सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   For approval of additional construction, a fee of Rs 3000 to Rs 7000 per square meter will have to be paid.

Himachal: अतिरिक्त निर्माण की मंजूरी के लिए 3000 से 7000 रुपये प्रतिवर्ग मीटर चुकाना होगा शुल्क

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 07 Mar 2026 05:00 AM IST
विज्ञापन
सार

अधिसूचनाओं के माध्यम से प्रीमियम एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) और ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता को अनिवार्य कर दिया गया है। 

For approval of additional construction, a fee of Rs 3000 to Rs 7000 per square meter will have to be paid.
शहरी विकास और रियल एस्टेट क्षेत्र के नए नियम लागू। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

नगर एवं ग्राम योजना (टीसीपी) विभाग ने हिमाचल प्रदेश में शहरी विकास और रियल एस्टेट क्षेत्र को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। विभाग की ओर से 27 फरवरी 2026 को जारी दो अधिसूचनाएं शुक्रवार को राजपत्र में प्रकाशित कर दी गईं। इन अधिसूचनाओं के माध्यम से प्रीमियम एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) और ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता को अनिवार्य कर दिया गया है। इन संशोधनों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास को बढ़ावा देना और पर्यावरण अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करना है।

Trending Videos

नगर एवं ग्राम योजना (18वां संशोधन) नियम, 2026 के तहत अब रियल एस्टेट परियोजनाओं को अतिरिक्त प्रीमियम एफएआर खरीदने की सुविधा दी गई है। इसके लिए शुल्क की दरें निर्धारित की गई हैं। 0.25 तक (250 वर्ग मीटर) अतिरिक्त एफएआर के लिए 3000 रुपये प्रति वर्ग मीटर, 0.25 से 0.50 तक 5000 रुपये और 0.50 से 0.75 तक 7000 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क देना होगा। यह सुविधा केवल उन परियोजनाओं के लिए लागू होगी जिनका निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है या जो निर्माणाधीन हैं। जिन परियोजनाओं को कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल चुका है, उन पर यह नियम लागू नहीं होगा।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा 17वें संशोधन के तहत 750 वर्ग मीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र वाले व्यावसायिक, सार्वजनिक और रियल एस्टेट भवनों के लिए हिमाचल प्रदेश ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (एचपीईसीबीसी) 2018 का पालन अनिवार्य किया गया है। इसके दायरे में होटल, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और व्यावसायिक परिसर शामिल होंगे। साथ ही सभी नए व्यावसायिक और सार्वजनिक भवनों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट बनाना भी अनिवार्य किया गया है। पर्यावरण अनुकूल निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ग्रीन बिल्डिंग को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया है। इसके तहत मान्यता प्राप्त संस्थाओं से ग्रीन रेटिंग प्राप्त करने वाले भवनों को 0.25 अतिरिक्त एफएआर मुफ्त दिया जाएगा। हालांकि यदि कोई परियोजना निर्धारित ग्रीन रेटिंग हासिल नहीं कर पाती है तो उसे सामान्य शुल्क से दस गुना अधिक दंड देना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed