Himachal: हिमाचल में नहीं होंगे शिक्षकों के सामान्य तबादले, जरूरी मामलों पर ही होगा विचार
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि अब सिर्फ अत्यंत जरूरी मामलों में ही तबादलों पर विचार किया जाएगा, ताकि स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र से शिक्षकों के सामान्य तबादलों पर रोक बरकरार रखने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि अब सिर्फ अत्यंत जरूरी मामलों में ही तबादलों पर विचार किया जाएगा, ताकि स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित न हो। सरकार के इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण प्रदेश के 155 सीबीएसई स्कूलों में इसी माह होने वाली नई नियुक्तियां हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती परीक्षा के माध्यम से की जानी है, जिसके चलते बड़े स्तर पर तबादलों की स्थिति बन रही है।
सीबीएसई स्कूलों में परीक्षा की मेरिट पर होगी शिक्षकों की नियुक्ति
सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा की मेरिट के आधार पर होनी है। इससे इन स्कूलों में वर्तमान स्टाफ में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। नई चयन प्रक्रिया लागू होने के बाद कई शिक्षकों को अन्य स्थानों पर भेजा जा सकता है, जबकि योग्य शिक्षकों को इन स्कूलों में तैनाती मिलेगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सत्र की शुरुआत में बड़े पैमाने पर तबादले करने से स्कूलों की व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सामान्य तबादलों पर रोक रहेगी।
31 मार्च को प्रदेश में 650 शिक्षक हुए सेवानिवृत्त
31 मार्च को प्रदेश में करीब 650 शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए हैं, जिससे कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसे में नई नियुक्तियों और सीमित तबादलों के जरिये कमी को पूरा किया जाएगा।
सेवानिवृत्ति की पूर्व सूचना अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के बीच में सेवानिवृत्ति लेने की स्थिति में पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। इससे विभाग को समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। जो शिक्षक सेवानिवृत्ति की सूचना नहीं देंगे, उनकी सेवाएं 31 मार्च 2027 तक जारी रहेंगी।