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हिमाचल: निजी जमीन से बांस काटने पर नहीं लगेगा शुल्क, वृक्ष की श्रेणी से भी बाहर; जानें क्या कुछ बोले सीएम

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 20 Mar 2026 09:58 AM IST
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सार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक बिक्रम ठाकुर के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निजी भूमि पर बांस कटान करने पर कोई फीस नहीं लगेगी। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal No Fee for Cutting Bamboo on Private Land Excluded from Tree Category
बांस। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

जसवां परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह ने प्रश्नकाल में मामला उठाया कि निजी जमीन पर बांस काटने पर किसानों से शुल्क की वसूली न की जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि गैर वन भूमि पर उगाए गए बांस को वृक्ष की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। 

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 मुख्यमंत्री ने इस पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। हालांकि, वन क्षेत्रों में पाया जाने वाला बांस अभी भी वन उपज की श्रेणी में आता है। ऐसे में परिवहन के दौरान निजी और वन भूमि से प्राप्त बांस में अंतर करना व्यावहारिक रूप से कठिन होता है, इसलिए जांच और नियंत्रण आवश्यक है। विधायक ने मांग की कि निजी भूमि पर उगाए गए बांस पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

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सीमा कॉलेज में बीएड की कक्षाएं शुरू करने का मामला विचाराधीन : रोहित
रोहड़ू के कांग्रेस विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने प्रश्नकाल में पूछा कि क्या शिक्षा मंत्री बताएंगे कि रोहडू विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में राजा वीरभद्र सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीमा में कब तक बीएड की कक्षाएं आरंभ की जाएंगी। जवाब में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राजा वीरभद्र सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीमा में बीएड की कक्षाएं शुरू करने का मामला वर्तमान में सरकार के विचाराधीन है।

इस विषय में नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामला कैबिनेट से मंजूर हो चुका है। सरकार शुरू करेगी। इधर, किसानों के साथ हो रही कथित धोखाधड़ी के मामलों को कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में किसानों के साथ धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज होती है, उन्हीं में कार्रवाई होती है, जबकि अन्य मामलों में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि धोखाधड़ी के मामलों में सरकार गंभीरता से कार्रवाई करेगी। 
 

मल्टी टास्क वर्कर्स के लिए बनेगी एक समान योजना : विक्रमादित्य
ऊना के भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रश्नकाल में पूछा कि लोक निर्माण विभाग में रखे गए मल्टी टास्क वर्कर्स का वेतन 5500 प्रति माह और कार्य अवधि 4 घंटे है। उन्होंने पूछा कि क्या कारण है कि इन वर्कर्स से 8 से 10 घंटे कार्य लिया जा रहा है। क्या सरकार इनकी कार्य अवधि को देखते हुए इनके वेतन में वृद्धि करने का विचार रखती है। जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी में तैनात मल्टी टास्क वर्कर्स का नियुक्ति समय में मानदेय 4500 रुपए प्रति माह था, जिसे वर्ष 2024 में 5000 और वर्ष 2025 में 5500 प्रति माह कर दिया गया। जहां तक उनकी ड्यूटी की अवधि का प्रश्न है तो मल्टी टास्क वर्कर्स योजना 2022 के प्रावधान के अनुसार कोई भी कार्य अवधि निर्धारित नहीं है।  मल्टी टास्क वर्कर्स के लिए योजना बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। 
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