India Gen Z Slang: फोमो, जोमो, जीओएटी, पीओवी और नो कैप का मतलब क्या है? सोशल मीडिया की नई भाषा समझिए
सोशल मीडिया ने जेन-जी की भाषा को नया रूप दिया है। अब फोमो, जोमो, जीओएटी, पीओवी और नौ कैप जैसे इंटरनेट स्लैंग युवाओं की रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल शब्दों का नहीं बल्कि संवाद की पूरी शैली का है, जो आने वाले समय में आम भाषा और मीडिया पर भी प्रभाव डालेगा। पढ़ें पूरी खबर...
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अब किसी अवसर के छूट जाने पर फियर ऑफ मिसिंग आउट कहने के बजाय फोमो और किसी चीज को लेकर चिंता न करने या वर्तमान का आनंद लेने की भावना को जोमो (जॉय ऑफ मिसिंग आउट) से व्यक्त किया जा रहा है।
जंतर-मंतर पर चले छात्र-युवा आंदोलनों में केवल नारों और मांगों की गूंज ही नहीं सुनाई दी, बल्कि एक नई भाषा ने भी आकार लिया। यह भाषा ऐसी है, जिसे समझने के लिए पारंपरिक शब्दकोश नहीं, बल्कि सोशल मीडिया की दुनिया में सक्रिय होना जरूरी है। इंटरनेट, मीम्स, रील्स और चैटिंग प्लेटफॉर्म्स के प्रभाव से जेन-जेड (1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी) ने अपनी अलग डिक्शनरी तैयार कर ली है।
इसमें लंबे वाक्यों की जगह कुछ शब्द भावनाओं, अनुभवों को व्यक्त कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन शब्दों का प्रयोग सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। छात्र आंदोलनों, और रोजमर्रा की बातचीत में भी ये तेजी से जगह बना रहे हैं।
पहले किसी स्थिति को समझाने के लिए पूरा वाक्य बोला जाता था, वहीं अब युवा कुछ अक्षरों में अपनी भावना व्यक्त कर देते हैं। यही कारण है कि चैट, पोस्ट और कमेंट्स में इन शब्दों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। नई शब्दावली ने पीढ़ियों के बीच संवाद की एक नई चुनौती भी खड़ी की है। कई अभिभावक और शिक्षक स्वीकार करते हैं कि युवा जिन शब्दों का प्रयोग सहजता से करते हैं, उनका अर्थ समझने के लिए उन्हें इंटरनेट का सहारा लेना पड़ता है। इससे भाषा का एक ऐसा अंतर पैदा हुआ है, जो केवल उम्र नहीं, बल्कि डिजिटल अनुभव से भी तय होता है।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और लेखक डॉ. अरुण कुमार शर्मा का मानना है कि यह बदलाव केवल शब्दों का नहीं, बल्कि संचार शैली का भी है। आने वाले वर्षों में इनमें से कई शब्द सामान्य बोलचाल और मीडिया की भाषा का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, इस भाषा के प्रचलन से पीढ़ियों में संचार की खाई को पाटना और पारंपरिक भाषा के महत्व को बनाए रखना चुनौती रहेगा।
जंतर मंतर पर डफली बजाते हुए वायरल हुई ठियोग की बेटी शरण्या वर्मा सोशल मीडिया पर तेजी से बदलती शब्दावली और इंटरनेट स्लैंग को युवाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम मानती हैं। बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में मास्टर इन परफॉर्मेंस स्टडीज की छात्रा शरण्या कहती हैं कि यह भाषा शब्दों का संक्षिप्त रूप नहीं, बल्कि डिजिटल संस्कृति का हिस्सा है।
| शब्द | फुल फॉर्म | अर्थ |
|---|---|---|
| FOMO | Fear of Missing Out | किसी अवसर, ट्रेंड या कार्यक्रम से छूट जाने की चिंता। |
| JOMO | Joy of Missing Out | दूसरों की गतिविधियों से अलग रहकर भी खुश और संतुष्ट रहने की भावना। |
| GOAT | Greatest Of All Time | किसी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द। |
| POV | Point of View | किसी व्यक्ति के दृष्टिकोण से बनाई गई वीडियो, फोटो या प्रस्तुति। |
| RIZZ | — | किसी व्यक्ति का आकर्षण या दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता। |
| SUS | Suspicious | संदिग्ध या शक पैदा करने वाली स्थिति या व्यक्ति। |
| SLAY | — | किसी काम को बेहतरीन, आत्मविश्वासपूर्ण या प्रभावशाली ढंग से करना। |
| NO CAP | — | बिना बढ़ा-चढ़ाकर या पूरी सच्चाई के साथ कही गई बात। |
| DELU | Delusional | अवास्तविक उम्मीदें या कल्पनाएं रखने |