{"_id":"6a40dd73656a8411310dcb8f","slug":"himachal-cherry-plum-first-export-to-oman-hpmc-apeda-2026-2026-06-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: ओमान पहुंची हिमाचल की पहली चेरी और प्लम की खेप, किसानों के लिए खुले अंतरराष्ट्रीय बाजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: ओमान पहुंची हिमाचल की पहली चेरी और प्लम की खेप, किसानों के लिए खुले अंतरराष्ट्रीय बाजार
Sun, 28 Jun 2026 02:08 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 28 Jun 2026 02:08 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश से पहली बार 800 किलोग्राम चेरी और प्लम की खेप ओमान निर्यात की गई है। एचपीएमसी और एपेडा की पहल से छह बागवानों की उपज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंची, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
विज्ञापन
चेरी और प्लम की खेप को ओमान के लिए रवाना करते बागवानी मंत्री।
- फोटो : स्रोत : विभाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की चेरी और प्लम की पहली निर्यात खेप शनिवार को ओमान के लिए रवाना की गई। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने हरी झंडी दिखाकर चेरी और प्लम की खेप अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए रवाना की।
विज्ञापन
यह पहल हिमाचल बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपेडा) के संयुक्त प्रयास से की गई। जड़ोल-टिक्कर और बागी क्षेत्र के छह किसानों की ओर से उत्पादित कुल 800 किलोग्राम फल हवाई मार्ग से भेजे गए। इसमें 400 किलोग्राम चेरी और 400 किलो प्लम शामिल हैं। हवाई परिवहन से फलों की ताजगी और गुणवत्ता बरकरार रहेगी।
विज्ञापन
एचपीएमसी और एपेडा ने किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ग्रेडिंग, पैकिंग और गुणवत्ता परीक्षण का पूरा खर्च वहन किया। बागवानी मंत्री ने कहा कि मध्य पूर्व और खाड़ी देशों में हिमाचल प्रदेश के फलों की मांग लगातार बढ़ रही है और ये क्षेत्र बड़े निर्यात बाजार के रूप में उभर रहे हैं। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर और लाभकारी मूल्य मिलेगा। उन्होंने किसान-बागवानों से अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के फलों का उत्पादन करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
7 जून को फलों का निर्यात बढ़ाने पर हुई थी चर्चा : 7 जून 2026 को ठियोग में एपेडा और एचपीएमसी ने फल उत्पादकों के लिए कार्यशाला आयोजित की थी। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अपर सचिव नितिन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में मध्य पूर्व और खाड़ी देशों में हिमाचल के फलों के निर्यात को बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई थी। उसी निर्णय के तहत यह पहली खेप भेजी गई है। मंत्री ने कहा कि यह केवल शुरुआत है। भविष्य में सेब सहित अन्य बागवानी उत्पादों के निर्यात का भी विस्तार किया जाएगा। एचपीएमसी किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए नए निर्यात अवसर विकसित करने के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।