फ इतना है कि अब जलशक्ति विभाग इन योजनाओं का काम करेगा। जल्द ही यह काम शुरू किए जाएंगे।
-सचिन शर्मा, एडीसी शिमला