Himachal Vidhan sabha: नदियों-खड्डों से निकालेंगे गाद, खनन में लगे ट्रैक्टरों के नहीं होंगे चालान
प्रदेश में नदियों और खड्डों की ड्रेजिंग (गाद निकालना) की जाएगी। ब्यास नदी पर 42 स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं।
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हिमाचल प्रदेश में नदियों और खड्डों की ड्रेजिंग (गाद निकालना) की जाएगी। ब्यास नदी पर 42 स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि खनन कर रहे ट्रैक्टरों के चालान नहीं होंगे। इन्हें राहत देने के लिए सरकार नीति बनाएगी। नदियों में बढ़ती गाद की समस्या से निपटने के लिए मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों की मैपिंग माइनिंग अधिकारियों और वन विभाग के साथ मिलकर की जाएगी। कोऑपरेटिव सोसायटी के गठन के सुझाव पर भी विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के मौसम में नुकसान पहुंचाने वाली नदियों की सरकार ड्रेजिंग करेगी।
वन निगम को सौंपा गया कार्य
इसके लिए नीति बनाई है। वन निगम को यह कार्य सौंपा गया है। कुल्लू से पायलट आधार पर ब्यास नदी से ड्रेजिंग की शुरुआत की गई है। यह प्रयोग सफल रहा तो इसे दूसरे चरण में मनाली सहित अन्य स्थानों पर ड्रेजिंग का कार्य किया जाएगा। सतलुज, ब्यास के अलावा अन्य नदियों और खड्डों में भी ड्रेजिंग का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में ट्रैक्टर मालिकों को चालान से बचाने के लिए नीति लाएगी, जिससे अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए खनन करने पर उनका चालान न हो। उन्होंने कहा कि कई ट्रैक्टर कृषि उपयोग के लिए पंजीकृत हैं, कई बार ट्रैक्टर मालिक इसका उपयोग छोटे-मोटे कार्यों के लिए करते हैं, तो उनका चालान कट जाता है।
सरकार ट्रैक्टरों को चालान के दायरे से बाहर करेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ट्रैक्टरों को चालान के दायरे से बाहर करेगी। विधायक चंद्रशेखर के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रेजिंग के लिए कुल 42 स्थान चिह्नित किए गए हैं और इनमें मनाली भी शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार मनाली में ब्यास नदी की प्राथमिकता के आधार पर ड्रेजिंग करेगी। इसके लिए एफसीए के तहत अनुमति लेना जरूरी है। कांगड़ा जिला की चक्की खड्ड को भी ड्रेजिंग के लिए शामिल किया जाएगा। उधर, विधायक भवानी सिंह पठानिया ने उपायुक्त कांगड़ा को निर्देश देकर मानचित्र तैयार करने की बात कही। जीत राम कटवाल ने कोऑपरेटिव सोसायटी के प्रस्ताव का समर्थन किया। इंद्र सिंह गांधी ने अपने क्षेत्र में भी गाद की समस्या और मरी हुई मछलियों के मिलने का मुद्दा उठाया। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने साल 2025 में रेत-बजरी उठाने के लिए लगाई गई मशीनों को दिए शुल्क और सरकार को हुए राजस्व को लेकर सवाल पूछा।
पहली बार विधायक पत्नी ने सीएम पति से पूछा सवाल
देहरा से विधायक और मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर ने सोमवार को पहली बार मुख्यमंत्री से मछुआरों की परेशानियों को लेकर सवाल पूछा। कहा कि देहरा में बड़ी संख्या में मछुआरों की संख्या है, जो आजीविका के लिए मछली पर ही निर्भर हैं। पौंग डैम बनने के बाद से यहां पर मछुआरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 2023 में भीषण बाढ़ आने के बाद पूरे जल क्षेत्र में सिल्ट बढ़ गई और इसकी वजह से मछली कारोबार प्रभावित हो रहा है, मछलियां भी मर रही हैं। सरकार इस पर संज्ञान ले। बीबीएमबी प्रबंधन को सिल्ट उठाने के निर्देश दिए जाएं। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां रेत की मात्रा अधिक है, वहां माइनिंग की जा रही है और मछुआरों के हित में विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने घोषणा की कि मछुआरों को दो माह तक 3500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
विधायक रीना बोलीं, साेलन-राजगढ़ सड़क खराब, मंत्री ने नकारा आरोप
भाजपा विधायक रीना कश्यप ने प्रश्नकाल के दौरान सोलन-मीनस-राजगढ़ की सड़क की खस्ताहालत का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यह सड़क सोलन, सिरमौर और शिमला जिला की जीवन रेखा है। इसे दुरुस्त किया जाना चाहिए। जवाब में लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सड़क की हालत ठीक है। सड़क की कुल लंबाई 128 किलोमीटर की है। सोलन, शिलाई और राजगढ़ वृत्त के तहत सड़क आती है। बीते वर्ष भी मरम्मत कार्य हुआ है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए 70 एनएच घोषित किए थे। इसके बाद पांच ही सिरे चढ़े। इन पांच सड़कों के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। प्रदेश की सभी सड़कों को आपस में जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इन सड़कों को सीआरएफ में डालने का प्रयास किया जाएगा, जिससे इनके सुधार के लिए पर्याप्त बजट मिल सके। विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि यह सड़क कई जगह बहुत तंग है। इससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी होती है।
इंडोर स्टेडियम नहीं बनने पर विपक्षी सदस्यों ने जताई नाराजगी
भाजपा विधायकों ने इंडोर स्टेडियम नहीं बनने पर नाराजगी जताई। विधायक विनोद कुमार, अनिल शर्मा और बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि स्टेडियम बनाने की घोषणा सिर्फ फाइलों में दर्ज है। विधायक विनोद ने कहा कि पूर्व की जयराम ठाकुर सरकार के दौरान जिन परियोजनाओं पर काम चल रहा था, वे वर्तमान सरकार के आते ही बंद हो गईं। युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कहा कि प्रदेश में कुल 16 इंडोर स्टेडियम प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं, जिनमें से तीन पर काम शुरू हो चुका है। जिला स्तर पर भी स्टेडियम विकसित किए जाएंगे और देहरा व घुमारवीं में कार्य प्रगति पर है। नाचन क्षेत्र में अनियमितताओं की जांच करवाई जाएगी और बजट का प्रावधान किया जाएगा। शाहपुर में एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा खेल विभाग ने सिंथेटिक ट्रैक की मांग की है, जो एफसीए की अनुमति मिलने के बाद पूरी की जाएगी। विधायक केवल सिंह पठानिया ने चंबी और चुवाड़ी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यहां रैलियों का आयोजन होता है और एयरपोर्ट के नजदीक होने के से यह महत्वपूर्ण स्थान हैं, लेकिन अब तक विकास कार्य शुरू नहीं हुए। उन्होंने मांग की कि यहां भी खेल विभाग की सुविधाएं विकसित की जाएं। विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि पड्डल के प्रस्ताव को भविष्य की योजनाओं में शामिल किया जाए। मंडी में शिवरात्रि का आयोजन पड्डल में होने के कारण वहां इंडोर स्टेडियम बनाना संभव नहीं है। वैकल्पिक भूमि उपलब्ध है, जिसकी लागत करीब 1.45 करोड़ रुपये है, जहां भविष्य में स्टेडियम बनाया जा सकता है। विधायक बिक्रम सिंह ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में इंडोर स्टेडियम का काम चल रहा है लेकिन लिखित जवाब में इसकी जानकारी नहीं है। इस पर मंत्री ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी।
इंदौरा में अवैध क्लीनिकों की हो जांचः मलेंद्र
नशा निवारण केंद्रों और नशा उपचार क्लीनिकों के संचालन को लेकर विधायक मलेंद्र राजन ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इंदौरा में अवैध तरीके से क्लीनिक चला रहे हैं। इनकी जांच होनी चाहिए। इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने स्पष्ट किया कि विभाग समय-समय पर नशा निवारण केंद्रों की जांच करता है और निगरानी में कोई कमी नहीं रखी जाती। उन्होंने बताया कि कंडाघाट में नशा निवारण केंद्र खोलना सरकार की प्राथमिकता में है, जहां थैरेपी सुविधाएं भी शुरू करने की योजना है। इसके अलावा कुल्लू में भी नया केंद्र खोला जाएगा। फिलहाल सात स्थानों पर ऐसे केंद्र खोले जा रहे हैं। जिला सिरमौर के कोटला में भी एक केंद्र निर्माणाधीन है। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि स्वारघाट में जगह का चयन हो चुका है, लेकिन अब तक ठोस कार्य नहीं हुआ। इस पर मंत्री ने दोहराया कि बजट में की गई घोषणाओं के तहत चरणबद्ध तरीके से नशा निवारण केंद्र खोले जाएंगे।