Himachal: ड्राइंग की उत्तरपुस्तिकाओं से की गई छेड़छाड़, फोरेंसिंक जांच में खुलासा; बोर्ड को मिली रिपोर्ट
विद्यार्थियों की ड्राइंग की उत्तरपुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायत जांच में सही पाई गई है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता में परीक्षा देने वाले ज्योरा स्कूल के विद्यार्थियों की ड्राइंग की उत्तरपुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायत जांच में सही पाई गई है। फोरेंसिक जांच में उत्तरपुस्तिकाओं में कुछ उत्तरों को काटकर दोबारा लिखा पाया गया है। लिखावट भी विद्यार्थियों की हैंडराइटिंग से अलग पाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर रहा है, ताकि यह पता चल सके कि किसने सही उत्तर काटकर गलत लिखे थे। बोर्ड ने नौ उत्तरपुस्तिकाएं जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजी थीं।
विद्यार्थियों की लिखावट के नमूने लेकर की जांच
राजकीय उच्च पाठशाला ज्योरा के विद्यार्थियों ने मार्च में झंडूता स्कूल में परीक्षा दी थी। 11 विद्यार्थी ड्राइंग में कम अंक आने पर संतुष्ट नहीं थे। उनका आरोप था कि परीक्षा केंद्र में उत्तरपुस्तिका में उनके लिखे गए उत्तर काटकर किसी ने गलत लिखे हैं। उत्तरपुस्तिकाओं में जहां-जहां भी शब्द काट कर लिखे गए थे, उसे विद्यार्थियों ने अपनी हैंडराइटिंग नहीं बताया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड ने नवंबर 2025 में विद्यार्थियों की लिखावट के नमूने लेकर उनकी उत्तरपुस्तिकाएं जांच के लिए फोरेंसिक लैब धर्मशाला भेज दीं। लैब में उत्तरपुस्तिकाओं में लिखे उत्तरों के साथ उनकी लिखावट के नमूनों की जांच की गई तो मिलान नहीं हुआ। जांच में पाया गया कि सही उत्तरों को काटकर उनकी जगह गलत उत्तर किसी और ने ही लिखे हैं।
ये था मामला
ज्योरा स्कूल की छात्राओं के ड्राइंग को छोड़कर अन्य सभी विषयों में 90 से अधिक अंक आए थे, जबकि ड्राइंग में 70 से 72 के बीच अंक थे। इससे असंतुष्ट होने के कारण उन्होंने पुनर्निरीक्षण के लिए आवेदन किया, जिसमें उनका एक ही अंक बढ़ा। इसके बाद उन्होंने आरटीआई से उत्तरपुस्तिकाएं मांगीं तो छेड़छाड़ का पता चला। इसके बाद उन्होंने बोर्ड में शिकायत की।
बोर्ड ने इन उत्तरपुस्तिकाओं को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा था। वहां से रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में छेड़छाड़ की शिकायत सही पाई गई है। बोर्ड एक कमेटी गठित कर रहा है, जो पूरे मामले की जांच करेगी।- डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव स्कूल शिक्षा बोर्ड