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Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने खत्म किए सभी कैबिनेट रैंक, 20 फीसदी वेतन/भत्ते भी 30 सितंबर तक स्थगित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 17 Mar 2026 12:21 PM IST
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सार

Himachal Economic Crisis: आर्थिक तंगी से जूझ रही हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी कैबिनेट रैंक खत्म कर दिए हैं। आदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों को सभी संबंधित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal Pradesh Government Abolishes All Cabinet Ranks Notification Issued
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी कैबिनेट रैंक खत्म कर दिए हैं। वहीं, 20 फीसदी वेतन/भत्ते भी 30 सितंबर 2026 तक स्थगित किए गए हैं। अब बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन, सलाहकारों को मिलने वाली कैबिनेट रैंक सुविधा तुरंत प्रभाव से नहीं मिलेगी। सरकार ने सभी विभागों के सचिवों को आदेश दिया है कि वे इस फैसले को तुरंत लागू करें। सरकार ने खर्च कम करने की दिशा में आगे बढ़ने के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। नोटिफिकेशन देखें

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सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस फैसले को प्रशासनिक सुधार और खर्चों पर नियंत्रण के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में सरकार की कार्यप्रणाली पर व्यापक असर पड़ सकता है।

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नोटिफिकेशन में क्या लिखा है?
बता दें कि हिमाचल प्रदेश सरकार में सामान्य प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव कुलविंद्र सिंह द्वारा हस्तक्षारित नोटिफिकेशन में लिखा है कि 'मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि प्रशासनिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से 'कैबिनेट रैंक' की स्थिति की समीक्षा की गई है और सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि विभिन्न बोर्ड, निगम और आयोगों के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/उपाध्यक्ष (डिप्टी चेयरमैन), प्रधान सलाहकार/राजनीतिक सलाहकार आदि को वर्तमान में प्रदान की गई 'कैबिनेट रैंक' की सुविधा को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है। नोटिफिकेशन में लिखा है कि इसके अतिरिक्त, उनके वेतन/मासिक पारिश्रमिक का 20 प्रतिशत भाग 30-09-2026 तक स्थगित रहेगा। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई शीघ्रता से सुनिश्चित करें और अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आने वाले सभी संबंधितों को इन निर्देशों से अवगत कराएं।

बता दें कि मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू का वेतन ढाई लाख रुपए मासिक है। उन्हें इस वेतन के साथ-साथ मेडिकल रिंबर्समेंट, यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता और वाहन जैसी अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का वेतन भी ढाई लाख रुपये प्रति माह ही है। इन्फ्रास्ट्रक्चर सलाहकार अनिल कपिल का वेतन 2.31 लाख रुपए मासिक है। आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल मात्र एक रुपए मासिक वेतन लेते हैं। इसके अलावा सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंदलाल को भी कैबिनेट रैंक मिला है। एचपीटीडीसी के चेयरमैन आरएस बाली भी कैबिनेट रैंक प्राप्त विधायक हैं। 

प्रशासनिक प्रोटोकॉल को सुव्यवस्थित करने के लिए कैबिनेट रैंक का दर्जा वापस लिया
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न प्राधिकरणों को दिए गए ‘कैबिनेट रैंक’ के दर्जे को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसमें बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाईस चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन तथा प्रधान सलाहकार और राजनीतिक सलाहकार शामिल हैं। प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्णय प्रशासनिक प्रोटोकॉल को सुव्यवस्थित करने के प्रयासों के तहत लिया गया है। इस निर्णय के साथ ही इन पदों को दिए गए ‘कैबिनेट रैंक’ से संबंधित सभी प्रावधान तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, संबंधित अधिकारियों के वेतन और मासिक भत्तों का 20 प्रतिशत हिस्सा 30 सितंबर, 2026 तक स्थगित रहेगा। प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि इस निर्णय को शीघ्रता से लागू किया जा सके और उनके अधीन सभी विभागों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
 
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