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Himachal Budget 2026: वेतन छह महीने के लिए स्थगित, इनका मानदेय बढ़ेगा, जानें बजट की बड़ीं बातें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 21 Mar 2026 05:35 PM IST
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सार

प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को अपने कार्यकाल का चाैथा बजट पेश किया। बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। 
 

Himachal Budget big announcements: Salaries deferred for six months; honorariums to increase, key highlights
हिमाचल बजट की बड़ी बातें। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस बजट में छोटे तबके पर राहत की फुहार बरसाई गई है और गांव का ख्याल रखा गया है। केंद्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान बंद होने को आधार बनाकर सीमित संसाधनों के चलते मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया , जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 3,586 करोड़ रुपये कम है। पिछले वित्त वर्ष में 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। बजट के अनुसार वर्ष 2026-27 में राजस्व प्राप्तियां 40,361 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है तथा कुल राजस्व व्यय 46,938 करोड़ रुपये अनुमानित है। इस प्रकार कुल राजस्व घाटा 6,577 करोड़ रुपये अनुमानित है। राजकोशीय घाटा 9,698 करोड़ रुपये अनुमानित है जोकि प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद का 3.49 प्रतिशत है। 2026-27 के बजट अनुसार प्रति 100 रुपये व्यय में से वेतन पर 27 रुपये, पेंशन पर 21 रुपये, ब्याज अदायगी पर 13 रुपये, ऋण अदायगी पर 9 रुपये, स्वायत्त संस्थानों के लिए ग्रांट पर 10 रुपये, जबकि शेष 20 रुपये पूंजीगत कार्यों सहित अन्य गतिविधियों पर खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कोई कटौती नहीं की गई है। जलशक्ति, लोक निर्माण जैसे विभागों के बजट को भी कम नहीं किया गया है। वित्तीय अनुशासन की दिशा में बड़ी घोषणा की गई। 

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वेतन 3 से 50 फीसदी  छह महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा
आर्थिक संकट के बीच सीएम ने अपना, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, सियासी ओहदेदारों और अधिकारियों का वेतन 3 से 50 फीसदी तक छह महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की।इसमें मुख्यमंत्री के वेतन का 50 फीसदी, उप मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल के सदस्यों के वेतन का 30 प्रतिशत व विधायकों के वेतन का 20 प्रतिशत अगले 6 महीनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की। सभी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सलाहकारों के वेतन का 20 प्रतिशत भी इसी अवधि के लिए अस्थायी रूप से स्थगित रहेगा। मुख्य सचिव, एसीएस, प्रधान सचिव के वेतन का 30 प्रतिशत, सचिवों, एचओडी का 20 प्रतिशत वेतन डेफर रहेगा। डीजीपी व एडीजीपीएस का 30 प्रतिशत तथा आईजी, डीआईजी , एसएसपी व एसपी स्तर तक के पुलिस अधिकारियों का 20 प्रतिशत वेतन स्थगित रहेगा। इसके अलावा वन विभाग प्रमुख, सभी पीसीसीएफ एवं  अतिरिक्त पीसीसीएफ का 30 प्रतिशत तथा सीसीएफ, सीएफ एवं डीएफओ स्तर तक के अन्य वन अधिकारियों का 20 प्रतिशत वेतन अस्थायी रूप से स्थगित रहेगा।

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ग्रुप-ए व ग्रुप-बी कर्मचारियों का इतना फीसदी वेतन डेफर
इसके साथ ही, ग्रुप-ए व ग्रुप-बी के अधिकारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा अगले 6 महीनों के लिए अस्थायी रूप से डेफर किया जाएगा। जबकि ग्रुप-सी व डी कर्मचारियों को पूर्णतः इससे बाहर रखा जाएगा और उन्हें पूरा वेतन मिलता रहेगा। बोर्ड-निगम, पीएसयू, स्वायत्त निकाय, विश्वविद्यालय और सरकार से ग्रांट इन एड प्राप्त करने वाली सोसाइटी भी इस निर्णय को सरकार के अनुरूप अपनाएंगे। न्यायपालिका की सांविधानिक गरिमा और स्वतंत्रता का पूरा सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने आशा व्यक्त की है कि वर्तमान वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला जज एवं अतिरिक्त जिला जजों  के स्तर पर 20 प्रतिशत तथा न्यायिक स्थापना के ग्रुप-ए और ग्रुप-बी अधिकारियों के स्तर पर 3 प्रतिशत वेतन के अस्थायी स्थगन पर उच्च न्यायालय अपने मार्गदर्शन एवं सहमति से  सरकार के अनुरूप विचार करेगा।   सीएम ने कहा कि उच्च न्यायालय अपने विवेक से वरिष्ठ स्तर पर स्वेच्छा से 30 प्रतिशत स्थगत पर भी विचार कर सकता है। यह केवल अस्थायी स्थगन  है, और जैसे ही राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, यह राशि वापस दे दी जाएगी। पेंशन में कोई कटौती नहीं होगी।

अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड गठित होगा, विधानसभा चुनाव क्षेत्र की वर्तमान सीमा 225 करोड़ की
बजट भाषण में सीएम ने कहा कि  शिमला के बैंटनी भवन में आधुनिक संग्रहालय का निर्माण पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा, चंबा के भूरी सिंह संग्रहालय में कला एवं शिल्प गैलरी का नवीनीकरण और केलांग का जनजातीय संग्रहालय पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाएगा। पांगी और लाहौल में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के नए परिसरों का प्रथम चरण पूरा होगा तथा भरमौर विद्यालय का निर्माण कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए मेले और त्यौहार आयोजित किए जाएंगे। परमवीर चक्र विजेता मानद कप्तान संजय कुमार युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके लिए उन्हें  उपयुक्त मासिक मानदेय दिया जाएगा और वे बिलासपुर सैनिक कल्याण कार्यालय से सेवाएं देंगे। सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों के कल्याण और पुनर्वास के लिए राज्य में एक अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड गठित किया जाएगा। वित्तीय वर्ष में 412 पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोजगार दिया है और आगामी वर्ष में भी आरक्षित पदों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। साथ ही, युद्ध 15 प्रतिशत जागीर (वित्तीय सहायता) राशि 7 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति वर्ष कर दी जाएगी। विधायक प्राथमिकता योजनाओं के प्रति विधानसभा चुनाव क्षेत्र की वर्तमान सीमा 200 करोड़ रुपये को बढ़ाकर 225 करोड़ रुपये करने की घोषणा। विधायकों को दी जाने वाली विवेकाधीन अनुदान की वर्तमान सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाया।

इनका बढ़ाया मानदेय

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 1000 रुपये की बढ़ोतरी के साथ अब 11,500 रुपये मासिक मानदेय।
  • 1000 रुपये मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मासिक बढ़ोतरी के साथ 8,300 रुपये मिलेंगे।
  • आंगनबाड़ी सहायिकाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 6,800 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे ।
  • आशा वर्करों को 1000 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 6,800 रुपये मिलेंगे।
  • सिलाई शिक्षकों के मासिक मानदेय को 1000 रुपये बढ़ाया जाएगा।
  • मिड-डे मील वर्करों को 500 रुपये बढ़ोतरी के साथ 5,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
  • जल वाहकों (शिक्षा विभाग) को 500 बढ़ोतरी के साथ 6,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
  • जल रक्षकों को 500 रुपये बढ़ोतरी के साथ 6,100 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
  • जल शक्ति विभाग के मल्टी टास्क वर्करों को 500 रुपये बढ़ोतरी के साथ 6,000 रुपये मिलेंगे।
  • लोक निर्माण विभाग के मल्टी टास्क वर्करों को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी। 
  • पैरा फिटर तथा पंप ऑपरेटरों को 500 रुपये बढ़ोतरी के साथ 7,100 रुपये  मिलेंगे।
  • पंचायत चौकीदार को 500 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 9,000 रुपये मिलेंगे।
  • राजस्व चौकीदार को 500 रुपये बढ़ोतरी के साथ 6,800 रुपये  मिलेंगे।
  • राजस्व लंबरदार का 500 रुपये बढ़ोतरी के साथ 5,000 रुपये मिलेंगे।
  • एसएमसी अध्यापकों के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी।
  • आईटी शिक्षकों को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी।
  • एसपीओ को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी।
  • अंशकालिक मल्टी टास्क वर्करों को 500  रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी।

दूध के खरीद मूल्य सहित इन फसलों के एमएसपी बढ़ाए
राज्य में लगभग 2 लाख 23 हजार किसान लगभग 38 हजार 455 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। सीएम सुक्खू ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पहले ही प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का एमएसपी 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाएगा। मक्का का 40 से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम होगा। पांगी घाटी की जाै का एमएसपी 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाएगा। हल्दी का एमएसपी 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाएगा। राज्य में पहली बार अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का एमएसपी प्रावधान किया जा रहा है। सरकार बीज संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए बीज गांव स्थापित करेगी, जहां 50-100 उत्पादन करेंगे। उत्पादकों को प्रति बीघा 5,000 रुपये किसान पारंपरिक बीज सब्सिडी और प्रत्येक गांव को 2 लाख रुपये का एकमुश्त आधारभूत संरचना अनुदान मिलेगी। आयोग सरकार प्रदेश में हिमाचल प्रदेश राज्य किसान अधिनियम के माध्यम से हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग का गठन करेगी। कृषि विज्ञान केंद्र हमीरपुर स्थित बड़ा में किसानों के प्रशिक्षण केंद्र व हाइड्रोपोनिक  के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। गाय के दूध के क्रय मूल्य को 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की। साथ ही भैंस का दूध 61 से 71 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की। चरवाहों के लिए डिजिटल कार्ड, जीवन बीमा की सुविधा मिलेगी। भेड़पालन के लिए 300 करोड़ की योजना शुरू होगी।  पशुपालन के क्षेत्र में 500 करोड़ का परिव्यय प्रस्तावित है।  400 डेयरी फार्मिंग इकाइयां स्थापित की जाएंगी, लाभार्थियों को सेवा क्षेत्र में सहयोग दिया जाएगा तथा 10 करोड़ रूपये की सहायता फार्म मशीनरी पर 50:50 के अनुपात में लागत साझाकरण के आधार पर दी जाएगी। वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री खेत बाड़बंदी योजना में 10 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। एची शिवा परियोजना लगभग एक हजार 292 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रदेश के जिला बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर और ऊना के 52 विकास खंडों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।

कर्मचारियों के लिए ये घोषणाएं 
सीएम सुक्खू ने बजट भाषण में कहा कि पिछली सरकारों की ओर से वेतन और पेंशन बकाया का भुगतान नहीं होने से लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की देनदारी बन गई है। वर्तमान सरकार सभी बकाया का समयबद्ध भुगतान करने का संकल्प लेती है। वर्ष 2016 से पूर्व के सभी पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को उनके बकाया पेंशन/पारिवारिक पेंशन एरियर का पूरा भुगतान वित्त वर्ष 2026-27 में किया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जो 1 जनवरी, 2016 से 31 दिसंबर 2021 के दौरान सेवानिवृत हुए हैं उनके बकाया ग्रेच्युटी व लीव इनकैशमेंट  एरियर का पूरा भुगतान वित्त वर्ष 2026-27 में किया जाएगा। इस एरियर के भुगतान पर लगभग 300 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे। आगामी वित्तीय वर्ष से अध्ययन अवकाश पर जाने वाले सभी कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन का भुगतान किया जाएगा। जिन कर्मचारियों ने पहले अध्ययन अवकाश लिया है, उन्हें भी शेष वेतन का भुगतान किया जाएगा। अनुबंध आधार तथा दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारी जो वर्तमान में वर्ष में केवल एक ही बार नियमित किए जाते हैं को अब पहले की तरह 31 मार्च 2026 तथा 30 सितंबर, 2026 को निर्धारित सेवाकाल पूर्ण करने पर नियमितीकरण किया जाएगा। दैनिक वेतनभोगियों का वेतन 25 रुपये बढ़ाकर 450 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा। आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम 13,750 रुपये प्रतिमाह मिलेगा।

महिलाओं को संपत्ति खरीद पर स्टांप ड्यूटी में रियायत
महिलाओं को संपत्ति खरीद पर स्टांप ड्यूटी में रियायत दी गई है। 80 लाख से करोड़ रूपये तक की खरीद पर दर 4 प्रतिशत रहेगी। भविष्य में आपदा जोखिम कम करने के लिए 400 करोड़ रूपये का प्रावधान है, जिसमें बाढ़ ज़ोनिंग मानचित्रण , जोखिम वित्तपोषण और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा। कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए आगामी औद्योगिक नीति के अंतर्गत एक जिला, तीन उत्पाद कार्यक्रम शुरू होगा। हिमाचल में रेशम पालन की चुनौतियों को दूर करने लिए 2 करोड़ रूपये के बजटीय प्रावधान के साथ हिम सिल्क मिशन शुरू किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 हजार युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रत्येक प्रशिक्षु को दो हजार रूपये का मासिक वजीफा प्रदान किया जाएगा।

एक लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को मिलेंगे 1500-1500
बजट घोषणा के अनुसार सर्वे के माध्यम से बीपीएल की सूची को बदले बिना प्रदेश के गरीब परिवारों में से अति गरीब परिवारों की पहचान कर उनकी लक्षित तरीके से मदद की जाएगी। एक लाख अति गरीब परिवारों को सरकार अपने सुखी परिवार बनाएगी। इन परिवारों के लिए मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना की घोषणा की गई।  सरकार की ओर अपनी गारंटी को लागू करते हुए इन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रति माह देने की घोषणा की गई। जिन परिवारों के पास पक्के मकान नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी।  इन एक लाख मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवारों की बहनों को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का चरणबद्ध तरीके से विस्तार करते हुए 1500-1500 रुपये प्रतिमाह की सम्मान राशि देने की भी घोषणा की ।  सीएम ने कहा कि पर्यटन स्थानों पर नाइट पिकनिक की सुविधा शुरू होगी। फिल्म शूटिंग के लिए सरल पॉलिसी बनेगी। प्रमुख पर्यटन स्थानों पर नाइट पिकनिक की सुविधा शुरू होगी। 

1,000 अतिरिक्त पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती होगी
राज्य सरकार ने  22 फरवरी 2025 को पुलिस थानों के वर्गीकरण और ग्रेडिंग संबंधी अधिसूचना जारी की है। इसके परिणामस्वरूप इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल, कुक और ड्राइवर जैसी विभिन्न श्रेणियों में लगभग एक हजार पदों की आवश्यकता है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से भरने पर विचार किया जाएगा। वर्तमान में पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक से निरीक्षण रैंक तक केवल 88 महिला अधिकारी कार्यरत हैं, जो आवश्यकता की तुलना में अपर्याप्त हैं। जांच व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं जमीनी स्तर पर पुलिस बल को मजबूत करने के लए वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान विशेष अभियान के अंतर्गत 50 महिला उप निरीक्षक के पदों को सीधी भर्ती से भरा जाएगा। पुलिस बल में समय पर पदोन्नति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक बी-1 टेस्ट आयोजित किया जाएगा, क्योंकि यह परीक्षा वर्ष 2017 से आयोजित नहीं हुई है। पुलिस बल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एसपीओ का पुनर्वितरण कर पुलिस जिला नूरपुर, स्पीति और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में भी तैनात किया जाएगा।  रोजगार के अवसर प्रदान करने तथा कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सरकार ने कुछ माह पूर्व हिमाचल प्रदेश पुलिस में 800 कांस्टेबलों की भर्ती की घोषणा की थी। अब राज्य की बढ़ती सुरक्षा आवश्यकताओं तथा नशे विशेषकर चिट्टा के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार हिमाचल  पुलिस में एक हजार अतिरिक्त कांस्टेबलों की भर्ती करेगी।
 

सभी जिला मुख्यालयों तथा जनजातीय क्षेत्रों में हेलीपोर्ट बनेंगे
हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी जिला मुख्यालयों तथा जनजातीय क्षेत्रों में हेलीपोर्ट का निर्माण कर रही है। रक्कड़ व पालमपुर (कांगड़ा), जसकोट (हमीरपुर), सुल्तानपुर (चंबा) और रोड़ा (ऊना) में हेलीपोर्ट इस वर्ष पूर्ण कर लिए जाएंगे। साथ ही रिकांगपिओ (किन्नौर), रंगरिक व फूंक्यार (लाहौल-स्पीति), किलाइ (पांगी) व भरमौर (चंबा), बसाल (सोलन) तथा धारक्यारी (नाहन-सिरमौर) में भी निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। 100 प्रतिशत वीजीएफ के अंतर्गत फिक्सड विंग हवाई सेवा के तौर पर दिल्ली-शिमला-दिल्ली तथा शिमला-धर्मशाला-शिमला मार्ग पर हफ्ते के सभी सात दिन उड़ानें शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, हेलीकॉप्टर सेवा चंडीगढ़-संजौली चंडीगढ मार्ग पर हफ्ते में छह दिन प्रतिदिन दो संचालित बार जाएगी। इसके अलावा, चंडीगढ़-संजौली, संजौली-मनाली, संजौली-रामपुर-रिकांगपिओ तथा मंडी-चंडीगढ़ मार्गों पर भी नई हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रस्तावित हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को बड़ा तोहफा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत 1,831 कर्मचारियों में से सात वर्ष पूर्ण कर चुके विभिन्न श्रेणियों के 823 कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से एकमुश्त औसतन 14 हजार रुपये की वृद्धि प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी लंबे समय की मांग पूरी होगी। इसके अलावा जो शेष कर्मचारी सात वर्ष का लाभ इस वित्तीय वर्ष से प्राप्त नहीं करेंगे, ऐसे सभी कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से मूल वेतन पर 5 प्रतिशत की वृद्धि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा अधिकारी जो अभी तक नियमित नहीं हुए हैं, उनका मासिक वेतन 33, 660 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये किया जाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुल 2,868 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

  • स्वास्थ्य अधिकारी (आयुष) - 50,260 से 60,780 रुपये।
  • स्वास्थ्य अधिकारी डेंटल - 49,800 से 61, 200 रुपये।
  • फार्मासिस्ट -30,500 से 46, 500 रुपये।
  • एएनएम - 26,650  से 38,500 रुपये।
  • आशा कोऑर्डिनेटर-30,775 रुपये से 45,750 रुपये।
  • ब्लॉक प्रोग्राम प्रबंधक -41,550 से 62, 650 रुपये।
  • डेंटल हाइजीनिस्ट - 29,000 से 42,650 रुपये।
  • अकाउंटेंट - 39,650 से 59,750 रुपये।
  • लैब टेक्नीशियन 35, 750 से 49,500 रुपये।
  •  स्टाफ नर्स को 13,925 से 25 हजार। 
  • लैब टेक्नीशियन-14,400 रुपये से 25 हजार।
  • फार्मासिस्ट -13,062 रुपये से 25,000।
  • ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन- 17,820 से 25,000।
  • डाटा एंट्री ऑपरेटर-14,400 से 18,000।

 

चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद भरे जाएंगे
संस्थानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों के काडर को बढ़ाने का प्रावधान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पीजी कोर्स या सीनियर रेजिडेंसी में चयन के कारण रिक्त हो रहे पदों को ध्यान में रखते हुए 300 पद ट्रेनी रिजर्व के रूप में सृजित किए जाएंगे।  चिकित्सा अधिकारी के 23 पद सृजित किए गए हैं तथा 232 पदों को लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरने के लिए प्रक्रिया जारी है। चिकित्सा अधिकारी (दंत) के 4 पद सृजित किए गए हैं जिन्हे भरने की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त 150 सहायक स्टाफ नर्स, 30 रेडियोग्राफर, 40 फार्मेसी ऑफिसर, 500 रोगी मित्र एवं 99 ओटीए सहित अन्य पैरामेडिकल पद भी भरे जाएंगे। सहायक स्टाफ नर्सों के 900 पदों, पैरा मैडिकल स्टाफ 124 तथा जेओए आईटी के 50 पदों को राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरने के लिए प्रक्रिया जारी है जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सरकारी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में विभिन्न संकायों के प्रवक्ताओं के 64 नए पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है, जो कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती के माध्यम भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त अतिरिक्त स्टेट केंसर संस्थान हमीरपुर क्रियान्वयन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 469 पदों को (111 पद फैकल्टी, 180 पद नर्सिंग, 55 पद पैरा मेडिकल स्टाफ तथा 123 अन्य सहायक श्रेणियों के) सृजित किया गया है, जिन्हें आगामी वर्ष में भरा जाएगा।

स्वास्थ्य अवसंरचना को मिलेगी मजबूती, मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ेंगी
 प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। बजट में स्वास्थ्य अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार की ओर से मेडिकल काॅलेज टांडा, आईजीएमसी शिमला और एम्स चमियाणा में अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन संस्थानों में ट्रैक आधारित एकीकृत संपूर्ण प्रयोगशाला स्वचालन प्रणाली से लैस एडवांस टेस्टिंग लैब शुरू होंगी। इसके अलावा आईजीएमसी शिमला, टांडा, हमीरपुर और नेरचौक में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से बोन मैरो प्रत्यारोपण और एफेरेसिस यूनिट स्थापित की जाएंगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जीएमसी हमीरपुर और नेरचौक के लिए करीब 46 करोड़ रुपये की लागत से पीईटी स्कैन मशीनें खरीदी जाएंगी। वहीं पीईटी  स्कैन की सुविधा टांडा और आईजीएमसी शिमला में भी जल्द शुरू की जाएगी। एआईएमएसएस शिमला में 20 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी  मशीन स्थापित की जाएगी, जिससे हृदय और नसों से जुड़ी बीमारियों की जांच और उपचार में मदद मिलेगी। आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी के लिए जरूरी एनेस्थीसिया उपकरणों की खरीद पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के इन कदमों से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा मरीजों को आधुनिक इलाज की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी।
 

 ग्रामीण अर्थव्यवस्था व आजीविका सुदृढ़ीकरण
डेयरी सहकारी समितियों की संख्या इस वर्ष के अंत तक दोगुनी कर दो हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य है। निजी क्षेत्र में लगने वाले बल्क मिल्क कूलर की स्थापना तथा दूध एकत्रित करने के लिए खरीदे जाने वाले 10 वाहनों के लिए 65 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा । दूध की टेस्टिंग और ब्रांडिंग करके इसे हिमाचल प्रदेश दुग्ध संघ के माध्यम से 100 रुपये प्रति लीटर खरीदने की व्यवस्था । दुग्ध खरीद से जुड़ी प्रदेश की पंजीकृत सहकारी संस्थाओं के किसानों को डीबीटी के माध्यम से दिए जाने वाले दूध प्रोत्साहन को अगले वित्तीय वर्ष से 3 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। गद्दी, गुज्जर, किन्नौरा और अन्य संबंधित समुदायों के 40 हजार से अधिक परिवारों के लिए एक सशक्त बनाने के लिए 300 करोड़ रूपये के परिव्यय के साथ पहल  योजना शुरू की जाएगी। पशु संख्या या चराई क्षेत्र की पाबंदियों में उचित छूट देने पर विचार होगा। गो संरक्षण और बेसहारा पशुओं के पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाएगी । मत्स्य पालन क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने तथा मछुआरों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना शुरू की जाएगी।

पंचायत सचिव, चाैकीदारों के पद भरेंगे, नगरपालिकाओं में साझा सेवा केंद्र 
सीएम ने बजट भाषण में कहा कि अगले वर्ष हम 4 करोड़ मानव दिवस सृजित करना चाहते हैं, जो आपदाओं और सीमित कृषि मौसम के कारण आवश्यक है। 60 दिवसीय विराम और लक्ष्य आधारित प्रावधान से 300-600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ होगा।  भारत सरकार से विशेष परिस्थितियों पर विचार करने का आग्रह करेंगे। पंचायत सचिव के 150 पदों को भरे जाएंगे। चरणबद्ध तरीके से पंचायत चौकीदार के खाली पद भी भरे जाएंगे। चंबा, घुमारवीं, नादौन, धर्मशाला, पालमपुर, मनाली, मंडी, सुंदरनगर, शिमला, रामपुर, नाहन, बद्दी, ऊना और संतोखगढ़ में नगरपालिका साझा सेवा केंद्र स्थापित करेगी। नगर निगम कॉल सेंटर  तथा राज्य स्तरीय कार्यान्वयन केंद्र हमीरपुर में स्थापित किया जाएगा। नवगठित /उन्नयनित शहरी स्थानीय निकाय के विलय क्षेत्रों में बेहतर नागरिक सेवाएं प्रदान करने हेतु नगर परिषद् ज्वाली को 25 लाख तथा नवगठित 2 नगर पंचायतों (संगड़ाह और बीड़) को 50-50 लाख रुपये का आवंटिन किए जाएंगे। केंद्रीय व्यावसायिक जिला परियोजना के अंतर्गत शिमला शहर में 400 करोड़ और हमीरपुर शहर में 200 करोड़ रुपये की लागत से वाणिज्यिक परिसरों का विकास किया जाएगा। प्रदेश के आठ शहरों (शिमला, धर्मशाला, नादौन, ज्वालामुखी, सुबाथू, देहरा, सुन्नी व रामपुर) के मुख्य स्थलों को शहरों/विकास केंद्रों का रचनात्मक पुनर्विकास में रूपांतरण के लिए की 600 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजना प्रगति पर है।

सड़कों के लिए ये प्रावधान, कनिष्ठ अभियंता के 149  पद भरेंगे
वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार 500 किलोमीटर मोटर योग्य सड़कों, एक हजार 255 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज कार्यों, 950 किलोमीटर मेटलिंग और टारिंग, 47 पुलों के निर्माण, और एक हजार 500 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण करेगी।  चंबा जोत टनल और जलोड़ी जोत टनल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। लोक निर्माण व जल शक्ति विभाग में संयुक्त काडर के माध्यम से 149 कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के पदों को भरा जाएगा। प्रदेश महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के 389 पदों की भर्ती जल्द ही सरकार भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी। तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार को जोड़ने के लिए प्रशिक्षण और प्लेसमेंट पोर्टल बनाया जाएगा।

बागवानी: 5 लाख ग्राफ्टेड फल पौधे तैयार किए जाएंगे
नवीनतम किस्मों की उच्च गुणवत्ता वाले उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश नर्सरी प्रबंधन समिति के माध्यम से  पीसीडीएस में लगभग 5 लाख ग्राफ्टेड फल पौधे तैयार किए जाएंगे, जिनमें से 3 लाख शीतोष्ण और 2 लाख उष्णकटिबंधीय फल पौधे वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान बागवानों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। प्रमाण आधारित आयुर्वेद को बढ़ावा देने और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित आयुर्वेद अनुसंधान विंग स्थापित किया जाएगा। उच्च हिमालयी क्षेत्रों की औषधीय संपदा के उपयोग के लिए लाहौल-स्पीति और अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में हर्बल गार्डन स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। वर्तमान में चल रही तीन सरकारी आयुर्वेदिक फार्मेसियों को सोसाइटी के अंतर्गत लाया जाएगा ताकि उनका आधुनिकीकरण हो सके। प्रारंभिक संचालन के लिए एक करोड़ रूपये की अनुदान प्रदान दिया जाएगा और प्रत्येक फार्मेसी में मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त किए जाएंगे।

विधायक क्षेत्र विकास निधि में कटौती
विधायक प्राथमिकता योजनाओं के प्रति विधानसभा चुनाव क्षेत्र की वर्तमान सीमा 200 करोड़ रुपये को बढ़ाकर 225 करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई है। विधायकों को दी जाने वाली विवेकाधीन अनुदान की वर्तमान सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाया जाएगा। विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के संबंध में भी सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पहले प्रति विधानसभा क्षेत्र दो करोड़ 20 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाती थी, जिसे अब वर्तमान वित्तीय परिस्थिति को ध्यान में रखकर घटाकर एक करोड़ 10 लाख रुपये प्रति विधानसभा क्षेत्र किया जाता है।

चरणबद्ध तरीके से एक हजार टाइप-2 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी
प्रदेश में परिवहन के आधुनिकीकरण व पर्यावरणीय स्थिरता और स्वच्छ, हरित परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध तरीके से एक हजार टाइप-2 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी।  कार्बन फुट प्रिंट कम करने के उद्देश्य से 297 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदा जा रहा है। इन बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए एचआरटीसी ने राज्यभर में 80 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया आरंभ की है, जिनमें से 34 स्थानों पर कार्य अग्रिम चरण में है। पिछले बजट वर्ष 2025-26 में की गई घोषणा के अनुसार सरकार ने प्रदेश में चलने वाले 390 रूटों को निजी क्षेत्र में आवंटित करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट अप योजना स्टेज-3 के तहत इन रूटों पर बसों की खरीद के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।  सरकार रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उद्देष्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में अतिरिक्त 700 रूटों को भी निजी क्षेत्र को आवंटित करने का प्रस्ताव किया है।

प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई का खर्च भी उठाएगी सरकार
 प्रदेश सरकार ने निराश्रित, परित्यक्त महिलाओं और दिव्यांग माता-पिता के बच्चों की शिक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत अब लाभार्थियों को और अधिक राहत दी जाएगी। वर्तमान में योजना का लाभ लगभग 22 हजार लाभार्थियों को मिल रहा है। यह सुविधा अभी तक केवल प्रदेश के सरकारी शिक्षण संस्थानों तक ही सीमित थी। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा। अब पात्र महिलाओं और दिव्यांग माता-पिता के ऐसे सभी बच्चे, जो प्रदेश से बाहर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों में प्रवेश प्राप्त करेंगे, उनके लिए पाठ्यक्रम शुल्क, छात्रावास शुल्क और मैस शुल्क सहित संपूर्ण खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और वे उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को संवार सकेंगे।

महिला : तीन लाख तक ऋण, 4 प्रतिशत ब्याज देगी सरकार

शिमला। प्रदेश सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बजट में कई अहम घोषणाएं की हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला सशक्तीकरण योजना के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की पात्र महिलाओं, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं है, को हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम के माध्यम से अनुसूचित बैंकों की ओर से तीन लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। यह ऋण डेयरी, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, फूड प्रोसेसिंग, सिलाई, बुटिक और ब्यूटी पार्लर जैसे स्वरोजगार से जुड़े कार्यों के लिए दिया जाएगा। इस ऋण पर देय ब्याज का 4 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

गरीब बेटी की शादी के लिए 51 हजार का शगुन
इसके साथ ही सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए संचालित योजनाओं में बदलाव करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में चल रही मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और मुख्यमंत्री शगुन योजना को मिलाकर एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसका नाम शुभ विवाह योजना होगा। इस नई योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों की पात्र बालिकाओं और महिलाओं को विवाह के समय 51 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह सहायता उन लाभार्थियों को दी जाएगी, जिन्हें किसी अन्य सरकारी योजना के तहत इस उद्देश्य के लिए लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है।

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