Himachal: निजी स्कूलों की फीस निर्धारित करने के लिए एक्ट में संशोधन करेगी सरकार, सख्त व्यवस्था लागू होगी
निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर जल्द ही लगाम लग सकती है। प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशन रेगुलेशन एक्ट 1997 में संशोधन करने की तैयारी में है।
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हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर जल्द ही लगाम लग सकती है। प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशन रेगुलेशन एक्ट 1997 में संशोधन करने की तैयारी में है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि सरकार फीस निर्धारण को लेकर स्पष्ट और सख्त व्यवस्था लागू करेगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि हर साल नए शैक्षणिक सत्र से पहले निजी स्कूलों की ओर से फीस बढ़ाने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। वर्तमान एक्ट के तहत निजी स्कूलों की फीस निर्धारित करने का कोई प्रावधान नहीं है।
इन राज्यों की फीस नियंत्रण व्यवस्था का अध्ययन किया जा रहा
अभिभावकों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को देखते हुए सरकार अब इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाने जा रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में लागू फीस नियंत्रण व्यवस्था का अध्ययन किया जा रहा है। इन्हीं राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में भी एक पारदर्शी और संतुलित फीस स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, ताकि निजी स्कूल मनमाने तरीके से शुल्क न बढ़ा सकें। कांग्रेस विधायक रामकुमार चौधरी ने प्रश्नकाल के दौरान निजी स्कूलों की मनमानी फीस का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई निजी स्कूल अभिभावकों से बिना किसी नियमन के फीस वसूल रहे हैं, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर भारी दबाव पड़ रहा है।
निजी स्कूलों में गरीब विद्यार्थियों को 25 फीसदी सीटों पर दाखिला
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों में गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिले को लेकर भी सख्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान का सही तरीके से पालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार निगरानी तंत्र को मजबूत करेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के राहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी दाखिले गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को देने का प्रावधान है लेकिन इसका भी सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।