हिमाचल: दूध और कुरकुरे के खाली पैकेट में शिमला पहुंचाया जा रहा चिट्टा, मुख्य सप्लायर फरीदाबाद से गिरफ्तार
शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सप्लायर रवि अहिरवार को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले तीन महीनों में नेटवर्क के जरिए 1.25 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। तस्कर खाद्य पदार्थों के खाली पैकेटों में चिट्टा छिपाकर लोकेशन आधारित डिलीवरी करते थे।
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जांच में पता चला है कि रवि अहिरवार वर्ष 2025 से मोहाली क्षेत्र में रह रहा था और हिमाचल में चिट्टा की अवैध तस्करी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। जांच में सामने आया है कि रवि को इस काम के लिए नशे की कीमत के हिसाब से 10 से 30 फीसदी तक कमीशन मिलता था। एक साल में वह करीब 50 बार शिमला आकर नशे की डिलीवरी कर चुका है। पुलिस ने जब मुख्य सरगना विशाल यादव के मोबाइल की पड़ताल की तो इस गिरोह के लोकेशन बेस्ड नेटवर्क का पता चला। पुलिस को मुख्य आरोपी विशाल यादव के मोबाइल में ऐसे कई वीडियो मिले हैं जिसमें नशे को झाड़ियों और आसपास के सुनसान जगहों पर छिपाकर रखा है। पुलिस को शक है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह में कई और लोग संलिप्त हो सकते हैं जिनकी पहचान करने के लिए मामले के हर पहलू की छानबीन कर रही है।
एएसपी अभिषेक ने बताया कि शिमला पुलिस के मुताबिक जिले में नशे का जाल फैलाकर युवाओं की जिंदगी को बर्बाद करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यही वजह है कि हर मामले की बैकवर्ड लिंकेज की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इसमें दूसरे राज्यों में बैठकर नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहे बड़े सप्लायरों को पकड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उनकी वित्तीय जांच भी की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं है बल्कि तस्करी के स्रोतों और सप्लाई चेन पर भी प्रहार किया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या केवल सात थी। पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में शिमला पुलिस ने एक किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी जबकि वर्ष 2026 में महज छह महीने से कम समय में दो किलोग्राम हेरोइन जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा इस वर्ष 37 ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।