फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal heavy rain alert till 15 july imd weather update

Himachal Rain: 15 जुलाई तक आफत की बारिश! हिमाचल में रेड अलर्ट जैसे हालात; सीएम की लोगों से सतर्क रहने की अपील

Fri, 10 Jul 2026 01:50 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 10 Jul 2026 01:50 PM IST
सार

Himachal Weather Alert: हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने से 15 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग ने शिमला, मंडी, सिरमौर, सोलन, कांगड़ा और कुल्लू सहित कई क्षेत्रों में तेज वर्षा, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, जलभराव और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ने की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
himachal heavy rain alert till 15 july imd weather update
धर्मशाला में तेज बारिश के दौरान स्कूटी सवार - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और आगामी छह दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) शिमला के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 15 जुलाई तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका है।

विज्ञापन


स्कूल बंद होंगे तो शिक्षकों और स्टाफ को भी मिलेगी छुट्टी
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच सरकार ने छात्रों और शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अहम फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए किसी भी जिले में स्कूल या अन्य शिक्षण संस्थान बंद करने का निर्णय संबंधित जिला उपायुक्त (डीसी) स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लेंगे।
विज्ञापन


शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में जिला प्रशासन को स्थानीय हालात का बेहतर आकलन होता है। इसी कारण सरकार ने सभी उपायुक्तों को आवश्यकता पड़ने पर सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि यदि किसी जिले में खराब मौसम, भूस्खलन, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक कारणों से शिक्षण संस्थान बंद किए जाते हैं तो उस अवधि में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी संस्थानों में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें भी अवकाश मिलेगा।


रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अभिभावकों और आम लोगों से भी अपील की कि खराब मौसम के दौरान प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।





मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से लेकर 15 जुलाई तक शिमला, मंडी, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा के कुछ क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। सिरमौर, मंडी, शिमला और सोलन जिलों में लगातार कई दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

विभाग ने बताया कि 9 से 15 जुलाई के दौरान किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का भी अनुमान है।

बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। चंबा के जोत में सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। वहीं बिलासपुर के मलरांव, शिमला के सराहन और चंबा के चुवाड़ी में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई। कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि भुंतर में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। विभाग ने चेताया है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव, सड़कें फिसलनभरी होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का भी खतरा है।

सिरमौर में भारी बारिश का अलर्ट: आज बंद रहेंगे सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम को देखते हुए जिला सिरमौर प्रशासन ने एहतियातन शुक्रवार 10 जुलाई को जिले के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय भारी बारिश, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और पेड़ गिरने जैसी संभावित घटनाओं के मद्देनजर लिया गया है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी उपमंडलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी और निजी स्कूलों, उच्च शिक्षण संस्थानों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन का कहना है कि लगातार हो रही वर्षा के कारण विशेषकर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, जिससे विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी हो गया।

यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 (V) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शुक्रवार को सभी शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद रहेंगे।

प्रशासन ने केवल विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी संस्थानों में उपस्थित होने से छूट दी है। सभी स्कूल प्राचार्यों, मुख्याध्यापकों और संबंधित अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

ऑरेंज अलर्ट के बीच सोलन में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद, DC का आदेश
भारत मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) शिमला द्वारा सोलन जिले के लिए जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद जिला प्रशासन ने शुक्रवार, 10 जुलाई को सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, पेड़ों के गिरने और सड़कें बाधित होने की आशंका को देखते हुए यह फैसला एहतियातन लिया गया है।



जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा-30 के तहत आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल, गैर-आवासीय शिक्षण संस्थान तथा आंगनबाड़ी केंद्र शुक्रवार को बंद रहेंगे। हालांकि रिहायशी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और मेडिकल शिक्षा संस्थानों को इस आदेश से बाहर रखा गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लगातार हो रही बारिश के कारण विशेषकर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें प्रभावित हुई हैं तथा भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अपने-अपने संस्थानों में उपस्थित रहना होगा तथा सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

जोशियों वाली गली में डंगा ढहा, 40 लोग घरों में फंसे, कई मकानों पर खतरा
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली तेज बारिश ने जिला मुख्यालय नाहन में बड़ा संकट खड़ा कर दिया। शुक्रवार सुबह बड़ा चौक स्थित जोशियों वाली गली में एक जर्जर डंगा अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गली में आ गिरीं। भूस्खलन के कारण गली पूरी तरह बंद हो गई और आसपास के कई मकानों के दरवाजे व खिड़कियां मलबे से जाम हो गईं। इसके चलते आठ परिवारों के करीब 40 लोग अपने ही घरों में फंस गए।



हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार डंगा गिरने से ऊपर की जमीन खिसक गई है, जिससे आसपास बने कई मकानों की नींव पर खतरा पैदा हो गया है। नीचे स्थित घरों पर भी मलबे का दबाव बढ़ने से नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

भूस्खलन के दौरान भारी पत्थरों की चपेट में आने से एक बिजली का पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि पेयजल की मुख्य पाइपलाइन टूटने से जलापूर्ति भी प्रभावित हुई है। मलबा सड़क और पैदल मार्ग पर फैल जाने से लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जिस डंगे के ढहने से यह हादसा हुआ, वह लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। इसके बावजूद उसी के ऊपर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही निर्माण कार्य पर आपत्ति जताते हुए डंगे की कमजोर स्थिति से अवगत कराया था, लेकिन चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया।

घटना की सूचना क्षेत्र के पार्षद और विधायक को दे दी गई है। प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने, मलबा हटाने और क्षेत्र में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।

कुल्लू में रातभर हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित, जलभराव ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
जिला कुल्लू में रातभर हुई लगातार बारिश का असर शुक्रवार सुबह जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। सुबह से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को दैनिक गतिविधियों के लिए घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बरसात के कारण सड़कें फिसलनभरी हो गईं और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई।



बारिश का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों पर देखने को मिला। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को रास्तों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जबकि सरकारी और निजी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी अपने कार्यस्थलों तक पहुंचने में दिक्कत हुई।

लगातार वर्षा के कारण शहर के कई हिस्सों में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई। नालियां ओवरफ्लो होने से बारिश का पानी सड़कों और गलियों में भर गया, जिससे वाहनों और पैदल चलने वालों की आवाजाही प्रभावित रही।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने विशेष रूप से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

सिरमौर और सोलन में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में सिरमौर जिले के पच्छाद में सबसे अधिक 207 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नाहन में 158.5 मिमी, कसौली में 145 मिमी, धर्मपुर (सोलन) में 136.8 मिमी, सोलन में 113 मिमी और पालमपुर में 109 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। चंबा के जोत में 83 मिमी तथा शिमला के जुब्बड़हट्टी में 72.9 मिमी बारिश दर्ज हुई।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 15 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का खतरा भी बना रहेगा।

तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि देहरा गोपीपुर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।

हणोगी के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर, मंडी–कुल्लू हाईवे एक घंटे बाधित; यातायात बहाल
लगातार हो रही बारिश का असर मंडी–कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी देखने को मिला। शुक्रवार सुबह हणोगी के पास पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने सुबह करीब छह बजे वाहनों की आवाजाही एक तरफा कर दी।



घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम मशीनरी के साथ मौके पर पहुंच गई। विभाग ने तत्काल राहत एवं सफाई अभियान शुरू करते हुए सड़क पर गिरे पत्थरों और मलबे को हटाने का काम शुरू किया।

करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सुबह सात बजे तक सड़क पूरी तरह साफ कर दी गई। इसके बाद मंडी–कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोतरफा यातायात फिर से सुचारु कर दिया गया।

लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियां कमजोर होने से भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। वहीं वाहन चालकों से भी बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।

चलती कार पर पहाड़ी से गिरा मलबा, पांच लोग घायल; दो की हालत गंभीर
सोलन जिले के कुनिहार क्षेत्र में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। सरली से कुनिहार की ओर जा रही एक कार पर नरवाड़ गांव के समीप अचानक पहाड़ी से पत्थर और मलबा आ गिरा। हादसे में कार सवार पांच लोग घायल हो गए, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। दो घायलों को गंभीर चोटें आई हैं।



जानकारी के अनुसार सुबह करीब 9:30 बजे कार (नंबर HP 01A-7775) सरली से कुनिहार की ओर जा रही थी। इसी दौरान नरवाड़ गांव के पास अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा गिरने लगा, जिसकी चपेट में कार आ गई। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर कुनिहार अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल दो लोगों का उपचार जारी है।

भारी बारिश से हालात चिंताजनक, सीएम सुक्खू ने लोगों से सतर्क रहने की अपील

हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई जिलों में भूस्खलन और जलभराव जैसी स्थितियां सामने आने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों से सतर्क रहने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि पिछले 24 घंटे से अधिक समय से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही तेज बारिश चिंता का विषय है। कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। एहतियात के तौर पर कुछ जिलों में स्कूलों को बंद करने का निर्णय भी लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं भी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं।

सीएम सुक्खू ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है।

मौसम विभाग की ओर से भी प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।




भारी बारिश से शिमला जिले में 27 सड़कें बंद, सुन्नी आईटीआई परिसर में घुसा पानी
लगातार हो रही बारिश के चलते शिमला जिले में जनजीवन प्रभावित हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की शुक्रवार सुबह 11 बजे जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार जिले में 669 लिंक सड़कों में से 27 सड़कें बंद हैं। हालांकि सभी राष्ट्रीय राजमार्ग और मुख्य सड़कें यातायात के लिए खुली हुई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार जिले में 67 वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) बंद होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जबकि 53 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। इसके अलावा एचपीपीडब्ल्यूडी की 15 एमडीआर (मुख्य जिला सड़कें) भी प्रभावित बताई गई हैं।

सुन्नी उपमंडल में लगातार बारिश के कारण आईटीआई परिसर से लेकर गौ सदन तक पानी भर गया है। प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए निकासी अभियान चलाया जा रहा है।

वहीं शिमला शहरी क्षेत्र के विकासनगर में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण दो से तीन खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

रामपुर उपमंडल के ब्रांडली गांव में भारी बारिश के चलते प्रकाश चंद के मकान की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के कारण सड़क, बिजली और पेयजल सेवाओं पर असर पड़ा है।

उपमंडलवार स्थिति के अनुसार ठियोग में छह सड़कें, आठ ट्रांसफार्मर और 29 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। चौपाल में पांच सड़कें, दस ट्रांसफार्मर और पांच पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। रामपुर में छह सड़कें, 49 ट्रांसफार्मर और 15 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। इसके अलावा जुब्बल में पांच, सुन्नी में तीन, कुमारसैन में एक तथा कोटखाई में एक ट्रांसफार्मर बंद है।

प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग व जिला प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed