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Himachal News: राज्यपाल से मिला भाजपा का प्रतिनिधिमंडल, जानें क्या बोले राजीव बिंदल और जयराम ठाकुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 25 May 2026 02:53 PM IST
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सार

भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मिला। प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal BJP Delegation Meets Governor Find Out What Rajiv Bindal and Jairam Thakur Said
गवर्नर से मिलते हुए भाजपा का प्रतिनिधिमंडल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

सोमवार को भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के नेतृत्व में लोक भवन में महामहिम राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मिला और प्रदेश में पंचायतीराज एवं नगर निकाय चुनावों के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में कथित हस्तक्षेप, नियमों में बदलाव तथा जनादेश को प्रभावित करने के प्रयासों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए प्रशासनिक एवं राजनीतिक दबाव का सहारा ले रही है।

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राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता की आवाज बनकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज एवं नगर निकाय चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी इकाई हैं और हिमाचल प्रदेश में ये चुनाव पारंपरिक रूप से किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े जाते, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस सरकार चुनाव प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है।

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डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों और अधिनियमों में संशोधन करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि रिजर्वेशन एक्ट में बदलाव कर अधिकारियों को अतिरिक्त शक्तियां देना और नगर परिषद तथा नगर पंचायतों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव से जुड़े नियमों में संशोधन करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस सरकार बैकडोर तरीके से चुनावों को नियंत्रित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह केवल नियमों के साथ छेड़छाड़ नहीं बल्कि जनमत, जनप्रतिनिधियों और लोकतांत्रिक मूल्यों का भी खुला अपमान है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में जनता का विश्वास खो चुकी है और जनता का भारी आक्रोश सरकार के खिलाफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जिला परिषद और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की एकतरफा हार तय है और यही कारण है कि कई स्थानों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार तक घोषित नहीं कर पाई। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि हार के डर से कांग्रेस सरकार अब नियमों को अपने राजनीतिक हितों के अनुसार बदलने का प्रयास कर रही है ताकि चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जा सके।

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जो लोकतंत्र की मूल इकाइयों को कमजोर करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले पंचायत चुनावों को टालने के अनेक प्रयास किए, लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में उसे असफलता मिली। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में चुनाव केवल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के कारण हो पा रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्वयं चुनावी सभाओं में जाकर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को जिताने पर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की घोषणाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं ₹50 लाख तो कहीं ₹1 करोड़ तक की घोषणाएं की गईं, जो सीधे तौर पर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक कर कई ऐसे फैसले लिए जिन्हें चुनाव को प्रभावित करने वाला माना जा सकता है। महिलाओं को ₹1500 देने की घोषणा, विभिन्न वर्गों के मानदेय बढ़ाने जैसे निर्णय चुनाव के दौरान लेना भी आचार संहिता का उल्लंघन है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि नगर परिषद एवं नगर पंचायत चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को भारी जनसमर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि 25 में से 18 नगर परिषदों तथा 22 में से 12 नगर पंचायतों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन परिणामों को देखते हुए कांग्रेस सरकार ने अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिए हैं ताकि चुनावों को लंबे समय तक टाला जा सके और राजनीतिक दबाव बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि पहले अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव के लिए सात दिन के नोटिस का स्पष्ट प्रावधान था, लेकिन अब उसमें संशोधन कर अधिकारियों को असीमित अधिकार दे दिए गए हैं। इससे चुनाव एक महीने, दो महीने या उससे भी अधिक समय तक टाले जा सकते हैं, जिससे बड़े स्तर पर हॉर्स ट्रेडिंग और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को प्रभावित करने की आशंका बढ़ गई है।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कई चुने हुए प्रतिनिधियों को विजिलेंस मामलों, तबादलों और प्रशासनिक कार्रवाई की धमकियां दी जा रही हैं। जिन प्रतिनिधियों के परिवार के सदस्य सरकारी सेवा में हैं, उन पर भी दबाव बनाया जा रहा है कि वे कांग्रेस समर्थित गुटों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक जनादेश को कुचलने का प्रयास है और भाजपा इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से आग्रह किया कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक प्रक्रियाओं और जनता के जनादेश की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित हस्तक्षेप किया जाए।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद, प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, जिलाध्यक्ष केशव चौहान, प्रदेश सचिव संजय ठाकुर एवं कुसुम सदरेट, प्रदेश कोषाध्यक्ष कमलजीत सूद, कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर, वरिष्ठ प्रवक्ता गणेश दत्त, मीडिया विभाग के प्रदेश संयोजक कर्ण नंदा, किसान मोर्चा अध्यक्ष संजीव देष्टा, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष गुरमीत सिंह, जगदीश चंद शर्मा, अंशुल बंसल, किरण बाबा, प्यार सिंह, सुदीप महाजन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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