Monsoon 2026: हिमाचल में बारिश का कहर जारी, 259 सड़कें बंद; 161 ट्रांसफार्मर और 54 पेयजल योजनाएं प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से मुश्किलें बढ़ गई हैं। 11 अगस्त सुबह की सरकारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 259 सड़कें बंद हैं, जबकि 161 बिजली ट्रांसफार्मर और 54 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 120 सड़कें बंद हैं। चंबा में 42 और कुल्लू में 40 सड़कें प्रभावित हैं। वहीं मानसून में अब तक आपदा से 157 लोगों की मौत और 257 लोगों के घायल होने की सूचना है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से जनजीवन लगातार प्रभावित हो रहा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 11 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण 259 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 161 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं और 54 पेयजल योजनाओं की आपूर्ति बाधित हुई है। एक दिन पहले शाम की स्थिति में बंद सड़कों की संख्या 106 थी, जो सुबह तक बढ़कर 259 हो गई। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में प्रभावित हैं। यहां 120 सड़कें बंद हैं। इसके बाद चंबा में 42, कुल्लू में 40 और शिमला में 30 सड़कें बंद हैं। सोलन में कोई सड़क बंद होने की सूचना नहीं है।
बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का असर पड़ा है। राज्य में 161 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। इनमें मंडी में 77 और शिमला में 43 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। चंबा में 16 और कुल्लू में 40 ट्रांसफार्मर बाधित होने की सूचना है। पेयजल आपूर्ति की स्थिति भी प्रभावित हुई है। रिपोर्ट में प्रदेश की 54 पेयजल योजनाओं के बाधित होने की जानकारी दी गई है। इनमें मंडी की 33 और शिमला की 33 योजनाएं प्रभावित होने का विवरण दर्ज है। किन्नौर में रिस्पा संपर्क सड़क जलस्तर बढ़ने के कारण बंद हुई है। किन्नौर में एक सड़क प्रभावित है। सिरमौर में 15 और ऊना में चार सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीति में दो सड़कें प्रभावित होने की सूचना है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 30 जून से 9 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार मानसून सीजन में आपदा के कारण प्रदेश में 157 लोगों की जान गई है। 257 लोग घायल हुए हैं और 628 पशुओं की मौत दर्ज की गई है। रिपोर्ट में निजी और सार्वजनिक संपत्ति को हुए व्यापक नुकसान का भी विवरण दिया गया है। आपदा से हुई मौतों में सबसे ज्यादा मामले चंबा में 24, कांगड़ा में 21 और कुल्लू में 21 दर्ज हैं। लाहौल-स्पीति में 18, शिमला में 20 और सिरमौर में 16 मौतें दर्ज की गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मानसून के दौरान आपदा से हुई मौतों के अलावा सड़क हादसों में भी 89 लोगों की जान गई है। सड़क दुर्घटनाओं में चंबा में 15, कुल्लू में 13, शिमला में 12 और मंडी में 11 मौतें दर्ज हैं। बारिश और आपदा से प्रदेश में घरों, दुकानों, पशुशालाओं, फसलों और सरकारी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। 9 अगस्त तक कुल नुकसान का आंकड़ा रिपोर्ट में 88,637.55 लाख रुपये दर्ज किया गया है।