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Shimla: सीएम सुक्खू से 10वीं कक्षा के छात्र ने पूछा- विधायक बनने के लिए कोई परीक्षा क्यों नहीं होती?

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/नेरवा Published by: Krishan Singh Updated Wed, 27 May 2026 07:10 PM IST
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सार

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 150 से अधिक विद्यालयों में सीबीएसई पाठयक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ संवाद करने से उन्हें उनकी समस्याओं को समझने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने का अवसर मिलता है।

CM Sukhu Interacts with Students of CBSE School Nerwa; Student Asks: Why Is There No Exam to Become an MLA
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सीबीएसई स्कूल नेरवा के विद्यार्थियों से किया संवाद। - फोटो : संवाद
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विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेरवा के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस विद्यालय को हाल ही में सीबीएसई पाठयक्रम के अंतर्गत लाया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 150 से अधिक विद्यालयों में सीबीएसई पाठयक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ संवाद करने से उन्हें उनकी समस्याओं को समझने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालय के सीबीएसई संस्थान बनने के बाद नेरवा स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसलिए राज्य सरकार ने विद्यालय को दो शिफ्टों में संचालित करने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि नेरवा में पांच करोड़ रुपये की लागत से नया स्कूल भवन निर्मित किया जाएगा, इसका निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

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विद्यार्थियों ने सीएम से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने स्कूल से संबंधित मामलों के साथ अन्य विषयों पर भी प्रश्न पूछे। 11वीं कक्षा की छात्रा सारा नेगी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि लोग उन्हें ‘योद्धा’ क्यों कहते हैं। इस प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी एक साधारण परिवार से आते हैं और उन्होंने जीवन पर्यन्त संघर्ष किया है। जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और किसी कार्य में असफलता भी मिलती हैं, लेकिन जो व्यक्ति बार-बार असफल होने के बावजूद निरंतर कड़ी मेहनत करना जारी रखता है वह अंततः अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है और सच्चा विजेता बनकर उभरता है। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से निराश न होने की सलाह दी।

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जेसिका ने राज्य के लिए सीएम के सबसे बड़े लक्ष्य पर किया सवाल

12वीं कक्षा की छात्रा जेसिका ने राज्य के लिए उनके सबसे बड़े लक्ष्य के बारे में सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं ताकि गांवों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। छात्रा अनुष्का ने आईटी विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक पाठयक्रमों की तर्ज पर ऑन-जॉब ट्रेनिंग की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुझाव पर विचार किया जाएगा।

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छात्र विहीन चौहान ने पूछा ये सवाल

दसवीं कक्षा के छात्र विहीन चौहान ने पूछा कि विधायक बनने के लिए कोई परीक्षा क्यों नहीं होती। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं, लेकिन विधायक बनने की परीक्षा के लिए कोई तैयारी नहीं करवाता। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा हर पांच वर्ष में होती है और जनता चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का भाग्य तय करती है। जब नागरिक अपने मताधिकार का सही उपयोग करते हैं, तभी सही नेतृत्व उभरकर आता है। मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए छात्र वैभव ने कहा कि वह भी एक दिन अवश्य चुनाव लड़ेगा।

छात्रा नेहा ने पूछा- गांवों में पढ़ने वाले बच्चों को शहरों के समान अत्याधुनिक शिक्षा कैसे मिले

12वीं कक्षा की छात्रा नेहा ने पूछा कि गांवों में पढ़ने वाले बच्चों को शहरों के समान अत्याधुनिक शिक्षा कैसे मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूल खोलना इस दिशा में उठाया गया पहला कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की नियुक्ति कर रही है और शैक्षणिक अधोसंरचना को मजबूत कर रही है।

विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन के इस्तेमाल व ट्रैफिक समस्या पर भी पूछे सवाल

मोबाइल फोन के उपयोग के संबंध में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सवाल पूछा कि क्या कोई छात्र स्कूल में मोबाइल फोन लेकर आता है। सभी विद्यार्थियों ने नहीं में उत्तर दिया, जिससे पूरे पंडाल में हंसी का माहौल बन गया। 11वीं कक्षा के छात्र वैभव चौहान ने कस्बों में ट्रैफिक जाम की समस्या उठाते हुए कहा कि जाम के कारण विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि एक बाईपास सड़क का निर्माण किया जाएगा। छात्र ने नेरवा में डाॅक्टरों की कमी का मामला भी उठाया और कहा कि इलाज के लिए मरीजों को शिमला जाना पड़ता है।

स्कूलों में विदेशी भाषाएं भी पढ़ाई जानी चाहिए: अदिति सूद

छात्रा अदिति सूद ने सुझाव दिया कि स्कूलों में विदेशी भाषाएं भी पढ़ाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 12वीं के बाद विदेशी भाषाएं सीखने के अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को विदेशों में रोजगार प्राप्त करने में भी सहायता कर रही है, लेकिन विदेशी भाषाओं का ज्ञान न होने के कारण कई युवाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए विदेशी भाषा की शिक्षा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वच्छता का मुद्दा भी उठाया

कुछ विद्यार्थियों ने स्कूलों की स्वच्छता का मुद्दा भी उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में बेहतर शौचालय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं और यदि कोई शिकायत हो तो विद्यार्थी प्रधानाचार्य से भी संपर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने स्कूल के बच्चों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विद्यालय का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के साथ बातचीत की।  इस अवसर पर कांग्रेस के नेता रजनीश किमटा और विनोद जिंटा, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष एसपी कत्याल, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, स्टाफ के सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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