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Himachal Monsoon : हिमाचल में बारिश से 110 सड़कें बंद, 91 बिजली ट्रांसफार्मर ठप; 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित
Mon, 17 Aug 2026 10:20 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:20 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से जनजीवन प्रभावित है। 17 अगस्त सुबह तक 110 सड़कें बंद, 91 बिजली ट्रांसफार्मर और 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 39 और कुल्लू में 33 सड़कें बंद हैं। मानसून सीजन में अब तक 973 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया है।
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हिमाचल मानसून 2026
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। बारिश और खराब मौसम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 17 अगस्त सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 110 सड़कें बंद, 91 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर बाधित और 217 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। एक दिन पहले शाम की रिपोर्ट में 109 सड़कें, सात डीटीआर और 216 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं।
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मंडी में सबसे ज्यादा 39 सड़कें बंद
बारिश से सड़क व्यवस्था सबसे ज्यादा मंडी जिले में प्रभावित हुई है। यहां 39 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज उपमंडल में 25, थलौट में पांच, सुंदरनगर और जोगिंद्रनगर में एक-एक, पधर में सात और सरकाघाट में दो सड़कें शामिल हैं। कुल्लू जिले में 33 सड़कें बंद हैं। बंजार में 12, कुल्लू में आठ, आनी में पांच और निरमंड में आठ सड़कें प्रभावित हैं। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में आवाजाही पर असर पड़ रहा है।
बारिश से सड़क व्यवस्था सबसे ज्यादा मंडी जिले में प्रभावित हुई है। यहां 39 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज उपमंडल में 25, थलौट में पांच, सुंदरनगर और जोगिंद्रनगर में एक-एक, पधर में सात और सरकाघाट में दो सड़कें शामिल हैं। कुल्लू जिले में 33 सड़कें बंद हैं। बंजार में 12, कुल्लू में आठ, आनी में पांच और निरमंड में आठ सड़कें प्रभावित हैं। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में आवाजाही पर असर पड़ रहा है।
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चंबा में 12 और शिमला में नौ सड़कें बंद
चंबा जिले में कुल 12 सड़कें बंद हैं। इनमें डलहौजी में एक, भरमौर में दो, सलूणी में तीन, पांगी में एक और भटियात में पांच सड़कें शामिल हैं। शिमला जिले में नौ सड़कें बंद हैं। रामपुर में सात, चौपाल में एक और सुन्नी में एक सड़क प्रभावित है। वहीं सिरमौर में नाहन की दो, संगड़ाह की तीन और राजगढ़ की एक सड़क बंद बताई गई है। कांगड़ा में छह सड़कें, ऊना में चार और लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है। किन्नौर, हमीरपुर और बिलासपुर में रिपोर्ट के समय सड़क बंद होने की सूचना नहीं थी।
चंबा जिले में कुल 12 सड़कें बंद हैं। इनमें डलहौजी में एक, भरमौर में दो, सलूणी में तीन, पांगी में एक और भटियात में पांच सड़कें शामिल हैं। शिमला जिले में नौ सड़कें बंद हैं। रामपुर में सात, चौपाल में एक और सुन्नी में एक सड़क प्रभावित है। वहीं सिरमौर में नाहन की दो, संगड़ाह की तीन और राजगढ़ की एक सड़क बंद बताई गई है। कांगड़ा में छह सड़कें, ऊना में चार और लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है। किन्नौर, हमीरपुर और बिलासपुर में रिपोर्ट के समय सड़क बंद होने की सूचना नहीं थी।
91 बिजली ट्रांसफार्मर और 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित
बारिश का असर केवल सड़क नेटवर्क तक सीमित नहीं है। प्रदेश में 91 डीटीआर यानी बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। इसके साथ ही 217 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। रिपोर्ट में जिला स्तर पर बिजली और पेयजल व्यवस्था के प्रभावित आंकड़े भी दर्ज किए गए हैं। मंडी में बिजली आपूर्ति से जुड़े सबसे ज्यादा व्यवधान दर्ज हैं। यहां कुल 28 डीटीआर बाधित बताए गए हैं। शिमला में 22 और सिरमौर में 41 डीटीआर प्रभावित हैं। पेयजल योजनाओं में भी कई जिलों में व्यवधान दर्ज किया गया है।
बारिश का असर केवल सड़क नेटवर्क तक सीमित नहीं है। प्रदेश में 91 डीटीआर यानी बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। इसके साथ ही 217 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। रिपोर्ट में जिला स्तर पर बिजली और पेयजल व्यवस्था के प्रभावित आंकड़े भी दर्ज किए गए हैं। मंडी में बिजली आपूर्ति से जुड़े सबसे ज्यादा व्यवधान दर्ज हैं। यहां कुल 28 डीटीआर बाधित बताए गए हैं। शिमला में 22 और सिरमौर में 41 डीटीआर प्रभावित हैं। पेयजल योजनाओं में भी कई जिलों में व्यवधान दर्ज किया गया है।
मानसून में 79 लोगों की मौत, सड़क हादसों में 108 जानें गईं
16 अगस्त तक की संचयी मानसून रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 79 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, आग, सांप के काटने, पेड़ या चट्टान से गिरने और अन्य कारण शामिल हैं। इसके अलावा मानसून अवधि में सड़क हादसों में 108 लोगों की मौत दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा सड़क हादसों में मौतें सिरमौर में 17, चंबा में 16, कुल्लू में 14, बिलासपुर में चार और मंडी में तीन दर्ज की गई हैं।
16 अगस्त तक की संचयी मानसून रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 79 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, आग, सांप के काटने, पेड़ या चट्टान से गिरने और अन्य कारण शामिल हैं। इसके अलावा मानसून अवधि में सड़क हादसों में 108 लोगों की मौत दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा सड़क हादसों में मौतें सिरमौर में 17, चंबा में 16, कुल्लू में 14, बिलासपुर में चार और मंडी में तीन दर्ज की गई हैं।
973 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
प्रदेश में 30 जून से 16 अगस्त तक मानसून सीजन के दौरान सरकारी रिपोर्ट में 97,315.76 लाख रुपये, यानी करीब 973.16 करोड़ रुपये का कुल नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें निजी संपत्ति के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग, बिजली, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण और शहरी विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों को हुआ नुकसान शामिल है। बारिश का दौर जारी रहने के बीच बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित बिजली-पानी व्यवस्था को बहाल करने की चुनौती प्रशासन के सामने बनी हुई है।
प्रदेश में 30 जून से 16 अगस्त तक मानसून सीजन के दौरान सरकारी रिपोर्ट में 97,315.76 लाख रुपये, यानी करीब 973.16 करोड़ रुपये का कुल नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें निजी संपत्ति के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग, बिजली, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण और शहरी विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों को हुआ नुकसान शामिल है। बारिश का दौर जारी रहने के बीच बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित बिजली-पानी व्यवस्था को बहाल करने की चुनौती प्रशासन के सामने बनी हुई है।