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Himachal News: चेस्टर हिल मामले में बेनामी संपत्ति की जांच होगी, सीएस का जांच न करने का आदेश खारिज
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 05 Apr 2026 01:49 PM IST
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सार
मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से डीसी सोलन को जारी किए आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) केके पंत ने खारिज कर दिए हैं। एसीएस पंत ने उपायुक्त को गुप्ता की ओर से जारी आदेश वापस लेने के लिए पत्र लिखे जाने की पुष्टि की है। पढ़ें पूरी खबर...
चेस्टर हिल्स।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
चेस्टर हिल मामले में बेनामी संपत्ति की जांच न करवाने को लेकर मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से डीसी सोलन को जारी किए आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) केके पंत ने खारिज कर दिए हैं। गुप्ता ने यह आदेश उस समय जारी किए थे, जब उनके पास राजस्व विभाग के प्रशासनिक सचिव का जिम्मा था।
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एसीएस पंत ने उपायुक्त को पत्र लिखकर आदेश दिए हैं कि इस प्रकरण में हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू सुधार अधिनियम की धारा 118 की अवहेलना का मामला बनाया जाए। इस बारे में संबंधित पार्टियों की सुनवाई कर उपयुक्त आदेश पारित करने को कहा है। एसीएस पंत ने उपायुक्त को गुप्ता की ओर से जारी आदेश वापस लेने के लिए पत्र लिखे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने लिखा है कि इस मामले का पुनरीक्षण किया गया है, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है।
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यह उल्लेखनीय है कि 6 दिसंबर 2025 को मुख्य सचिव ने उपायुक्त सोलन को एक पत्र लिखा था। उस समय वह राजस्व विभाग भी देख रहे थे। उन्होंने एसडीएम सोलन की रिपोर्ट को आपत्तिजनक करार दिया। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि हंसराज ठाकुर और ठाकुर निवास बाईपास रोड सोलन के अन्य निवासियों की ओर से एक प्रस्तुति दी गई है। इस मामले का कंपीटेंट अथाॅरिटी ने परीक्षण किया है।
उपायुक्त को चीफ सेक्रेटरी की ओर से भेजे पत्र में कहा गया था कि हंसराज ठाकुर, लतिका, संजना और निशा हिमाचल प्रदेश के कृषक हैं। उनकी कसौली के राजपुर और परवाणू में जमीन है। एसडीएम सोलन ने अपनी जांच रिपोर्ट में धारा 118 और रेरा एक्ट की अवहेलना की बात की है। साथ ही इन कृषकों के खिलाफ बेनामी संपत्ति की भी कार्रवाई करने को कहा है। उनके मुताबिक, एसडीएम ने हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू सुधार अधिनियम की मूलभूत अवधारणा को अनदेखा किया है। इन्होंने कर्ज लेकर भूमि ली है।
एसडीएम सोलन की रिपोर्ट प्रथमदृष्टया सही नहीं है। उपायुक्त की इस मामले में कार्रवाई कृषकों के हितों के खिलाफ होगी। इस टिप्पणी के साथ ही अगली कार्रवाई करने को कहा गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत के नए आदेश के बाद अब मुख्य सचिव के इस पत्र को वापस ले लिया गया है और बेनामी संपत्ति की जांच होगी। चेस्टर हिल मामले में मुख्य सचिव के खिलाफ छोटा शिमला थाना में भी केस दर्ज है।
एसडीएम सोलन की रिपोर्ट प्रथमदृष्टया सही नहीं है। उपायुक्त की इस मामले में कार्रवाई कृषकों के हितों के खिलाफ होगी। इस टिप्पणी के साथ ही अगली कार्रवाई करने को कहा गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत के नए आदेश के बाद अब मुख्य सचिव के इस पत्र को वापस ले लिया गया है और बेनामी संपत्ति की जांच होगी। चेस्टर हिल मामले में मुख्य सचिव के खिलाफ छोटा शिमला थाना में भी केस दर्ज है।