Himachal Congress: प्रतिभा सिंह बोलीं- संगठन की मजबूती के लिए सदस्यता अभियान तेज करना जरूरी
प्रतिभा सिंह ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा और कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को बनाए रखना पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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प्रदेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने पीसीसी के नव नियुक्त पदाधिकारियों से सदस्यता अभियान तेज करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा और कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को बनाए रखना पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने होली लॉज में पदाधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार कार्यकर्ताओं की मेहनत से बनी है, इसलिए उनके मनोबल को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने पार्टी के नव नियुक्त पदाधिकारियों को आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों के लिए अभी से जुटने के लिए कहा। रणनीति बनाने और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को और मजबूत बनाना अब सभी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है।
अनुशासनहीनता पर कांग्रेस में नो टाॅलरेंस की नीति होगी लागू : राठौर
वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने स्पष्ट किया है कि संगठन की मजबूती अनुशासन पर ही टिकी होती है और कांग्रेस पार्टी भी इससे अलग नहीं है। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल का अपना संविधान होता है, जिसके तहत कार्य करना सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान राठौर ने दो टूक कहा कि वह किसी भी दबाव में काम नहीं करते। बतौर अनुशासन समिति के अध्यक्ष सभी फैसले पार्टी हित व संविधान के अनुरूप ही लिए जाएंगे। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई विधायक, पदाधिकारी या नेता संगठनात्मक कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करता है या पार्टी मंच से बाहर अपनी व्यक्तिगत राय सार्वजनिक करता है तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया कि जल्द ही अनुशासन समिति की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
सस्ते अमेरिकी सेब से तबाह हो जाएगी बागवानी अर्थव्यवस्था
राठौर ने अमेरिका की ओर से जीरो टैरिफ की मांग पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि सेब पर आयात शुल्क कम हुआ, तो सस्ते विदेशी सेब हिमाचल की बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को तबाह कर देंगे। राठौर ने विधानसभा में पारित प्रस्ताव को केंद्र के लिए एक सशक्त संदेश बताया और उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर से भी एकजुट होकर ऐसे ही प्रस्ताव पारित करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि भारत को अमेरिकी दबाव में न आकर किसानों के हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए। साथ ही, कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए किसान आयोग के गठन के फैसले का भी स्वागत किया।