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Himachal: सीएम सुक्खू ने जनगणना-2027 में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का किया आह्वान

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 02 Jun 2026 03:44 PM IST
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सार

 हिमाचल प्रदेश की जनगणना संचालन निदेशक दीप शिखा शर्मा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया, इसकी प्रमुख विशेषताओं तथा नागरिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।

CM sukhvinder Sukhu Calls for Active Participation in Census 2027
सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने स्व-गणना अभियान में भाग लिया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों से जनगणना के राष्ट्रीय महत्व के अभियान को सफल बनाने के लिए गणनाकर्ताओं, पर्यवेक्षकों तथा अन्य जनगणना अधिकारियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाकर सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने मंगलवार को जनगणना-2027 के तहत चल रहे स्व-गणना अभियान में भाग लिया और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जनगणना संबंधी अपनी जानकारी दर्ज की।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश की जनगणना संचालन निदेशक दीप शिखा शर्मा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया, इसकी विशेषताओं तथा नागरिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
 

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मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और 15 जून तक अपनी स्व-गणना पूरी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनगणना लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था और विकास की आधारशिला है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाएं बनाई जाती हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण 16 जून से 15 जुलाई ‘गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना’ पर आधारित होगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक देहरा कमलेश ठाकुर तथा मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार भी उपस्थित थे।

अब कठिन परिस्थितियों में कार्यरत पुलिस कर्मियों को भी कानूनी संरक्षण

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 के तहत अब कठिन और प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को भी कानूनी संरक्षण मिलेगा। पहले कानूनी संरक्षण केवल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्राप्त था। उन्होंने कहा कि आईएएस, आईपीएस और आईएफएस कैडर में कमी की जा रही है। सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए पात्रता सेवा अवधि में आवश्यक छूट देने का निर्णय लिया है, जिससे उन्हें मानद हेड कांस्टेबल और मानद एएसआई के रूप में नियुक्ति का अवसर मिल सके। हिमाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत पूर्व सैनिकों ने मंगलवार को ओकओवर में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

राज्य सरकार के हाल ही में लिए गए निर्णय के तहत 246 पूर्व सैनिकों को हेड कांस्टेबल तथा 115 को एएसआई के रूप में नियुक्ति प्रदान की है। सुक्खू ने कहा कि पूर्व सैनिकों की एक रैंक पर उच्च नियुक्ति देने से उनकी गरिमा बढ़ेगी और उनकी सेवाओं को उचित सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में अग्निवीर भर्ती योजना लागू होने के बाद युवाओं का सेना के प्रति आकर्षण कुछ कम हुआ है। इसके बावजूद राज्य सरकार अग्निवीरों के लिए रोजगार के अधिकतम अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।

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