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Shimla News: कूड़ा बिल न चुकाने वालों की मौज सॉफ्टवेयर ठप होने से कार्रवाई अटकी
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खास खबर
कूड़ा बिल न चुकाने वाले 300 डिफाल्टरों को मिले थे बिजली-पानी काटने के नोटिस, अब नगर निगम नहीं ले पा रहा पैसा
सॉफ्टवेयर ठप होने से नहीं जमा हो रहे बिल
बिना बिल वसूले लौटाए जा रहे हैं डिफाल्टर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सालों से कूड़ा शुल्क न चुकाने वाले हजारों डिफाल्टरों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की प्रक्रिया फिलहाल लटक गई है। सॉफ्टवेयर ठप होने से अब नगर निगम न तो इनसे सालों पुराना कूड़ा बिल वसूल कर पा रहा है और न ही इनके बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश दे पा रहा है। इनमें से जिन 300 लोगों के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए थे, उन पर भी फिलहाल कार्रवाई रोक दी है। दरअसल, नया पोर्टल तैयार होने से पहले ही नगर निगम का मौजूदा कूड़ा बिल सॉफ्टवेयर ठप हो गया है। निगम नए सॉफ्टवेयर पर उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड अपलोड करने की औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। इसके चलते निगम को ऑनलाइन बिल जारी करने और भुगतान करने की सुविधा भी बंद करनी पड़ी है। यही नहीं, नगर निगम कार्यालय में बनाया कैश काउंटर भी नया सॉफ्टवेयर तैयार होने तक बंद करना पड़ा है। नगर निगम ने कुछ दिन पहले 300 डिफाल्टरों के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए थे।
यह वह लोग हैं, जिन्होंने कई साल से कूड़ा बिल जमा नहीं किया है। इनकी बिल राशि 10 हजार रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। इन्हें 15 दिन के भीतर बिल जमा करने का नोटिस जारी किया था। बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जाने के डर से ज्यादातर डिफाल्टर कार्यालय पहुंचे तो नगर निगम को इन्हें बिना बिल वसूले ही वापस लौटाना पड़ा। बिल जमा न होने के कारण डिफाल्टर भी राहत की सांस लेकर लौट रहे हैं।
अभी नहीं होगी कार्रवाई, नए नोटिस भी नहीं
नगर निगम का कहना है कि जिन डिफाल्टरों को जारी किए गए नोटिस की अवधि पूरी हो चुकी है, उन पर बिल जमा न करने के बावजूद अभी कार्रवाई नहीं होगी। नया सॉफ्टवेयर तैयार होने तक इन पर कार्रवाई रोक दी है। इसके अलावा शहर में अन्य डिफाल्टरों को भी नए नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे। शहर में 60 हजार से अधिक घरों, निजी और सरकारी संस्थानों से नगर निगम कूड़ा उठाता है। इन्हें कूड़े के मासिक बिल भी जारी किए जाते हैं। करीब 10 हजार से अधिक लोग ऐसे हैं, जो समय पर बिल जमा नहीं कर रहे हैं। निगम अब इन पर कार्रवाई शुरू कर रहा है, लेकिन सॉफ्टवेयर ठप होने से प्रक्रिया लटक गई है।
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25 के बाद लेंगे फैसला : डॉ. अंजलि
नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अंजलि चौहान ने कहा कि बिल भुगतान के लिए नए पोर्टल पर सुविधा दी जा रही है। इसे जल्द तैयार किया जाएगा। नए पोर्टल जब तक तैयार नहीं होता, तब तक बिल जमा नहीं होंगे। डिफाल्टरों पर आगामी क्या कार्रवाई करनी है, इस पर 25 अगस्त के बाद नया पोर्टल शुरू होने पर ही फैसला लिया जाएगा।
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कूड़ा बिल न चुकाने वाले 300 डिफाल्टरों को मिले थे बिजली-पानी काटने के नोटिस, अब नगर निगम नहीं ले पा रहा पैसा
सॉफ्टवेयर ठप होने से नहीं जमा हो रहे बिल
बिना बिल वसूले लौटाए जा रहे हैं डिफाल्टर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सालों से कूड़ा शुल्क न चुकाने वाले हजारों डिफाल्टरों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की प्रक्रिया फिलहाल लटक गई है। सॉफ्टवेयर ठप होने से अब नगर निगम न तो इनसे सालों पुराना कूड़ा बिल वसूल कर पा रहा है और न ही इनके बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश दे पा रहा है। इनमें से जिन 300 लोगों के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए थे, उन पर भी फिलहाल कार्रवाई रोक दी है। दरअसल, नया पोर्टल तैयार होने से पहले ही नगर निगम का मौजूदा कूड़ा बिल सॉफ्टवेयर ठप हो गया है। निगम नए सॉफ्टवेयर पर उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड अपलोड करने की औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। इसके चलते निगम को ऑनलाइन बिल जारी करने और भुगतान करने की सुविधा भी बंद करनी पड़ी है। यही नहीं, नगर निगम कार्यालय में बनाया कैश काउंटर भी नया सॉफ्टवेयर तैयार होने तक बंद करना पड़ा है। नगर निगम ने कुछ दिन पहले 300 डिफाल्टरों के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए थे।
यह वह लोग हैं, जिन्होंने कई साल से कूड़ा बिल जमा नहीं किया है। इनकी बिल राशि 10 हजार रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। इन्हें 15 दिन के भीतर बिल जमा करने का नोटिस जारी किया था। बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जाने के डर से ज्यादातर डिफाल्टर कार्यालय पहुंचे तो नगर निगम को इन्हें बिना बिल वसूले ही वापस लौटाना पड़ा। बिल जमा न होने के कारण डिफाल्टर भी राहत की सांस लेकर लौट रहे हैं।
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अभी नहीं होगी कार्रवाई, नए नोटिस भी नहीं
नगर निगम का कहना है कि जिन डिफाल्टरों को जारी किए गए नोटिस की अवधि पूरी हो चुकी है, उन पर बिल जमा न करने के बावजूद अभी कार्रवाई नहीं होगी। नया सॉफ्टवेयर तैयार होने तक इन पर कार्रवाई रोक दी है। इसके अलावा शहर में अन्य डिफाल्टरों को भी नए नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे। शहर में 60 हजार से अधिक घरों, निजी और सरकारी संस्थानों से नगर निगम कूड़ा उठाता है। इन्हें कूड़े के मासिक बिल भी जारी किए जाते हैं। करीब 10 हजार से अधिक लोग ऐसे हैं, जो समय पर बिल जमा नहीं कर रहे हैं। निगम अब इन पर कार्रवाई शुरू कर रहा है, लेकिन सॉफ्टवेयर ठप होने से प्रक्रिया लटक गई है।
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25 के बाद लेंगे फैसला : डॉ. अंजलि
नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अंजलि चौहान ने कहा कि बिल भुगतान के लिए नए पोर्टल पर सुविधा दी जा रही है। इसे जल्द तैयार किया जाएगा। नए पोर्टल जब तक तैयार नहीं होता, तब तक बिल जमा नहीं होंगे। डिफाल्टरों पर आगामी क्या कार्रवाई करनी है, इस पर 25 अगस्त के बाद नया पोर्टल शुरू होने पर ही फैसला लिया जाएगा।