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हिमाचल: हाईकोर्ट ने कहा- युद्ध की आलोचना, सांप्रदायिक सद्भाव की बात करना राजद्रोह नहीं

संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 09 Jan 2026 11:28 AM IST
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सार

हाईकोर्ट ने फेसबुक और सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी झंडा और खालिस्तान समर्थक नारे पोस्ट करना और आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के आरोपी एक युवक को बड़ी राहत देते हुए नियमित जमानत दे दी है।

Himachal High Court said Criticizing war, talking about communal harmony is not treason
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फेसबुक और सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी झंडा और खालिस्तान समर्थक नारे पोस्ट करना और आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के आरोपी एक युवक को बड़ी राहत देते हुए नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर युद्ध की आलोचना करना या सांप्रदायिक सद्भाव की अपील करने वाली पोस्ट साझा करना राजद्रोह की श्रेणी में नहीं आता है। न्यायाधीश राकेश कैंथला की अदालत ने जांच में पाया कि आरोपी की चैट में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने और सभी धर्मों के लोगों के साथ मिलकर रहने की बात कही गई थी।

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कोर्ट ने कहा कि शांति की इच्छा रखना और शत्रुता समाप्त करने की वकालत करना देश के प्रति असंतोष फैलाना नहीं है। पुलिस ने 28 मई 2025 को देहरा (कांगड़ा) निवासी अभिषेक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया था। आरोप था कि अभिषेक ने फेसबुक पर प्रतिबंधित हथियारों के साथ फोटो और वीडियो डाली थी। पाकिस्तान का झंडा अपलोड किया था और ऑपरेशन सिंदूर की आलोचना करते हुए खालिस्तान का समर्थन किया था। याचिकाकर्ता पर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने का भी आरोप था। 

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