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Himachal News: सीएम सुक्खू बोले- सरकार चंबा में स्किल-बेस्ड, वोकेशनल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड यूनिवर्सिटी बनाएगी
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:14 PM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने चंबा जिले में 'ग्लोबल स्किल्स एंड डिजिटल यूनिवर्सिटी' बनाने की मंजूरी दी है। ये जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दी। पढ़ें पूरी खबर...
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में चंबा जिले में 'ग्लोबल स्किल्स एंड डिजिटल यूनिवर्सिटी' बनाने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी का बनना राज्य में अच्छी क्वालिटी की हायर एजुकेशन, डिजिटल और स्किल डेवलपमेंट को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी चंबा जिले की सिहुंता तहसील के मोहल चलेरा में बनाई जाएगी, जिसका खास फोकस स्किल-बेस्ड, वोकेशनल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड शिक्षा पर होगा।
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उन्होंने कहा कि इस फैसले का मकसद राज्य के युवाओं को फायदा पहुंचाने के लिए रोजगार की संभावना बढ़ाना, एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना, इनोवेशन को बढ़ावा देना और 'सीखते-पढ़ते कमाते' मॉडल लागू करना है। उन्होंने कहा कि यह इंस्टीट्यूशन क्रेडिट-बेस्ड और नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टोरल प्रोग्राम ऑफर करेगा, जिसमें मॉडर्न एजुकेशनल प्रैक्टिस के हिसाब से ऑनलाइन, ब्लेंडेड और एक्सपीरिएंशियल लर्निंग मोड शामिल होंगे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में आसान और अच्छी हायर एजुकेशन देने के लिए कमिटेड है। यूनिवर्सिटी का अधिकार क्षेत्र पूरे हिमाचल प्रदेश में होगा, बशर्ते सभी कानूनी और रेगुलेटरी जरूरतें पूरी हों। एकेडमिक स्ट्रक्चर में हेल्थकेयर और एलाइड साइंसेज, मैनेजमेंट और कॉमर्स, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी साइंसेज, हॉस्पिटैलिटी और कलिनरी आर्ट्स, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी, अपैरल और टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, प्लास्टिक और पेट्रोकेमिकल्स, फिटनेस और फिजिकल एजुकेशन, कारपेटिंग और फर्नीचर, ड्रोन डेवलपमेंट और एप्लीकेशन, एनवायरनमेंट और डिजास्टर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर और लैंग्वेज के स्कूल शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि यह पहल इंडस्ट्री की ज़रूरतों और ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से भविष्य के लिए तैयार एजुकेशन इकोसिस्टम बनाने के राज्य सरकार के विजन को दिखाती है। यूनिवर्सिटी बनने से शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रोज़गार के नए मौके मिलने की उम्मीद है, जिससे चंबा जिले और राज्य की सामाजिक-आर्थिक तरक्की में काफी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने आगे जोर दिया कि स्टूडेंट्स को नई टेक्नोलॉजी और बदलते ग्लोबल जॉब मार्केट के लिए तैयार करने के लिए डिजिटल स्किल्स पर खास ज़ोर दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर-सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, फिनटेक और ई-कॉमर्स में प्रोग्राम शुरू करेगी, साथ ही वर्चुअल लैब और इंडस्ट्री के साथ मिलकर काम करने के जरिए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी देगी। इस डिजिटल फोकस से यह पक्का होगा कि राज्य के दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों के स्टूडेंट्स भी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से रूबरू हों और दुनिया भर में कॉम्पिटिटिव प्रोफेशनल बनें।
उन्होंने कहा कि युवाओं में रोज़गार की संभावना बढ़ाने और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए मज़बूत इंडस्ट्री लिंकेज, अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम, इनक्यूबेशन सेंटर और प्लेसमेंट सपोर्ट सेल बनाए जाएंगे। सेक्टर स्किल काउंसिल और बड़ी इंडस्ट्रीज़ को करिकुलम डिज़ाइन करने और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के मौके देने के लिए शामिल किया जाएगा, ताकि यह पक्का हो सके कि स्टूडेंट्स जॉब के लिए तैयार स्किल्स के साथ ग्रेजुएट हों। 'सीखते हुए कमाते हुए' मॉडल स्टूडेंट्स को फाइनेंशियली और मज़बूत बनाएगा, साथ ही उन्हें एकेडमिक लर्निंग के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव भी मिलेगा।
एजुकेशन सेक्टर में बड़े पैमाने पर 'व्यवस्था परिवर्तन' पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गवर्नेंस, करिकुलम डिज़ाइन और इंस्टीट्यूशनल अकाउंटेबिलिटी में सुधार की दिशा में काम कर रही है ताकि एजुकेशन को ज़्यादा ट्रांसपेरेंट, आउटकम-ड्रिवन और स्टूडेंट-सेंट्रिक बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स एंड डिजिटल यूनिवर्सिटी, इनोवेशन, इनक्लूसिविटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देते हुए, शिक्षा और रोजगार के बीच के गैप को कम करते हुए, बड़ा बदलाव लाने में एक मॉडल इंस्टीट्यूशन के तौर पर काम करेगी।