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Himachal: बिजली उपभोक्ताओं पर नया बोझ, बिलों में 33.8 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल चार्ज लागू

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 19 Jun 2026 05:00 AM IST
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सार

राज्य बिजली बोर्ड ने मार्च 2026 में उपयोग की गई बिजली पर 33.8 पैसे प्रति यूनिट की दर से ईंधन एवं बिजली खरीद समायोजन अधिभार (फ्यूल चार्ज) लगाया है। इस राशि की वसूली इस माह के बिजली बिलों में शुरू कर दी गई है। 

Himachal: New burden on electricity consumers: fuel charge of 33.8 paise per unit applied to bills.
बिजली - फोटो : amar ujala
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग शुल्क और उपकर चुका रहे 28 लाख उपभोक्ताओं पर अब राज्य बिजली बोर्ड ने फ्यूल चार्ज लगा दिया है। बोर्ड ने मार्च 2026 में उपयोग की गई बिजली पर 33.8 पैसे प्रति यूनिट की दर से ईंधन एवं बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) यानी फ्यूल चार्ज लगाया है। इसकी वसूली जून में जारी मई के बिजली बिलों में शुरू कर दी गई है। फ्यूल चार्ज लगने से घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिलों में 50 से 150 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है।

प्रति यूनिट 33.8 पैसे अतिरिक्त वसूली को मंजूरी दी

बोर्ड की ओर से जारी आदेशों के अनुसार यह शुल्क राज्य विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ विनियमों के तहत लगाया गया है। मार्च 2026 के लिए किए गए आकलन के बाद प्रति यूनिट 33.8 पैसे अतिरिक्त वसूली को मंजूरी दी गई है। इसका असर सभी श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ा है। बिजली बोर्ड मुख्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड इकाइयों को नियामक आयोग के आदेशों के अनुरूप फ्यूल चार्ज लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

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शुल्क किसी नई दर वृद्धि का हिस्सा नहीं: आदित्य नेगी

यह शुल्क किसी नई दर वृद्धि का हिस्सा नहीं है, बल्कि बिजली खरीद और ईंधन लागत में आए अंतर के समायोजन के लिए नियामक प्रावधानों के तहत लगाया गया है। आगामी माह में यह शुल्क लेना है या नहीं, इसको लेकर विनियामक आयोग के समक्ष पिटीशन दायर की गई है। - आदित्य नेगी, प्रबंध निदेशक, बिजली बोर्ड

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क्या है फ्यूल चार्ज

फ्यूल चार्ज वह शुल्क है, जिसे बिजली उत्पादन और खरीद पर आने वाली वास्तविक और निर्धारित लागत के बीच अंतर को समायोजित करने के लिए लगाया जाता है। यदि किसी अवधि में बिजली खरीद या ईंधन पर अपेक्षा से अधिक खर्च होता है तो नियामक आयोग की स्वीकृति के बाद उसका कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं से वसूला जाता है।

उपभोक्ताओं पर पहले से है कई शुल्कों का बोझ

हिमाचल में बिजली उपभोक्ता पहले ही बिजली बिलों के साथ विभिन्न प्रकार के शुल्क और उपकर दे रहे हैं। बिलों में स्वच्छता सेस और अन्य निर्धारित शुल्क शामिल किए जा रहे हैं। इसके अलावा सरकार की ओर से दी जा रही बिजली सब्सिडी को लेकर भी नई व्यवस्थाएं लागू हैं। वर्तमान में घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ सीमित दायरे में मिल रहा है और दो मीटरों तक ही रियायत का प्रावधान लागू किया गया है।।

ऐसे बढ़ेगा बिल

मासिक खपत (यूनिट) अतिरिक्त शुल्क (रुपये में)
100 33.80
200 67.60
300 101.40
500 169.00
1000 338.00

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