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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal: Rohit Thakur says 1,200 new teachers will be recruited for the skill development of school students.

हिमाचल: रोहित ठाकुर बोले- स्कूली विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए भर्ती होंगे 1200 नए शिक्षक

Thu, 06 Aug 2026 08:37 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 06 Aug 2026 08:37 PM IST
सार

प्रदेश सरकार स्कूलों में व्यावसायिक और कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करने के लिए 1200 नए शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि बदलते दौर में केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी और व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है।

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Himachal: Rohit Thakur says 1,200 new teachers will be recruited for the skill development of school students.
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में स्कूली विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार स्कूलों में व्यावसायिक और कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करने के लिए 1200 नए शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि बदलते दौर में केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी और व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है। गुरुवार को शिमला में अमर उजाला स्कूल एक्सीलेंस अवाॅर्ड-2026 समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी और निजी स्कूलों के प्राचार्यों को सम्मानित करने के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने साढ़े तीन वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में कई कड़े फैसले लिए हैं। 

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बोले - शिक्षा डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए
इन फैसलों का ही परिणाम है कि हिमाचल प्रदेश आज देश में शिक्षा के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। सरकार का अगला लक्ष्य प्रदेश को देश का पहला पूर्ण साक्षर राज्य बनाना है। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और अगले एक वर्ष के भीतर हिमाचल में शत-प्रतिशत साक्षरता दर हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और आत्मनिर्भरता का माध्यम बननी चाहिए। किसी भी स्कूल की सफलता उसके नेतृत्व पर निर्भर करती है। प्राचार्य न केवल प्रशासनिक मुखिया होते हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रेरित करने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। जिन स्कूलों और प्राचार्यों को सम्मानित किया गया है, वे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। स्कूलों और प्राचार्यों को सम्मानित करने की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे शिक्षा जगत में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। ऐसे मंच शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के उत्कृष्ट कार्यों को पहचान दिलाने का काम करते हैं। समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्राचार्यों, शिक्षाविदों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मानित प्राचार्यों ने इसे शिक्षा क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा बताया।

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