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Shimla News: पुराने बस अड्डे में न तो पानी, न सफाई, गड्ढों से हादसों का खतरा

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:59 PM IST
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The old bus stand has no water, no sanitation, and potholes pose a risk of accidents.
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राजधानी के पुराने बस अड्डे की हालत खराब है। न तो बस अड्डे में पानी है, न ही सफाई की उचित व्यवस्था। इसके अलावा बस अड्डे में गड्ढे होने से हादसों की भी आशंका रहती है। इससे हर रोज सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसका जायजा संवाददाता ने लिया। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट :-
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन शहर का सबसे पुराना बस अड्डा आज भी बदहाल स्थिति में है। बस अड्डे में रोजाना आने वाली सैकड़ों बसों और उनमें सफर करने वाले हजारों लोगों को मूलभूत सुविधाएं नसीब नहीं हो रही।
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बस अड्डे में लगे नलकों में पानी नहीं है और निकास नालियों में गंदगी भरी है। यहां मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं। बस अड्डे में प्रवेश करते ही तीन से चार बड़े गड्ढे हैं। इसमें से प्रवेश करने वाली बसें हिचकोले खाती हुई गुजरती हैं जिससे हादसे की आशंका रही है। अड्डे में प्रवेश करने पर बाईं ओर डस्टबिन रखा है लेकिन कूड़ा बाहर बिखरा हुआ है। बस अड्डे में चल रहीं दुकानों से निकलने वाला वेस्ट इस डस्टबिन में ठूंस रखा था लेकिन वह बाहर गिर रहा था। बस अड्डे के नीचे की ओर गंदे पानी का तालाब बना हुआ है। इसमें चिप्स के पैकेट और खाली कप फेंके हैं, बस अड्डे के किनारे लगी टाइलें उखड़ी हुई हैं। अड्डे में पांच नलके लगे हैं लेकिन इनमें पानी नहीं है।

बस अड्डे के काउंटर के सामने बस चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं, लेकिन इन चार्जिंग मशीनों के कारण लोगों का गुजरना मुश्किल हो जाता है। यहां काउंटर और दुकानों के सामने कप प्लेट और कूड़ा फेंकने के लिए खुले डस्टबिन लगाए गए हैं, लेकिन इनसे कप प्लेट बिखर कर बाहर फैले हुए है। काउंटर के सामने की जगह में भी गड्ढे हो गए हैं। इससे यहां से गुजरने वाले यात्रियों का पांव कभी मुड़ने से वह गिर सकते हैं। यहां भी गंदा पानी भरा हुआ है। बस अड्डे के पीछे से सड़क के लिए बनी टनल के दोनों ओर की नालियों में गंदा पानी खड़ा रहने से बदबू फैली हुई है। ऐसे माहौल में ही बस अड्डे में बस का इंतजार करने वाली सवारियां चाय और नाश्ता करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना था कि कम से कम शहर के इस मुख्य बस अड्डे में तो यात्रियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। वहीं निजी बस चालकों का कहना है कि बस अड्डे में बाकायदा फीस ली जाती है, लेकिन इसकी एवज में यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।


पानी की खरीदनी पड़ती है बोतल

पुराने बस अड्डे में पीने का पानी नहीं मिलता। इससे लोगों को दुकानों से पानी की बोतल खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। यहां पानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

-मोहन सिंह, निवासी सायरी


अड्डे में गड्ढों को भरा जाए
बस अड्डे में सौ से अधिक निजी बसें आती और जाती हैं, वहीं सरकारी बसें भी नियमित रूप से संचालित की जाती हैं। बस अड्डे के प्रवेशद्वार पर कुछ गड्ढे हैं जिनसे से हादसे की आशंका है। इन्हें भरा जाना चाहिए।
-ललित कुमार, बस चालक


सफाई सही न होने से है परेशानी
बस अड्डे के पीछे भवन के अंदर से जा ही सड़क के दोनों ओर बनीं नालियों में गंदा पानी जमा रहता है, जिससे बदबू आती है। इससे खाने के सामान के स्टाल पर ग्राहक कम आते हैं। लोगों यहां खड़े होकर खाना नहीं खा सकते है। सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
-ललित कुमार, दुकानदार


बस अड्डे में करवाएं मरम्मत कार्य
बस अड्डे में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। टाइलें टूटी हुई हैं। अड्डे का रखरखाव और मरम्मत कार्य समय से किया जाना चाहिए। पीने का पानी भी हर समय में उपलब्ध नहीं होता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।
-दीवान चंद, कारोबारी
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