हिमाचल: धनी राम शांडिल बोले- आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड मशीनें जल्द
आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनें जल्द उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनी राम शांडिल ने आज यह जानकारी दी।
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हिमाचल प्रदेश के आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनें जल्द उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनी राम शांडिल ने आज यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन मशीनों की खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शांडिल ने हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीएमएससीएल) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह मशीनें आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित की जाएंगी।
इससे लोगों को एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उनके धन और समय की बचत भी होगी। राज्य सरकार कुल 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित कर रही है। इनमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक और लाहौल-स्पीति तथा भरमौर में दो-दो संस्थान शामिल हैं। धनी राम शांडिल ने कहा, सरकार आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना और उन्नत चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।
पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य अधोसंरचना पर 1,110 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि एचपीएमएससीएल की भूमिका गुणवत्तापूर्ण दवाइयों और मशीनों की खरीद सुनिश्चित करना है। मंत्री ने अधिकारियों को निविदा और खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक में डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। उन्नत दवाइयों, बेबी केयर किट और सीटी स्कैन सेवाओं की खरीद प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने विश्वस्तरीय चिकित्सा उपकरणों की समयबद्ध खरीद सुनिश्चित करने को कहा। इनमें उन्नत लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सेट और डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें शामिल हैं। उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर और चमियाना अस्पताल में भी प्रयोगशाला स्वचालन प्रणाली स्थापित होगी। बैठक में स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक प्रदीप कुमार ठाकुर, एचपीएमएससीएल के प्रबंध निदेशक दिव्यांशु सिंगल, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन जितेंद्र सांजटा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान डॉ. राकेश शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।