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Himachal Weather: बारिश-भूस्खलन से 120 सड़कें बंद, दो नेशनल हाईवे ठप; रोहतांग में बर्फबारी
Mon, 13 Jul 2026 10:02 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, अवाहदेवी (हमीरपुर)/
संवाद न्यूज एजेंसी, अवाहदेवी (हमीरपुर)/
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 13 Jul 2026 10:02 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है। दो नेशनल हाईवे समेत 120 से अधिक सड़कें बंद हैं, जबकि रोहतांग में बर्फबारी हुई है। शिमला, किन्नौर, चंबा, कुल्लू और सिरमौर में कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने 16 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। पढ़ें पूरी खबर...
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मौसम अपडेट (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा और बर्फबारी के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 120 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। इससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रभावित क्षेत्र और सड़कों की स्थिति
रविवार को शिमला, लाहौल-स्पीति, चंबा, सिरमौर और कुल्लू जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि रोहतांग में बर्फबारी भी हुई। भूस्खलन के कारण पठानकोट-भरमौर और शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे-5 सहित 120 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। कुल्लू जिले में सैंज-न्यूली मार्ग भी भूस्खलन के कारण छह घंटे तक बाधित रहा।
रविवार को शिमला, लाहौल-स्पीति, चंबा, सिरमौर और कुल्लू जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि रोहतांग में बर्फबारी भी हुई। भूस्खलन के कारण पठानकोट-भरमौर और शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे-5 सहित 120 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। कुल्लू जिले में सैंज-न्यूली मार्ग भी भूस्खलन के कारण छह घंटे तक बाधित रहा।
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ऊना में सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात थम गया, जबकि हमीरपुर में बिजली के तार टूटने से स्थानीय लोगों को बिजली आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ा। धर्मशाला में दिन के समय घनी धुंध छाने के कारण दृश्यता कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा।
भूस्खलन और यातायात बाधित
रविवार दोपहर को शिमला में हुई झमाझम बारिश के कारण कार्ट रोड पर भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात बाधित हो गया। इस भूस्खलन के कारण सब्जी मंडी जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है। चंबा जिले में भी दिन भर हल्की बारिश होती रही, जिससे मौसम सुहाना बना रहा। बारिश के बीच बत्ती दी हट्टी के समीप हुए भूस्खलन से पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
रविवार दोपहर को शिमला में हुई झमाझम बारिश के कारण कार्ट रोड पर भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात बाधित हो गया। इस भूस्खलन के कारण सब्जी मंडी जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है। चंबा जिले में भी दिन भर हल्की बारिश होती रही, जिससे मौसम सुहाना बना रहा। बारिश के बीच बत्ती दी हट्टी के समीप हुए भूस्खलन से पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
लाहौल घाटी में दोपहर बाद बारिश हुई और रोहतांग दर्रे सहित लाहौल-स्पीति की चोटियों पर बर्फबारी हुई। कुल्लू जिले के बंजार, बाह्य सराज और मनाली में सुबह से रुक-रुक कर बारिश होती रही। मंडी के जोगिंद्रनगर में सर्वाधिक छह सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि मनाली में पांच सेंटीमीटर और सराहन में चार सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। जिला सिरमौर के विभिन्न क्षेत्रों में भी बारिश हुई। किन्नौर के रल्ली में लाल ढांक में पहाड़ी से चट्टानें गिरने से नेशनल हाईवे-5 बाधित हो गया, जिसके कारण किन्नौर के रिकांगपिओ, पूह, काजा और स्पीति वैली का संपर्क कट गया है।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से 16 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 13 से 18 जुलाई तक भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है।
इस बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन द्वारा सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य बना हुआ है। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से आग्रह किया गया है कि वे यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से 16 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 13 से 18 जुलाई तक भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है।
इस बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन द्वारा सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य बना हुआ है। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से आग्रह किया गया है कि वे यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।