चंबा सड़क हादसा: एक घर से उठीं छह अर्थियां, बिलखते परिजनों के बीच नम हुआ पूरा गांव
एक ही परिवार के छह सदस्यों की अर्थियां जब एक साथ घर से निकलीं तो परिजनों के विलाप से माहौल बेहद गमगीन हो गया।
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हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के मेहल गांव ने शुक्रवार को ऐसा दर्दनाक मंजर देखा, जिसे आने वाली पीढ़ियां शायद ही भूल पाएंगी। एक ही परिवार के छह सदस्यों की अर्थियां जब एक साथ घर से निकलीं तो परिजनों के विलाप से माहौल बेहद गमगीन हो गया मसरूंड-माणी सड़क हादसे में जान गंवाने वाले छह लोगों का अंतिम संस्कार बजाखोरी नाला श्मशानघाट में किया गया, जहां एक साथ छह चिताएं जलती देख हर आंख नम हो गई।
तीन सगे भाइयों समेत परिवार की छह जिंदगियां एक झटके में खत्म हो गई थीं
बुधवार देर रात हुए हादसे में तीन सगे भाइयों समेत परिवार की छह जिंदगियां एक झटके में खत्म हो गई थीं। शुक्रवार को श्मशानघाट में छह चिताओं को एक साथ अग्नि दी गई, तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। चारों ओर सिर्फ सिसकियां, रोते-बिलखते परिजन-रिश्तेदार और गम में डूबे ग्रामीण नजर आए। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्र के गण्यमान्य लोग पहुंचे।
ग्रामीण बोले- जीवन में पहली बार इतना हृदयविदारक दृश्य देखा
सभी ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतना हृदयविदारक दृश्य देखा है। दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए लोगों ने परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
दादा को अंतिम विदाई देने 24 घंटे में अमेरिका से चंबा पहुंची पोती
इस दुखद हादसे की खबर सुनते ही मृतक देवी सिंह की पोती अमेरिका से अपने गांव के लिए रवाना हो गई। अमेरिका से दिल्ली और फिर सड़क मार्ग से चंबा पहुंचकर वह महज 24 घंटे के भीतर दादा की अंतिम विदाई में शामिल हुई। वहीं, हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतक चुन्नी लाल का बेटा अनूप कुमार भी घर पहुंचा। मुखाग्नि अनूप के भाई पवन कुमार ने दी। मृतक मोती राम, देवी सिंह और चुन्नी लाल के सेना में सेवारत भाई कर्मचंद भी पहुंचे। चुन्नी लाल का बेटा अनूप भी सेना में कार्यरत है। संस्कार के लिए परिजनों ने उनका इंतजार किया। इसके बाद दाह संस्कार किया गया।