सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   SFI protests against NTA at Scandal Point; arrests made amidst heavy scuffling.

Shimla: एनटीए के खिलाफ एसएफआई का स्कैंडल प्वाइंट पर प्रदर्शन; दीं गिरफ्तारियां, जमकर धक्का-मुक्की, वीडियो

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 11 Jun 2026 04:39 PM IST
विज्ञापन
सार

प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक गिरफ्तारियां देकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दाैरान जमकर धक्कामुक्की हुई।

SFI protests against NTA at Scandal Point; arrests made amidst heavy scuffling.
एसएफआई का स्कैंडल प्वाइंट पर प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

 स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली के विरोध में गुरुवार को शिमला के प्रतिबंधित स्कैंडल प्वाइंट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक गिरफ्तारियां देकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दाैरान जमकर धक्कामुक्की हुई। प्रदर्शन के दाैरान एसएफआई कार्यकर्ता मालरोड पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। इस दाैरान पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को जबरन उठाकर ले गई। 


एसएफआई ने आरोप लगाया कि एनटीए सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन में लगातार विफल रही है, जिससे देशभर के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। संगठन ने कहा कि नीट-यूजी पेपर लीक, यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द होने, सीयूईटी समेत विभिन्न परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एसएफआई हिमाचल प्रदेश के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर और राज्य सचिव सनी सेक्टा ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, तकनीकी खामियों और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं के बावजूद केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय जवाबदेही तय करने में विफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में बढ़ती अव्यवस्थाओं का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

एसएफआई नेताओं ने कहा कि यूजीसी-नेट 2024 परीक्षा को आयोजित होने के एक दिन बाद रद्द करना पड़ा था, जिससे लाखों अभ्यर्थी प्रभावित हुए। संगठन का दावा है कि पिछले एक दशक में देशभर में दर्जनों पेपर लीक और पुनर्परीक्षाओं की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे विद्यार्थियों में असुरक्षा का माहौल बना है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, एनटीए को समाप्त करने, परीक्षाओं के विकेंद्रीकरण, सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली समाप्त करने, परीक्षा घोटालों की स्वतंत्र न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। एसएफआई ने कहा कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। संगठन के अनुसार 19 जून को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय की ओर प्रस्तावित मार्च में हिमाचल प्रदेश से भी कार्यकर्ता भाग लेंगे और अपनी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed