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हिमाचल: अब प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ेगा, IGMC में मिलेगी 256-स्लाइस CT और बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा
Sun, 09 Aug 2026 02:35 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 09 Aug 2026 02:35 PM IST
सार
हिमाचल सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए 83.85 करोड़ रुपये जारी किए हैं। आईजीएमसी शिमला में 256-स्लाइस सीटी स्कैन, एसपेक्ट मशीन और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए सेल सेपरेटर लगाया जाएगा। टांडा मेडिकल कॉलेज में छह हाई-एंड अल्ट्रासाउंड मशीनें खरीदी जाएंगी। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पैट स्कैन भवन भी बनेगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मरीजों को इलाज के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उन्नत स्वास्थ्य उपकरणों और अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 83.85 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके तहत आईजीएमसी शिमला में 256-स्लाइस सीटी स्कैन, एसपेक्ट मशीन और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए सेल सेपरेटर मशीन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
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आईजीएमसी शिमला में एसपेक्ट मशीन और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए सेल सेपरेटर की खरीद के लिए 8 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। एसपेक्ट मशीन से शरीर के विभिन्न अंगों और ऊतकों की कार्यप्रणाली की त्रि-आयामी तस्वीरें तैयार की जा सकेंगी। इससे हृदय, मस्तिष्क, हड्डियों, फेफड़ों और गुर्दों से जुड़ी बीमारियों की जांच में मदद मिलेगी। कुछ प्रकार के कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के मूल्यांकन में भी यह तकनीक उपयोगी होगी।
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बोन मैरो ट्रांसप्लांट में मदद करेगा सेल सेपरेटर
सेल सेपरेटर की मदद से मरीज या डोनर से स्टेम सेल एकत्र किए जा सकेंगे। इन्हें आवश्यक प्रक्रिया के बाद ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर इन्हें सुरक्षित रखने के बाद मरीज में प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। इससे आईजीएमसी में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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आईजीएमसी में लगेगा 256-स्लाइस सीटी स्कैन
आईजीएमसी शिमला में 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन की खरीद के लिए 12 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा छह हाई-एंड अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद और सीटीएल कंडाघाट के उन्नयन के लिए 14 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
दो एक्स-रे मशीनों, जिनमें एनालॉग और डिजिटल सिस्टम शामिल हैं, की खरीद के लिए भी 3.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन आधुनिक उपकरणों से अस्पताल की जांच सुविधाओं को मजबूत करने और मरीजों की जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
टांडा में भी छह आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें
कांगड़ा स्थित डॉ. आरपीजीएमसी टांडा के लिए छह हाई-एंड अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इसके लिए सरकार ने 6 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इससे मेडिकल कॉलेज में मरीजों की जांच की क्षमता बढ़ेगी और आधुनिक निदान सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नेरचौक में बनेगा पैट स्कैन भवन
मंडी के लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक में पैट स्कैन भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे प्रदेश में गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर की जांच और उपचार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ज्वालामुखी और जोगिंद्रनगर अस्पतालों को भी राशि
कांगड़ा के सिविल अस्पताल ज्वालामुखी के लिए 17.95 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें अस्पताल में पानी और बिजली की व्यवस्था का प्रावधान भी शामिल है। वहीं सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों के आवास निर्माण के लिए 4.90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
हमीरपुर के मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ में पार्किंग सुविधा के लिए 12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ में पुलिस थाना निर्माण के लिए 3.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके साथ बिलासपुर जिले के घुमारवीं में एसडीएएमओ कार्यालय और अस्पताल सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।
मरीजों को प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ेगा : सुक्खू
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि हिमाचल के लोगों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदेश में ही मिलें। मरीजों को उन्नत उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक आधुनिक, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि हिमाचल के लोगों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदेश में ही मिलें। मरीजों को उन्नत उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक आधुनिक, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।