Census 2027: हिमाचल में जनगणना का प्रथम चरण 16 से, 33 आधिकारिक प्रश्नों से जुटाई जाएगी जानकारी
जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का औपचारिक आरंभ 16 जून से किया जा रहा है।
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हिमाचल प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का औपचारिक आरंभ 16 जून से किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण चरण 15 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 13 जून तक सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्व गणना की अवधि 15 जून की रात 12 बजे तक तय की गई। जगनगणना निदेशालय ने जानकारी दी कि इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक जानकारी एकत्र करने के लिए एचएलओ मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे। जिन नागरिकों ने 1 से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व गणना पूरी कर ली है, उन्हें अपनी स्वगणना आईडी प्रगणकों को उपलब्ध करवानी होगी। यदि किसी कारणवश नागरिक स्व गणना नहीं कर पाए हैं, तो प्रगणक 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान प्रगणक 33 आधिकारिक प्रश्नों के माध्यम से जानकारी जुटाएंगे। इन प्रश्नों में मकान, परिवार, पानी, बिजली, शौचालय, अनाज और घरेलू उपकरणों की उपलब्धता जैसी बुनियादी जरूरतें शामिल हैं। यह जानकारी देश के विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होगी। जनगणना कार्य निदेशालय ने सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया है।
घर आए प्रगणक की पहचान आईडी कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन कर करें
जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। घर आए प्रगणक की पहचान के लिए आम नागरिक उनके आईडी कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन कर सत्यता की जांच कर सकते हैं। यह कदम नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है। निदेशालय ने नागरिकों से किसी भी भ्रामक सूचना से सावधान रहने की अपील की है। निदेशालय यह भी स्पष्ट करता है कि जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार की बैंक विवरण, ओटीपी या कोई भी वित्तीय दस्तावेज नहीं मांगा जाता है। नागरिक ऐसी किसी भी मांग पर ध्यान न दें। जनगणना से संबंधित किसी भी आधिकारिक जानकारी या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क किया जा सकता है। यह हेल्पलाइन नंबर नागरिकों की शंकाओं का समाधान करेगा और सही जानकारी प्रदान करेगा।
स्कूल के बाद जनगणना के आदेश चंबा में न बदलने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
उधर, स्कूल ड्यूटी के बाद जनगणना करने के आदेश चंबा जिला में न बदलने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। शिक्षक संघ ने हाईकोर्ट में इस बाबत याचिका दायर की है। राजकीय टीजीटी कला संघ के महासचिव विजय हीर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जनगणना निदेशक को रिपोर्ट देने के बावजूद अन्य जिलों की तर्ज पर कार्रवाई नहीं होने पर याचिका दायर की गई है। बीते दिनों कुल्लू और हमीरपुर जिला प्रशासन की ओर से इस बाबत आदेश संशोधित किए गए थे। कुल्लू, चंबा और हमीरपुर में जिला प्रशासन ने शिक्षकों से स्कूल ड्यूटी के बाद जनगणना करने को कहा था। उधर, राजकीय टीजीटी कला संघ ने शिक्षा विभाग से आगामी परीक्षाओं के शेड्यूल की समीक्षा करने की मांग की है। संघ ने जनगणना ड्यूटी के मद्देनजर इसमें बदलाव करने को कहा है। शिक्षकों को चुनावी और मूल्यांकन ड्यूटी के बाद अब जनगणना कार्य में लगाया गया है, जिससे पाठ्यक्रम पूरा करने में अतिरिक्त समय लग रहा है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, उपाध्यक्ष विजय बरवाल और महासचिव विजय हीर ने कहा कि इस सत्र में चुनावी ड्यूटी, शिक्षा बोर्ड पेपर मूल्यांकन ड्यूटी और अब जनगणना ड्यूटी के कारण शिक्षकों को परीक्षाओं का पाठ्यक्रम पूरा करने और दोहराने में अतिरिक्त वक्त चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्यों के लिए आवधिक मूल्यांकन शेड्यूल में बदलाव करना शिक्षक और विद्यार्थी दोनों के हित में है। संघ के प्रयासों से हमीरपुर और कुल्लू जिलों में जनगणना के आदेश संशोधित हुए हैं। इन जिलों में अंशकालिक जनगणना की जगह पूर्णकालिक जनगणना कार्य की अनुमति दी गई है।