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Shimla News: विवि के शिक्षकों की अप्रेजल रिपोर्टों की जांच करेगी समिति
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बीके शिवराम होंगे समिति के अध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने वर्ष 2016 से पहले नियुक्त शिक्षकों की स्व:मूल्यांकन (सेल्फ अप्रेजल एपीआई) रिपोर्टों से जुड़े मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। अब समिति शिक्षकों की रिपोर्ट की जांच करेगी और अपनी सिफारिश विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी।
अधिसूचना के अनुसार यह समिति खास तौर पर उन शिक्षकों के मामले की समीक्षा करेगी जिनकी नियुक्ति वर्ष 2016 से पहले हुई थी। समिति देखेगी कि इन शिक्षकों पर यूजीसी के न्यूनतम योग्यता और अन्य सेवा शर्तों से जुड़े कौन से प्रावधान लागू होते हैं। स्व:मूल्यांकन रिपोर्ट जमा करने की स्थिति क्या है और आगे की प्रक्रिया किस आधार पर तय की जानी चाहिए।
समिति की रिपोर्ट के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में अगला निर्णय लेगा। समिति के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के डीन ऑफ स्टडीज बीके शिवराम होंगे। डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल और डीन प्लानिंग एंड टीचर्स मैटर्स को समिति का सदस्य बनाया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार समिति के संयोजक होंगे। चारों अधिकारी मिलकर पूरे मामले की जांच करेंगे और आवश्यक सुझाव देंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने वर्ष 2016 से पहले नियुक्त शिक्षकों की स्व:मूल्यांकन (सेल्फ अप्रेजल एपीआई) रिपोर्टों से जुड़े मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। अब समिति शिक्षकों की रिपोर्ट की जांच करेगी और अपनी सिफारिश विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी।
अधिसूचना के अनुसार यह समिति खास तौर पर उन शिक्षकों के मामले की समीक्षा करेगी जिनकी नियुक्ति वर्ष 2016 से पहले हुई थी। समिति देखेगी कि इन शिक्षकों पर यूजीसी के न्यूनतम योग्यता और अन्य सेवा शर्तों से जुड़े कौन से प्रावधान लागू होते हैं। स्व:मूल्यांकन रिपोर्ट जमा करने की स्थिति क्या है और आगे की प्रक्रिया किस आधार पर तय की जानी चाहिए।
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समिति की रिपोर्ट के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में अगला निर्णय लेगा। समिति के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के डीन ऑफ स्टडीज बीके शिवराम होंगे। डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल और डीन प्लानिंग एंड टीचर्स मैटर्स को समिति का सदस्य बनाया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार समिति के संयोजक होंगे। चारों अधिकारी मिलकर पूरे मामले की जांच करेंगे और आवश्यक सुझाव देंगे।
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