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Himachal News: पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे सेस को लेकर भाजपा का हमला, जयराम बोले- 'सुख के नाम पर शुल्क की सरकार'
Wed, 12 Aug 2026 12:49 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 12 Aug 2026 12:49 PM IST
सार
हिमाचल में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा सेस लागू होने के बाद भाजपा ने सुक्खू सरकार पर हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इसे जनता पर बढ़ता आर्थिक बोझ बताते हुए सरकार को ‘शुल्क की सरकार’ कहा। राकेश जमवाल ने डीजल वैट और सीमेंट टैक्स बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया। वहीं बलबीर वर्मा ने शिमला जिला परिषद चुनाव तत्काल कराने की मांग की। पढ़ें पूरी खबर...
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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा सेस लागू होने के बाद सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद जनता पर तरह-तरह के शुल्क और टैक्स का बोझ डालना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार 'सुख की सरकार' के बजाय 'शुल्क की सरकार' बन गई है।
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जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता हासिल करने से पहले कांग्रेस ने जनता से बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि डीजल पर दो बार वैट बढ़ाने के बाद अब पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर सेस लगा दिया गया है।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अनाथ और विधवा सेस के नाम पर लोगों से पैसा वसूलकर सरकार चलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा में भाजपा ने पहले ही सरकार को बताया था कि पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स बढ़ाने का व्यापक प्रभाव पड़ता है और इससे दूसरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ता है।
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जयराम ठाकुर के अनुसार, उस समय मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि यह केवल एक प्रावधान है और सरकार इसे लगाने नहीं जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर सेस लागू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है और यहां परिवहन तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति मुख्य रूप से सड़क मार्ग से होती है। ऐसे में डीजल-पेट्रोल महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ढुलाई लागत बढ़ने से आम लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जयराम ठाकुर ने सरकार की शुल्क लगाने की नीति पर हाईकोर्ट की टिप्पणी का भी हवाला दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि ‘सुख के नाम पर शुल्क की सरकार’ चलाना बंद किया जाए और जनता को राहत दी जाए।
राकेश जमवाल बोले- टैक्स बढ़ाओ, सेस लगाओ और जनता पर बोझ डालो
भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने भी पेट्रोल-डीजल पर नए सेस को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की आर्थिक नीति का एक ही मूल मंत्र रह गया है—‘टैक्स बढ़ाओ, सेस लगाओ और जनता पर बोझ डालो।’
जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनवरी 2023 में डीजल पर वैट में करीब तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद जुलाई 2023 में फिर डीजल वैट में करीब तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। उन्होंने दावा किया कि 2023 में ही दो चरणों में डीजल पर करीब छह रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त वैट का बोझ डाला गया।
अब सरकार ने 11 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर नया अनाथ एवं विधवा सेस लागू कर दिया है। जमवाल ने कहा कि विधानसभा में पारित वैट संशोधन कानून में इस मद में अधिकतम पांच रुपये प्रति लीटर तक सेस लगाने का प्रावधान है, जबकि वर्तमान में इसकी दर 60 पैसे प्रति लीटर निर्धारित की गई है। उन्होंने सीमेंट पर टैक्स बढ़ाने का भी मुद्दा उठाया। जमवाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने सीमेंट पर अतिरिक्त माल कर को 11 रुपये से बढ़ाकर 16 रुपये प्रति बैग कर दिया। उनके अनुसार इससे एक सीमेंट बैग पर पांच रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा।
जमवाल ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में डीजल की कीमत बढ़ने का असर परिवहन लागत पर पड़ता है। सीमेंट, सरिया, रेत-बजरी, फल-सब्जी, राशन और अन्य जरूरी सामान सड़क मार्ग से पहुंचता है। इसलिए ईंधन महंगा होने से इनकी ढुलाई लागत भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर किसान-बागवान, ट्रांसपोर्टर, टैक्सी चालक, छोटे व्यापारी, मध्यम वर्ग और मकान बनाने वाले परिवारों पर पड़ेगा। उन्होंने इसे आम जनता पर दोहरी मार बताया। जमवाल ने कहा कि भाजपा अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के खिलाफ नहीं है, लेकिन ऐसे कल्याणकारी कार्यों के लिए सरकार को बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अपने बजट से संसाधन जुटाने चाहिए। उन्होंने नए सेस पर पुनर्विचार करने की मांग की।
बलबीर वर्मा ने शिमला जिला परिषद चुनाव को लेकर घेरा
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक बलबीर वर्मा ने शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव को टाल रही है क्योंकि उसे संख्या बल को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट होने का डर है। वर्मा ने दावा किया कि भाजपा के 13 समर्थित जिला परिषद सदस्य एकजुट हैं और तीन अतिरिक्त जिला परिषद सदस्य भी भाजपा के संपर्क में हैं। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के पास बहुमत है तो तत्काल शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तारीख घोषित की जाए।
उन्होंने कहा कि चुनाव होने पर वास्तविक संख्या बल सबके सामने आ जाएगा। वर्मा के अनुसार भाजपा के 13 समर्थित जिला परिषद सदस्य हाईकोर्ट भी गए हैं और 17 अगस्त को सरकार से जवाब मांगा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से जिला परिषद सदस्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्मा ने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का फैसला बंद कमरों में नहीं, बल्कि निर्वाचित सदस्यों के लोकतांत्रिक मतदान से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और सरकार को तत्काल चुनाव करवाने चाहिए।
60 पैसे सेस 11 अगस्त की मध्यरात्रि से लागू
पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर की दर से अनाथ एवं विधवा सेस 11 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से लागू हुआ है। इसे पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की पहली बिक्री पर वसूला जाना है। सरकार की ओर से इस सेस का उद्देश्य अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए संसाधन जुटाना बताया गया है। वहीं, भाजपा इसे जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठा रही है।