हिमाचल प्रदेश: पुलिस कर्मचारी हिम बस कार्ड पर ही कर सकेंगे निगम की बसों में सफर, 31 तक बनवाना होगा
हिमाचल प्रदेश में पुलिस कर्मियों को अब एचआरटीसी की बसों में सफर करने के लिए हिम बस कार्ड बनवाना अनिवार्य रहेगा। सभी पात्र पुलिस कर्मियों को 31 जनवरी तक हिम बस कार्ड बनवाना होगा। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल में पुलिस कर्मियों को अब एचआरटीसी की बसों में सफर की सुविधा केवल हिम बस कार्ड के माध्यम से ही मिलेगी। सरकार के निर्देशों के बाद एचआरटीसी ने इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के करीब 15 हजार पुलिस कर्मियों के लिए हिम बस कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
बता दें कि पुलिस कर्मी बस में चढ़ते समय किराया नहीं देते हैं, लेकिन उनके वेतन से हर महीने 600 रुपये काटकर विभाग एचआरटीसी को भुगतान करता है (यह 'मुफ्त' नहीं है, बल्कि रीइंबर्समेंट है)।
निगम का तर्क है कि हिम बस कार्ड योजना का उद्देश्य मुफ्त यात्रा की सुविधा को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मुफ्त सफर का लाभ केवल पात्र कर्मियों को ही मिले। एचआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से निगम को यह स्पष्ट आंकड़ा मिलेगा कि कितने कर्मचारी मुफ्त यात्रा कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए बस अड्डा विकास प्राधिकरण ने 80 ई-चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में 20 करोड़ रुपये से विभिन्न जिलों में 34 चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
प्राधिकरण के मुताबिक सरकार से अगली किस्त जारी होते हुए अन्य ई-चार्जिंग स्टेशनों का कार्य भी शुरू कर दिया जएगा। इससे पहले बीएसएमडीए ने प्रदेश में 80 ई-चार्जिंग बनाने की रिवाइज डीपीआर मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार के माध्यम से नाबार्ड को भेजी थी, जिसे मंजूरी मिल गई है।
इस योजना में सभी जिलों को शामिल किया गया है। इसके तहत प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक बसों की खरीद होने और अन्य निजी और सरकारी वाहनों के चार्जिंग की सुविधा मिल सकेगी। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से प्रदेश में 123 करोड़ रुपये से 80 ई-चार्जिंग स्टेशन बनेंगे।
एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने बताया कि ई-चार्जिंग स्टेशनों का कार्य निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके तहत पहले 34 ई-चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण का कार्य किया जा रहा है।