सीएम सुक्खू बोले: पीएम की 1,500 करोड़ की घोषणा का पैसा अब तक नहीं मिला, RDG बंद होने से हिमाचल को बड़ा नुकसान
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आरडीजी बंद होने के मुद्दे पर विपक्ष से राजनीति से ऊपर उठकर सरकार का साथ देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 1,500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई थी, लेकिन राशि अभी तक प्रदेश को नहीं मिली। मुख्यमंत्री के अनुसार आरडीजी बंद होने से हिमाचल को हर साल करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने और केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विपक्ष से राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के हित में सरकार का साथ देने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि हिमाचल की जनता के अधिकार से जुड़ा विषय है।
हिमाचल के हक के लिए विपक्ष को राजनीति से ऊपर उठकर सरकार का साथ देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 1,500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन यह राशि अभी तक हिमाचल को नहीं मिली है।
विज्ञापन
RDG बंद होने से प्रतिवर्ष प्रदेश को करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।… pic.twitter.com/Tf4WOsE8MSविज्ञापन विज्ञापन— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) August 9, 2026
सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में आपदा प्रभावित हिमाचल के लिए 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की थी, लेकिन यह राशि अभी तक प्रदेश को नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली इस सहायता के साथ-साथ आरडीजी का मुद्दा भी हिमाचल की वित्तीय स्थिति से सीधे जुड़ा है।
आरडीजी बंद होने से बढ़ा वित्तीय दबाव
मुख्यमंत्री के अनुसार, राजस्व घाटा अनुदान यानी आरडीजी बंद होने से हिमाचल को हर साल करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद 2026-27 से राज्यों के लिए आरडीजी की व्यवस्था समाप्त हो गई है। हिमाचल लंबे समय से इस अनुदान पर निर्भर रहा है और इसके बंद होने से राज्य सरकार के वित्तीय संसाधनों पर दबाव बढ़ने की बात कहती रही है। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। यहां सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च अधिक होता है। ऐसे में केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर 2025 को हिमाचल में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की थी। यह सहायता आपदा प्रभावित हिमाचल के लिए घोषित विशेष वित्तीय मदद थी, जबकि आरडीजी राज्यों के राजस्व घाटे से जुड़ा अलग अनुदान है। मुख्यमंत्री सुक्खू का कहना है कि प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता अभी तक प्रदेश को नहीं मिली है। राज्य सरकार इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाती रही है।
विपक्ष से बोले- हिमाचल के हक के लिए साथ आएं
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि हिमाचल से जुड़े वित्तीय मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रदेश के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र से हिमाचल के अधिकार की मांग करना किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं है। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के हित में सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर केंद्र के समक्ष हिमाचल का पक्ष मजबूती से रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता के अधिकार और प्रदेश की आर्थिक मजबूती के लिए विपक्ष का साथ और सहयोग जरूरी है।