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Himachal News: सीबीएसई स्कूलों में मेरिट पर हो नियुक्ति, सीएम से मिलेंगे परीक्षा पास कर चुके शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:07 AM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश में CBSE सब-कैडर परीक्षा-2026 उत्तीर्ण सेवारत शिक्षकों ने नियुक्तियां केवल मेरिट के आधार पर किए जाने की मांग उठाई है। राजकीय टीजीटी कला संघ का कहना है कि चयनित शिक्षक जल्द मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलकर अपनी मांग रखेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
सीबीएसई सब-काडर के लिए चयनित सेवारत शिक्षकों ने अपनी नियुक्तियों को लेकर सरकार के समक्ष पक्ष रखने की तैयारी शुरू कर दी है। राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा है कि सीबीएसई परीक्षा उत्तीर्ण सेवारत शिक्षक जल्द ही सचिवालय में मुख्यमंत्री से भेंट कर नियुक्तियां अधिसूचित नियमों के अनुसार केवल मेरिट के आधार पर किए जाने की मांग उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि सीबीएसई सब-कैडर प्रतिनियुक्ति परीक्षा-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया के शुरुआती दिनों में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर अभ्यर्थियों को 10 पसंदीदा स्टेशनों के विकल्प भरने की सुविधा दी गई थी, लेकिन बाद में यह विकल्प हटा दिया गया। उनका तर्क है कि यदि यह डेटा उपलब्ध रहता तो शिक्षा विभाग को पहले से ही यह स्पष्ट हो जाता कि किस विद्यालय के लिए कितने शिक्षक प्राथमिकता दे रहे हैं और काउंसलिंग प्रक्रिया कहीं अधिक सरल एवं पारदर्शी हो सकती थी। विजय हीर ने सुझाव दिया कि चयनित शिक्षकों से ऑनलाइन माध्यम से स्टेशन वरीयता विकल्प लिए जा सकते हैं।
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इससे विभाग को वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी और यह स्पष्ट हो सकेगा कि मेरिट के आधार पर किन विद्यालयों में किन शिक्षकों की नियुक्ति संभावित है। साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि किन स्कूलों में सीबीएसई सब-कैडर भर्ती नियम के तहत स्टॉप-गैप व्यवस्था के माध्यम से मौजूदा स्टाफ कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि विभाग ऑनलाइन विकल्प लेकर मेरिट आधारित काउंसलिंग करवाता है तो पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी और अनावश्यक विवादों की स्थिति भी नहीं बनेगी।
प्रदेश महासचिव ने कहा कि राज्य चयन आयोग के माध्यम से होने वाली नई नियुक्तियों में भी विभिन्न प्रकार के समायोजन किए जाते हैं, लेकिन सेवारत शिक्षकों के मामले में अनावश्यक भ्रम पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक परीक्षा में मेरिट के आधार पर चयनित हुए हैं और सीबीएसई विद्यालयों में सेवाएं देना चाहते हैं, उन्हें अवसर मिलना चाहिए। वहीं जो शिक्षक इस बार चयनित नहीं हो पाए हैं, वे आगामी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।
बोले, नियुक्ति से वंचित करने का कानूनी आधार नहीं
विजय हीर ने दावा किया कि मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर चुके शिक्षकों को नियुक्ति से वंचित करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि चयनित शिक्षक मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखकर न्याय की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि इस विषय पर उनकी उपसमिति के अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भी चर्चा हो चुकी है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार शीघ्र ही इस मामले का समाधान निकालेगी।
बोले, नियुक्ति से वंचित करने का कानूनी आधार नहीं
विजय हीर ने दावा किया कि मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर चुके शिक्षकों को नियुक्ति से वंचित करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि चयनित शिक्षक मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखकर न्याय की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि इस विषय पर उनकी उपसमिति के अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भी चर्चा हो चुकी है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार शीघ्र ही इस मामले का समाधान निकालेगी।