HP High Court: एसपी के निलंबन पर हिमाचल हाईकोर्ट की रोक, सरकार को नोटिस; जानें पूरा मामला विस्तार से
पुलिस संचार एवं तकनीकी सेवा निदेशालय में तैनात पुलिस अधीक्षक के निलंबन आदेशों पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता द्वारा किया गया कथित कदाचार इतना गंभीर नहीं है कि उसके लिए निलंबन जैसी कार्रवाई की जाए। जानें पूरा मामला...
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस संचार एवं तकनीकी सेवा निदेशालय में तैनात पुलिस अधीक्षक के निलंबन आदेशों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना है कि याचिकाकर्ता को उसके उठाए गए प्रशासनिक मुद्दों के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है।
भर्ती एवं पदोन्नति नियम मामले के अनुसार याचिकाकर्ता विभाग में साल 2010 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को लागू करने की मांग कर रहे थे। उनका तर्क है कि इन नियमों को लागू करने की आवाज उठाने के कारण विभाग उन्हें परेशान कर रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि ये नियम कभी विधायिका द्वारा अनुमोदित ही नहीं किए गए।अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता को सीसीएस नियम,1965 के नियम 10(1) के तहत निलंबित किया गया है क्योंकि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई विचाराधीन है। याचिकाकर्ता लगातार विभाग के हितों के खिलाफ काम कर रहे थे और उन मुद्दों को दोबारा उठा रहे थे जो अदालत की ओर से पहले ही तय किए जा चुके हैं।
सरकार ने यह भी तर्क दिया कि निलंबन से पहले कारण बताओ नोटिस देना अनिवार्य नहीं है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि हालांकि सरकार के पास निलंबन का अधिकार है, लेकिन इस मामले में ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने नियमों को लागू करवाने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया।अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता द्वारा किया गया कथित कदाचार इतना गंभीर नहीं है कि उसके लिए निलंबन जैसी कार्रवाई की जाए।
ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए सबक सिखाया जा रहा है।अदालत ने 3 दिसंबर 2025 को जारी निलंबन आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।