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Shimla News: भट्ठाकफर-चमियाना सड़क पर भूस्खलन, मकानों को खतरा
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खोदाई कार्य के चलते पहाड़ी से गिरा मलबा, बिजली के तारों के घरों के नजदीक आने से बढ़ा खतरा
लोगों ने काम को तुरंत बंद करने का किया आग्रहल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना सड़क के 700 मीटर हिस्से में चल रहे खोदाई कार्य के चलते शुक्रवार को माठू राम संजय वन कॉलोनी क्षेत्र में भूस्खलन हुआ।
दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे एक देवदार का पेड़ मलबे के साथ सड़क के दूसरी ओर बने प्रेम मच्छान के मकान की छत के नजदीक आ गया। इसके साथ बिजली के तार और घरों की सर्विस वायर भी मलबे के वजन से नीचे लटक गईं। मलबा सड़क पर आ गया, जिससे स्थानीय लोगों को भूस्खलन से नुकसान का डर सता रहा है। बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है, जिससे सड़क के नीचे की ओर बने मकानों को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों को जान-माल के नुकसान की आशंका सता रही है। भूस्खलन के चलते अस्पताल जाने वाली सड़क के बंद होने की संभावना भी बढ़ गई है। लोक निर्माण और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को कटवा दिया है, लेकिन खतरा अभी बरकरार है। पहाड़ी पर मौजूद अन्य पेड़ों के भी टूटकर मकानों या सड़क पर गिरने की आशंका बनी हुई है।
चमियाना पंचायत की प्रधान लीला वर्मा और उपप्रधान रत्न ठाकुर ने भी मौके पर पहुंचकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जल शक्ति विभाग और वन विभाग के अधिकारियों से सड़क चौड़ीकरण का काम तुरंत बंद करने की मांग की है। प्रधान ने बताया कि पेड़ के झुकने पर बिजली विभाग ने आपूर्ति काट दी थी। इसके बाद वन विभाग ने उस पेड़ के साथ दो अन्य खतरनाक हो चुके पेड़ों को भी काट दिया। फिलहाल यातायात बहाल कर दिया गया है। स्थानीय निवासी कुसुम लता ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को यह कार्य बरसात से पहले पूरा कर लेना चाहिए था। मानसून के दौरान कटिंग किए जाने से स्थानीय लोगों को भूस्खलन और जान-माल के नुकसान का डर सता रहा है। विभाग इस कार्य को तुरंत बंद करे और पहाड़ी की तरफ पहले ब्रेस्ट वॉल (डंगा) लगाने का काम करे। अमित कंवर ने कहा कि भूस्खलन के कारण पानी के पाइप टूट गए हैं। दीपिका ठाकुर ने कहा कि बरसात में हो रहे इस भूस्खलन से उनकी रातों की नींद हराम हो गई है। हर समय हादसे का डर बना रहता है। मदन ने मांग उठाई कि विद्युत बोर्ड कटिंग वाले क्षेत्र से जल्द से जल्द बिजली की लाइनों को शिफ्ट करे। रोहित चौहान ने कहा कि जनता को हो रही इस परेशानी के लिए लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग और जल शक्ति विभाग जिम्मेदार हैं।
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बंद कर दिया है सड़क का काम
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन कौंडल ने कहा कि दो दिनों से लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने कटिंग और सड़क चौड़ीकरण का कार्य फिलहाल बंद कर दिया है। अस्पताल जाने वाली इस सड़क के महत्व को देखते हुए इसे 24 घंटे बहाल रखने के लिए मौके पर दो जेसीबी, एक रोबोट और एक टिप्पर तैनात किए गए हैं। पेड़ों को काटकर हटा दिया गया है। मौसम खुलने पर ब्रेस्ट वॉल का निर्माण किया जाएगा।
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लोगों ने काम को तुरंत बंद करने का किया आग्रहल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना सड़क के 700 मीटर हिस्से में चल रहे खोदाई कार्य के चलते शुक्रवार को माठू राम संजय वन कॉलोनी क्षेत्र में भूस्खलन हुआ।
दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे एक देवदार का पेड़ मलबे के साथ सड़क के दूसरी ओर बने प्रेम मच्छान के मकान की छत के नजदीक आ गया। इसके साथ बिजली के तार और घरों की सर्विस वायर भी मलबे के वजन से नीचे लटक गईं। मलबा सड़क पर आ गया, जिससे स्थानीय लोगों को भूस्खलन से नुकसान का डर सता रहा है। बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है, जिससे सड़क के नीचे की ओर बने मकानों को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों को जान-माल के नुकसान की आशंका सता रही है। भूस्खलन के चलते अस्पताल जाने वाली सड़क के बंद होने की संभावना भी बढ़ गई है। लोक निर्माण और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को कटवा दिया है, लेकिन खतरा अभी बरकरार है। पहाड़ी पर मौजूद अन्य पेड़ों के भी टूटकर मकानों या सड़क पर गिरने की आशंका बनी हुई है।
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चमियाना पंचायत की प्रधान लीला वर्मा और उपप्रधान रत्न ठाकुर ने भी मौके पर पहुंचकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जल शक्ति विभाग और वन विभाग के अधिकारियों से सड़क चौड़ीकरण का काम तुरंत बंद करने की मांग की है। प्रधान ने बताया कि पेड़ के झुकने पर बिजली विभाग ने आपूर्ति काट दी थी। इसके बाद वन विभाग ने उस पेड़ के साथ दो अन्य खतरनाक हो चुके पेड़ों को भी काट दिया। फिलहाल यातायात बहाल कर दिया गया है। स्थानीय निवासी कुसुम लता ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को यह कार्य बरसात से पहले पूरा कर लेना चाहिए था। मानसून के दौरान कटिंग किए जाने से स्थानीय लोगों को भूस्खलन और जान-माल के नुकसान का डर सता रहा है। विभाग इस कार्य को तुरंत बंद करे और पहाड़ी की तरफ पहले ब्रेस्ट वॉल (डंगा) लगाने का काम करे। अमित कंवर ने कहा कि भूस्खलन के कारण पानी के पाइप टूट गए हैं। दीपिका ठाकुर ने कहा कि बरसात में हो रहे इस भूस्खलन से उनकी रातों की नींद हराम हो गई है। हर समय हादसे का डर बना रहता है। मदन ने मांग उठाई कि विद्युत बोर्ड कटिंग वाले क्षेत्र से जल्द से जल्द बिजली की लाइनों को शिफ्ट करे। रोहित चौहान ने कहा कि जनता को हो रही इस परेशानी के लिए लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग और जल शक्ति विभाग जिम्मेदार हैं।
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बंद कर दिया है सड़क का काम
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन कौंडल ने कहा कि दो दिनों से लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने कटिंग और सड़क चौड़ीकरण का कार्य फिलहाल बंद कर दिया है। अस्पताल जाने वाली इस सड़क के महत्व को देखते हुए इसे 24 घंटे बहाल रखने के लिए मौके पर दो जेसीबी, एक रोबोट और एक टिप्पर तैनात किए गए हैं। पेड़ों को काटकर हटा दिया गया है। मौसम खुलने पर ब्रेस्ट वॉल का निर्माण किया जाएगा।