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Shimla News: एचपीएमसी के उत्पादों को बेचने के लिए फ्रेंचाइजी लेना जरूरी
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दुकानों और बिक्री काउंटरों पर एचपीएमसी का अधिकृत लोगो प्रदर्शित भी अनिवार्य, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
एचपीएमसी नई नीति को हिमाचल से करेगा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (एचपीएमसी) के उत्पाद बेचने के लिए अब निजी कारोबारियों को एचपीएमसी से फ्रेंचाइजी लेनी होगी। इस नीति की शुरुआत हिमाचल से होगी।
बिना फ्रेंचाइजी के कोई भी कारोबारी एचपीएमसी के उत्पाद नहीं बेच सकेगा। एचपीएमसी ने अपनी फ्रेंचाइजी एवं रिटेल चैनल डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 में इस व्यवस्था को मंजूरी दी है। नई नीति के तहत एचपीएमसी दो मॉडल के माध्यम से कारोबारियों को फ्रेंचाइजी आवंटित करेगा। इनमें एक्सक्लूसिव ब्रांड स्टोर और शॉप-इन-शॉप मॉडल शामिल हैं। एक्सक्लूसिव ब्रांड स्टोर में केवल एचपीएमसी के उत्पाद ही बेचे जा सकेंगे, जबकि शॉप-इन-शॉप मॉडल के तहत कारोबारियों को अपनी दुकान के भीतर एचपीएमसी उत्पादों की बिक्री के लिए अलग काउंटर स्थापित करने हेतु फ्रेंचाइजी लेनी होगी। नीति के अनुसार सभी फ्रेंचाइजी धारकों को अपनी दुकानों और बिक्री काउंटरों पर एचपीएमसी का अधिकृत लोगो प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। बिना लोगो लगाए एचपीएमसी के उत्पादों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।
अभी कई कारोबारी एचपीएमसी के उत्पाद बेचते हैं, लेकिन वह एचपीएमसी का लोगो प्रदर्शित नहीं करते। एचपीएमसी के अनुसार नई फ्रेंचाइजी एवं रिटेल चैनल डेवलपमेंट पॉलिसी पूरे देश में लागू की जाएगी। हालांकि इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हिमाचल प्रदेश से होगी। इच्छुक कारोबारियों को फ्रेंचाइजी के लिए एचपीएमसी में आवेदन करना होगा। फ्रेंचाइजी शुल्क अभी निर्धारित नहीं किया है। एचपीएमसी के अनुसार फ्रेंचाइजी शुल्क, सुरक्षा राशि, न्यूनतम खरीद की शर्तें, आवेदन प्रक्रिया और संचालन संबंधी निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। नई नीति लागू होने के बाद लोगों को बाजारों में एचपीएमसी के उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इससे उत्पादों की पहुंच और उपलब्धता बढ़ेगी।
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इनसेट
एचपीएमसी बनाता है जूस, जैम और अचार
एचपीएमसी जूस, जैम, स्क्वैश, अचार सहित फलों से तैयार किए जाने वाले कई अन्य उत्पाद बनाता है। इनकी गुणवत्ता अच्छी मानी जाती है और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी इन्हें लाभदायक माना जाता है। बाजार में इन उत्पादों की अच्छी मांग रहती है। नई नीति लागू होने के बाद एचपीएमसी के उत्पाद अधिक से अधिक बाजारों तक पहुंच सकेंगे। इससे निजी उद्यमियों को एचपीएमसी के साथ जुड़कर कारोबार करने का अवसर मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी उत्पाद खरीदने में सुविधा होगी।
कोट
एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डीसी राणा ने कहा कि नई फ्रेंचाइजी एवं रिटेल चैनल डेवलपमेंट पॉलिसी का उद्देश्य एचपीएमसी के उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाना और मजबूत रिटेल नेटवर्क विकसित करना है। इच्छुक कारोबारी फ्रेंचाइजी लेकर एचपीएमसी के उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे।
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एचपीएमसी नई नीति को हिमाचल से करेगा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (एचपीएमसी) के उत्पाद बेचने के लिए अब निजी कारोबारियों को एचपीएमसी से फ्रेंचाइजी लेनी होगी। इस नीति की शुरुआत हिमाचल से होगी।
बिना फ्रेंचाइजी के कोई भी कारोबारी एचपीएमसी के उत्पाद नहीं बेच सकेगा। एचपीएमसी ने अपनी फ्रेंचाइजी एवं रिटेल चैनल डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 में इस व्यवस्था को मंजूरी दी है। नई नीति के तहत एचपीएमसी दो मॉडल के माध्यम से कारोबारियों को फ्रेंचाइजी आवंटित करेगा। इनमें एक्सक्लूसिव ब्रांड स्टोर और शॉप-इन-शॉप मॉडल शामिल हैं। एक्सक्लूसिव ब्रांड स्टोर में केवल एचपीएमसी के उत्पाद ही बेचे जा सकेंगे, जबकि शॉप-इन-शॉप मॉडल के तहत कारोबारियों को अपनी दुकान के भीतर एचपीएमसी उत्पादों की बिक्री के लिए अलग काउंटर स्थापित करने हेतु फ्रेंचाइजी लेनी होगी। नीति के अनुसार सभी फ्रेंचाइजी धारकों को अपनी दुकानों और बिक्री काउंटरों पर एचपीएमसी का अधिकृत लोगो प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। बिना लोगो लगाए एचपीएमसी के उत्पादों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।
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अभी कई कारोबारी एचपीएमसी के उत्पाद बेचते हैं, लेकिन वह एचपीएमसी का लोगो प्रदर्शित नहीं करते। एचपीएमसी के अनुसार नई फ्रेंचाइजी एवं रिटेल चैनल डेवलपमेंट पॉलिसी पूरे देश में लागू की जाएगी। हालांकि इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हिमाचल प्रदेश से होगी। इच्छुक कारोबारियों को फ्रेंचाइजी के लिए एचपीएमसी में आवेदन करना होगा। फ्रेंचाइजी शुल्क अभी निर्धारित नहीं किया है। एचपीएमसी के अनुसार फ्रेंचाइजी शुल्क, सुरक्षा राशि, न्यूनतम खरीद की शर्तें, आवेदन प्रक्रिया और संचालन संबंधी निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। नई नीति लागू होने के बाद लोगों को बाजारों में एचपीएमसी के उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इससे उत्पादों की पहुंच और उपलब्धता बढ़ेगी।
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एचपीएमसी बनाता है जूस, जैम और अचार
एचपीएमसी जूस, जैम, स्क्वैश, अचार सहित फलों से तैयार किए जाने वाले कई अन्य उत्पाद बनाता है। इनकी गुणवत्ता अच्छी मानी जाती है और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी इन्हें लाभदायक माना जाता है। बाजार में इन उत्पादों की अच्छी मांग रहती है। नई नीति लागू होने के बाद एचपीएमसी के उत्पाद अधिक से अधिक बाजारों तक पहुंच सकेंगे। इससे निजी उद्यमियों को एचपीएमसी के साथ जुड़कर कारोबार करने का अवसर मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी उत्पाद खरीदने में सुविधा होगी।
कोट
एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डीसी राणा ने कहा कि नई फ्रेंचाइजी एवं रिटेल चैनल डेवलपमेंट पॉलिसी का उद्देश्य एचपीएमसी के उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाना और मजबूत रिटेल नेटवर्क विकसित करना है। इच्छुक कारोबारी फ्रेंचाइजी लेकर एचपीएमसी के उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे।