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Shimla News: सब्जी मंडी से दफ्तर शिफ्ट किया, फाइलें ले जाना भूली पेयजल कंपनी
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खास खबर
राजधानी में पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़े रिकॉर्ड के निस्तारण में कंपनी की बड़ी लापरवाही, मलबे में दबी हैं सैकड़ों फाइलें
सब्जी मंडी में पुराने भवनों को गिरा रहा है नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के सब्जी मंडी स्थित कार्यालय को पेयजल कंपनी ने रातोंरात शिफ्ट तो कर दिया, लेकिन पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ी सैकड़ों पुरानी फाइलें वहीं छोड़ दीं। अब भवनों को गिराने के दौरान यह फाइलें मलबे में दब रही हैं। पुराने रिकॉर्ड के उचित निस्तारण में बरती गई इस लापरवाही ने कंपनी को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
सब्जी मंडी स्थित कार्यालय में पेयजल कंपनी के कनिष्ठ अभियंता का कार्यालय संचालित होता था। यहां कंपनी का स्टोर और मीटर जांच प्रयोगशाला भी थी। वर्ष 2018 में शहर की पेयजल व्यवस्था नगर निगम से कंपनी को हस्तांतरित होने के बाद निगम ने पेयजल उपभोक्ताओं से संबंधित सभी पुराने रिकॉर्ड कंपनी को सौंप दिए थे। इनमें नए पेयजल कनेक्शनों से संबंधित आवेदन और अन्य महत्वपूर्ण फाइलें शामिल हैं। कंपनी ने यह रिकॉर्ड सब्जी मंडी स्थित अपने स्टोर में सुरक्षित रखा था। यहां अंग्रेजों के समय की पुरानी पेयजल मशीनरी, उपकरण और अन्य सामग्री भी रखी थीं जिसका वर्षों तक निस्तारण नहीं किया गया। नगर निगम ने सब्जी मंडी में नए परिसर के निर्माण के लिए कंपनी को कार्यालय, स्टोर और प्रयोगशाला खाली करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कंपनी ने कार्यालय का फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान तो मेट्रोपोल पार्किंग स्थित नए कार्यालय में शिफ्ट कर दिया लेकिन पुरानी फाइलों और रिकॉर्ड को वहीं छोड़ दिया। अब भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान यह रिकॉर्ड मलबे में दब रहा है।
पुरानी फाइलों के निस्तारण के लिए हैं स्पष्ट नियम
नगर निगम के अनुसार, पुरानी फाइलों और जनता से जुड़े सभी रिकॉर्ड का नियमानुसार निस्तारण किया जाना अनिवार्य है। रिकॉर्ड से छेड़छाड़ या उसके दुरुपयोग की आशंका से बचने के लिए सरकारी विभागों को ऐसे दस्तावेजों का सुरक्षित और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारण करना होता है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि इस मामले में पेयजल कंपनी से जवाब मांगा जाएगा। यह भी पूछा जाएगा कि इतना महत्वपूर्ण रिकॉर्ड वहां क्यों छोड़ा गया।
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इस मामले में रिपोर्ट ली जाएगी
पेयजल कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने कहा कि जनता से जुड़े सभी पुराने रिकॉर्ड का नियमानुसार निस्तारण होना आवश्यक है। सब्जी मंडी से पुरानी फाइलें क्यों शिफ्ट नहीं की गईं, इस संबंध में रिपोर्ट तलब की जाएगी। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा।
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राजधानी में पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़े रिकॉर्ड के निस्तारण में कंपनी की बड़ी लापरवाही, मलबे में दबी हैं सैकड़ों फाइलें
सब्जी मंडी में पुराने भवनों को गिरा रहा है नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के सब्जी मंडी स्थित कार्यालय को पेयजल कंपनी ने रातोंरात शिफ्ट तो कर दिया, लेकिन पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ी सैकड़ों पुरानी फाइलें वहीं छोड़ दीं। अब भवनों को गिराने के दौरान यह फाइलें मलबे में दब रही हैं। पुराने रिकॉर्ड के उचित निस्तारण में बरती गई इस लापरवाही ने कंपनी को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
सब्जी मंडी स्थित कार्यालय में पेयजल कंपनी के कनिष्ठ अभियंता का कार्यालय संचालित होता था। यहां कंपनी का स्टोर और मीटर जांच प्रयोगशाला भी थी। वर्ष 2018 में शहर की पेयजल व्यवस्था नगर निगम से कंपनी को हस्तांतरित होने के बाद निगम ने पेयजल उपभोक्ताओं से संबंधित सभी पुराने रिकॉर्ड कंपनी को सौंप दिए थे। इनमें नए पेयजल कनेक्शनों से संबंधित आवेदन और अन्य महत्वपूर्ण फाइलें शामिल हैं। कंपनी ने यह रिकॉर्ड सब्जी मंडी स्थित अपने स्टोर में सुरक्षित रखा था। यहां अंग्रेजों के समय की पुरानी पेयजल मशीनरी, उपकरण और अन्य सामग्री भी रखी थीं जिसका वर्षों तक निस्तारण नहीं किया गया। नगर निगम ने सब्जी मंडी में नए परिसर के निर्माण के लिए कंपनी को कार्यालय, स्टोर और प्रयोगशाला खाली करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कंपनी ने कार्यालय का फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान तो मेट्रोपोल पार्किंग स्थित नए कार्यालय में शिफ्ट कर दिया लेकिन पुरानी फाइलों और रिकॉर्ड को वहीं छोड़ दिया। अब भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान यह रिकॉर्ड मलबे में दब रहा है।
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पुरानी फाइलों के निस्तारण के लिए हैं स्पष्ट नियम
नगर निगम के अनुसार, पुरानी फाइलों और जनता से जुड़े सभी रिकॉर्ड का नियमानुसार निस्तारण किया जाना अनिवार्य है। रिकॉर्ड से छेड़छाड़ या उसके दुरुपयोग की आशंका से बचने के लिए सरकारी विभागों को ऐसे दस्तावेजों का सुरक्षित और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारण करना होता है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि इस मामले में पेयजल कंपनी से जवाब मांगा जाएगा। यह भी पूछा जाएगा कि इतना महत्वपूर्ण रिकॉर्ड वहां क्यों छोड़ा गया।
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इस मामले में रिपोर्ट ली जाएगी
पेयजल कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने कहा कि जनता से जुड़े सभी पुराने रिकॉर्ड का नियमानुसार निस्तारण होना आवश्यक है। सब्जी मंडी से पुरानी फाइलें क्यों शिफ्ट नहीं की गईं, इस संबंध में रिपोर्ट तलब की जाएगी। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा।