हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- केंद्र ने बदला मनरेगा का मूल स्वरूप, गांवों का विकास होगा प्रभावित
अब केंद्र सरकार निश्चित बजट ही जारी करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिए जाने से प्रदेश को प्रति वर्ष 8 हजार से 10 हजार करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के मूल स्वरूप को बदल दिया है। इससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास प्रभावित होगा। पहले योजना मांग आधारित थी। अब केंद्र सरकार निश्चित बजट ही जारी करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिए जाने से प्रदेश को प्रति वर्ष 8 हजार से 10 हजार करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। अनुदान बंद होने के परिणामस्वरूप सरकार को वित्तीय अनुशासन अपनाना पड़ा है।
रिकांगपिओ में हिमाचल दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से हिमाचल वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध प्रदेश बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है।
राज्य सरकार ने अपनी सभी 10 गारंटियां पूरी की हैं। प्रदेश अभी गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। पिछली सरकार ने विरासत में 76, 657 करोड़ का कर्ज और कर्मचारियों की देनदारी के रूप में 10 हजार का भुगतान छोड़ा था। इस चुनौती को पार किया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने जलाशयों में मछली पालन करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया है। मानसून में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के समय मछुआराें को साल में एक बार 3500 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। जलाशयों में पकड़ी जाने वाली मछलियों पर रॉयल्टी दर को 15 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया है।
उल्लेखनीय कार्यों के लिए पांच को हिमाचल गौरव, 8 को प्रेरणा स्रोत, 2 को सिविल सर्विसिस अवॉर्ड
दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन करने और उल्लेखनीय कार्यों के लिए 15 विभूतियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें पांच को हिमाचल गौरव पुरस्कार, दो सिविल सर्विसेज अवॉर्ड और आठ को प्रेरणा स्रोत सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह पुस्कार दिए। समारोह में बिलासपुर के बरठीं के कंडयाणा गांव के पद्मश्री पुरस्कार से अलंकृत प्रेमलाल गौतम, हमीरपुर के डांगरी गांव के डॉ. ओपी शर्मा, अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना (शिमला) के प्राचार्य डॉ. बृज शर्मा, शिमला की हरलीन कौर और बिलासपुर की घुमारवीं तहसील के बछरीन गांव की हैंडबाल कोच स्नेहलता को व्यक्तिगत श्रेणी में हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन और उप मंडलाधिकारी (नागरिक) बल्ह स्मृतिका नेगी को व्यक्तिगत श्रेणी में सिविल सर्विसिस अवाॅर्ड दिया गया। शिमला के भोंट की चारू शर्मा और किन्नौर के यंगथंग तहसील के चांगो गांव की छोनजिन ऐंग्मो को व्यक्गित श्रेणी में प्रेरणा स्रोत सम्मान दिया गया। इसके अलावा विश्व विजेता भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य सिरमौर की शिलाई तहसील के शरोग गांव की रितु नेगी, धकौली गांव की साक्षी शर्मा, मेलाह टेक गांव की पुष्पा राणा, मंडी जिले के बेला गांव की भावना देवी और चंबा के बघाईगढ़ गांव की चंपा ठाकुर को ग्रुप श्रेणी में प्रेरणा स्रोत सम्मान से पुरस्कृत किया गया। वहीं, चमियाना अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग को भी प्रेरणा स्रोत सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के 9 लाभार्थियों को पहली किश्त के रूप में एक-एक लाख के चेक भी प्रदान किए। यह राशि विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं को घर बनाने के लिए प्रदान की गई है। योजना के तहत तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वहीं, 24 परिवारों को मुख्यमंत्री ने एफआरए के तहत भूमि के पट्टे भी प्रदान किए।
सत्ता हासिल करने के लिए छटपटा रहे जयराम: अग्निहोत्री
राजधानी शिमला में हिमाचल दिवस कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व सीएम जयराम ठाकुर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर सत्ता हासिल करने के लिए छटपटा रहे हैं। जनता ने मत कांग्रेस के पक्ष में दिया है। उन्हें संयम रखना चाहिए। अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा ने ऑपरेशन लोटस के जरिये सरकार तोड़ने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हुए। कांग्रेस पार्टी के पहले भी 40 विधायक थे और अब भी 40 विधायक कायम हैं। आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने विपक्ष को चेताया कि वे सोच रहे कि एंटी इंकम्बेंसी के दम पर सत्ता में आ जाएंगे तो वे गलतफहमी में है। एंटी इंकम्बेंसी सत्ता पक्ष के साथ ही नहीं विपक्ष के खिलाफ भी होती है। कहा कि केवल सोचने भर से जीत हासिल नहीं होगी। जयराम ठाकुर को सत्ता में आने की बड़ी जल्दी है। विपक्ष पर केंद्र में जाकर प्रदेश के हितों को बाधित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता का कांग्रेस पार्टी पर पूर्ण विश्वास है। भाजपा सत्ता हासिल करने की गलतफहमी में हैं। अग्निहोत्री ने जिला मंडी के सरकाघाट में 19 वर्षीय युवती की हत्या को लेकर भी दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी घटना का होना दुखदायी है लेकिन भारतीय जनता पार्टी इस पर भी राजनीति कर रही है। इस मामले में दोषी को सख्त सजा दिलवाई जाएगी। कांग्रेस सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। अपने कार्यकाल में बीजेपी में चिट्टे के खिलाफ किसी तरह का कोई काम नहीं किया। वर्तमान सरकार कि अपराध और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
आरडीजी बंद होने से नहीं रुकेगा संकल्प, ओपीएस जारी रहेगी : विक्रमादित्य
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आरडीजी बंद करने से प्रदेश में उत्पन्न आर्थिक संकट सरकार के संकल्पों को प्रभावित नहीं कर पाएगा। स्पष्ट किया कि डेढ़ लाख कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) मिलती रहेगी और इसे किसी भी सूरत में बंद नहीं किया जाएगा। मंडी में बुधवार को जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में संबोधित करते हुए उन्होंने आरडीजी को छोटी ग्रांट बताते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार क्षेत्रवाद और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने सरकाघाट में छात्रा हत्याकांड पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को कलंकित करने वाली सोच को समाप्त करना होगा। सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते मामलों पर सख्त नियंत्रण जरूरी है, ताकि हिमाचल की पहचान वीरभूमि और देवभूमि के रूप में बनी रहे। एनसीओआरडी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि देश की 2.1 प्रतिशत आबादी सिंथेटिक ड्रग्स की चपेट में है, जो गंभीर चिंता का विषय है। मंडी में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए उन्होंने मुख्य चौराहों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की घोषणा की। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भुभु जोत टनल परियोजना का कार्य जल्द शुरू होगा और इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में 5वें स्थान पर पहुंचा हिमाचल : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि जब हिमाचल अस्तित्व में आया था, उस समय यहां साक्षरता दर बहुत कम थी लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अब प्रदेश की साक्षरता दर करीब 99.30 प्रतिशत है और देश में अग्रणी है।हाल ही में राष्ट्रीय स्तर के एक सर्वे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल पहले के 21वें स्थान से अब 5वें स्थान पर पहुंच गया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर हिमाचल दिवस पर ऊना में जिला स्तरीय समारोह में बोल रहे थे। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

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