Himachal Politics: 'पेपर हुआ ही नहीं तो लीक कहां से होगा?' राजीव बिंदल ने सुक्खू सरकार पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान सुक्खू सरकार पर बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं, बढ़ते टैक्स, महंगाई और कर्ज को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया था, लेकिन युवा अब भी भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं। बिंदल ने बिना परीक्षा और इंटरव्यू हुई नियुक्तियों की जांच की मांग भी उठाई।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सोमवार को शिमला स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय दीपकमल में पत्रकार वार्ता कर सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों, बढ़ते टैक्स, महंगाई, कर्ज और विकास कार्यों को लेकर सरकार पर कई आरोप लगाए। डॉ. बिंदल ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने एक लाख सरकारी नौकरियां और पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का कार्यकाल लगभग चार वर्ष पूरा होने को है, लेकिन प्रदेश के युवा अब भी भर्ती परीक्षाओं और रोजगार का इंतजार कर रहे हैं।
'पेपर हुआ ही नहीं तो लीक कहां से होगा?'
भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए डॉ. बिंदल ने कहा, “पेपर हुआ ही नहीं तो लीक कहां से होगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि कई भर्तियों की प्रक्रिया वर्षों से आगे नहीं बढ़ी है और युवा लंबे समय से परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ऐसी नियुक्तियों की जांच की मांग भी उठाई, जिनमें कथित तौर पर न लिखित परीक्षा हुई और न ही इंटरव्यू। उन्होंने सरकार से इन नियुक्तियों की प्रक्रिया और संख्या सार्वजनिक करने को कहा।
पेट्रोल-डीजल के दाम और टैक्स पर भी घेरा
डॉ. बिंदल ने पेट्रोल-डीजल पर बढ़े करों और हाल में लगाए गए 60 पैसे प्रति लीटर सेस को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल-डीजल पर बढ़े करों और कीमतों से प्रदेश की जनता पर करीब 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। उन्होंने सीमेंट, स्टांप ड्यूटी, राशन, बिजली, पानी और बस किराये से जुड़े मुद्दे उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से गरीब और मध्यम वर्ग के घरेलू खर्च में बढ़ोतरी हुई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेने के बावजूद विकास कार्यों की गति धीमी रहने का आरोप लगाया। उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति, संस्थानों के बंद होने और कर्मचारियों व पेंशनरों की देनदारियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब रोजगार और विकास के मोर्चे पर स्थिति बेहतर नहीं हुई तो सरकार की ओर से लिया गया कर्ज आखिर कहां खर्च हुआ।
मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी
डॉ. बिंदल ने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र में भाजपा विधायक दल बेरोजगारी, महंगाई, टैक्स, कर्ज, कथित भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इन मुद्दों को सदन के साथ जनता के बीच भी ले जाएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा संगठन वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बूथ स्तर से तैयारी कर रहा है।