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Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- प्रदेश के लिए नाबार्ड से 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 06 Feb 2026 04:45 PM IST
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सार

शुक्रवार को विधायकों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान नाबार्ड से 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत करवाई जा चुकी हैं। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal News MLA priorities meeting is being held in Shimla today CM Sukhu
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शिमला में विधायक प्राथमिकता बैठक की अध्यक्षता करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए पहले दिन के पहले सत्र में ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान नाबार्ड से 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत करवाई जा चुकी हैं। इन स्वीकृत योजनाओं में 512.31 करोड़ रुपये की 55 विधायक प्राथमिकता योजनाएं लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित हैं और 201.56 करोड़ रुपये की 18 विधायक प्राथमिकता योजनाएं जल शक्ति विभाग की हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि बजट का पूर्ण उपयोग किया जाए और नाबार्ड कार्यालय में प्रतिपूर्ति दावे  15 मार्च, 2026 से पहले जमा करें। इसके अतिरिक्त मार्च, 2026 तक नाबार्ड से और अधिक विधायक प्राथमिकताओं को स्वीकृत करवाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के तीन वर्ष लोक कल्याण नीतियों, पारदर्शी शासन तथा व्यापक सुधारों का रहा है तथा हमारी सरकार की नीतियों का लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदुढ़ करना, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना, कमजोर वर्गों को सुरक्षा प्रदान करना तथा हिमाचल प्रदेश को समृद्धशाली, हरित ऊर्जा सम्पन्न व आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सभी क्षेत्रों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के त्वरित, समावेशी एवं सत्त विकास के लिए वचनबद्ध है।
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ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अन्तर्गत राज्यों को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान को लेकर उठाया गया कदम पहाड़ी राज्यों के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि यह अनुदान वर्ष 1952 से 15वें वित्त आयोग तक राज्यों की वित्तीय स्थिरता के लिए निरन्तर मिलता रहा है, जिसे 16वें वित्त आयोग ने पहली बार बन्द किया है, जो हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी व कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य के प्रति अन्याय है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर देश के पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका के साथ-साथ हिमाचल से बहने वाली नदियों के माध्यम से पानी भी उपलब्ध करवाता है तथा केन्द्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करना प्रदेश के हितों के साथ कुठाराघात है।  

उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश के लिए 37199 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान की सिफारिश की थी। इसके अलावा कोरोना काल के दौरान पिछली भाजपा सरकार को वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 11,431 करोड़ रुपये की सहायता मिली थी। उन्होंने कहा कि अनुदान बंद कर देने से राज्य को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुक्सान होगा।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार को अब कुशल वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ राज्य का राजस्व बढ़ाने के लिए कड़े फैसले लेने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के आगामी बजट में मध्यम वर्ग और किसानों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार कृषि एवं बागवानी है, परन्तु केन्द्रीय बजट में बागवानों के लिए न तो किसी सब्सिडी का प्रावधान है और न ही किसी बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र है। उन्होंने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर एवं चण्डीगढ़- बद्दी रेल परियोजनाओं के विस्तार के लिए भी कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यह बजट कॉपरेटिव फैडेरलिज्म की भावना क विरूद्ध है तथा हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे पहाड़ी राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय उन्हें कर्ज बोझ तले दबाने के प्रयास का एक दस्तावेज है। उन्होंने केन्द्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करने व प्रदेश को विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की।

चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन बबलू ने चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तार के लिए 130 करोड़ रुपए प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने स्तोथर पुल, चौकी-मन्यार कॉलेज का काम जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने जोल में सब फायर स्टेशन बनाने और सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने की मांग की।

गगरेट क्षेत्र के विधायक राकेश कालिया ने गगरेट अस्पताल के लिए दो करोड़ रुपए प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार करते हुए इसे पूरा करने के लिए बाकी धनराशि जल्द जारी करने की मांग की। उन्होंने भद्रकाली आईटीआई के भवन तथा छह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के भवनों का निर्माण काम भी पूरा करने का भी आग्रह किया। उन्होंने दौलतपुर चौक तथा मुबारकपुर के लिए सीवरेज सुविधा तथा फ्लड प्रोटेक्शन के लिए समुचित धनराशि की मांग की।
 

ऊना के विधायक सतपाल सत्ती ने नगर निगम ऊना में शामिल नए गांवों के लिए सीवरेज स्कीम बनाने की मांग की। उन्होंने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने, संतोषगढ़-ऊना पुल का निर्माण करने तथा बीडीओ ऑफिस का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की। उन्होंने भभौर साहिब सिंचाई योजना को सुदृढ़ करने की भी मांग की।

कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने उनके क्षेत्र में जल शक्ति विभाग को विभिन्न स्कीमों के लिए 36.89 करोड़ रुपये प्रदान करने तथा नई पीने के पानी की स्कीम के लिए 14.93 करोड़ रुपये स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बंगाणा में सीवरेज स्कीम का काम पूरा करने, बंगाणा-शांतला सड़क तथा थानाकलां-भाखड़ा सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने बंगाणा में सब जज कोर्ट खोलने की मांग भी की।

भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने लदरौर-पट्टा पीने के पानी की स्कीम का निर्माण जल्द से जल्द करने की मांग की। उन्होंने भोरंज नगर पंचायत में आधारभूत संरचना मजबूत करने की आग्रह किया। साथ ही सब जज कोर्ट का नया भवन बनाने और भोरंज में सीवरेज स्कीम बनाने की मांग की। उन्होंने भोरंज में क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए 23.75 करोड़ रुपये देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

विधायक रणजीत सिंह ने सुजानपुर बीडीओ ऑफिस तथा पीएचसी चबूतरा के भवनों का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने टौणीदेवी-ऊहल-कक्कड़ जंगलबैरी सड़क को स्तरोन्नत करने की मांग की। टौणी देवी और सुजानपुर अस्पतालों में खाली पड़े डॉक्टरों के पदों को भरने का भी अनुरोध किया।
 

बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने बड़सर और भोटा में नया बस अड्डा बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का अनुरोध किया। उन्होंने रैली जजरी स्कूल का नया भवन बनाने, पीएचसी चकमोह को शुरू करने की मांग की। उन्होंने दियोटसिद्ध से वॉल्वो बस तथा बड़सर-एम्स बस चलाने का आग्रह किया।

पच्छाद विधायक रीना कश्यप ने उनके क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की मांग करते हुए कहा कि हाब्बन घाटी, शिरगुल महाराज और भूरेश्वर महादेव मंदिर में पर्यटन का संभावनाएं हैं। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हाब्बन का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की।

नाहन विधायक अजय सोलंकी ने नाहन मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाया और कॉर्डियोलोजी विभाग बनाने के साथ-साथ स्टाफ नर्सों के पदों को भरने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में तीन सड़कों के निर्माण को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए भोजपुर पुल बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने बिजली के कम वोल्टेज की समस्या का निवारण करने का भी आग्रह किया।

श्री रेणुकाजी श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ने अपने क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग करते हुए कहा कि रेणुकाजी झील की डिसिल्टिंग की जाए। उन्होंने रेणुकाजी चिड़ियाघर में शेर लाने की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने का भी आग्रह किया। उन्होंने आदर्श स्वास्थ्य संस्थान संगड़ाह में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने ददाहू में कॉलेज भवन और बस स्टैंड का निर्माण करने की मांग की। उन्होंने बिजली विभाग का डिविजन संगड़ाह में खोलने की मांग की।

विधायक सुखराम चौधरी ने अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों के निर्माणाधीन भवनों का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने हिमाचल और उत्तराखंड को जोड़ने वाले नावघाट पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के साथ-साथ सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने का भी आग्रह किया। उन्होंने गिरी सिंचाई नहरों की मुरम्मत करने की मांग की। पांवटा औद्योगिक क्षेत्र में बिजली लोड ठीक करने का आग्रह भी किया।
 

राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने इस अवसर पर आशा व्यक्त की कि विधायकों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों से प्रदेश में विकास की गति को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने बैठक में मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा संबंधित उपायुक्त व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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