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Himachal Weather Alert: हिमाचल में अगले छह दिन भारी बारिश का अलर्ट, सोलन में 106 मिमी बारिश, आईएमडी की चेतावनी
Mon, 27 Jul 2026 11:22 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 27 Jul 2026 11:22 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 27 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सोलन के कंडाघाट में पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 106.4 मिमी वर्षा हुई। 28 से 31 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल मौसम अपडेट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के शिमला केंद्र ने आगामी 27 जुलाई से 2 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 से 31 जुलाई के बीच कई स्थानों पर मूसलाधार वर्षा होने की प्रबल संभावना है, जबकि 27 जुलाई को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
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सोलन में सर्वाधिक वर्षा, कई जिलों में अलर्ट
पिछले 24 घंटों के दौरान, सोलन जिले के कंडाघाट में सर्वाधिक 106.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो भारी वर्षा का संकेत है। इसके अतिरिक्त, बिलासपुर के काहू में 40.2 मिमी, कुल्लू के कोठी में 39.2 मिमी, शिमला जिले के सराहन में 34.5 मिमी, मंडी के जोगिंद्रनगर में 31 मिमी, सिरमौर के जट्टों बैराज में 24.4 मिमी और शिमला शहर में 16.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने बताया है कि प्रदेश में मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ दोनों सक्रिय हैं, जिसके परिणामस्वरूप अगले कई दिनों तक बारिश का यह क्रम जारी रहने की उम्मीद है।
पिछले 24 घंटों के दौरान, सोलन जिले के कंडाघाट में सर्वाधिक 106.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो भारी वर्षा का संकेत है। इसके अतिरिक्त, बिलासपुर के काहू में 40.2 मिमी, कुल्लू के कोठी में 39.2 मिमी, शिमला जिले के सराहन में 34.5 मिमी, मंडी के जोगिंद्रनगर में 31 मिमी, सिरमौर के जट्टों बैराज में 24.4 मिमी और शिमला शहर में 16.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने बताया है कि प्रदेश में मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ दोनों सक्रिय हैं, जिसके परिणामस्वरूप अगले कई दिनों तक बारिश का यह क्रम जारी रहने की उम्मीद है।
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संभावित खतरे और बचाव की सलाह
इस भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और जलभराव जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आमजन और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे नदी-नालों के किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि वे मौसम की जानकारी लेते रहें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।
इस भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और जलभराव जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आमजन और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे नदी-नालों के किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि वे मौसम की जानकारी लेते रहें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।
तापमान में गिरावट
बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 12.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 12.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
हिमाचल प्रदेश में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सोलन के कंडाघाट में पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक 106.4 मिमी वर्षा हुई। 28 से 31 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
नाहन में झमाझम बारिश, उमस से मिली राहत; किसानों के खिले चेहरे
जिला मुख्यालय नाहन और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह करीब 10:30 बजे आसमान में काले बादल छाए और कुछ ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से पूरे क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया और लोगों को कई दिनों से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
पिछले दो-तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण नाहन और आसपास के इलाकों में चिपचिपी गर्मी और उमस बढ़ गई थी। सोमवार को हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश का असर केवल मौसम तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका लाभ कृषि क्षेत्र को भी मिलने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश क्षेत्र की नकदी फसलों और फलदार पौधों के लिए संजीवनी साबित होगी। इससे फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन में भी सुधार की संभावना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार उमस के बाद हुई इस बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है और वातावरण में ताजगी लौट आई है।
जिला मुख्यालय नाहन और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह करीब 10:30 बजे आसमान में काले बादल छाए और कुछ ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से पूरे क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया और लोगों को कई दिनों से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
पिछले दो-तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण नाहन और आसपास के इलाकों में चिपचिपी गर्मी और उमस बढ़ गई थी। सोमवार को हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश का असर केवल मौसम तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका लाभ कृषि क्षेत्र को भी मिलने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश क्षेत्र की नकदी फसलों और फलदार पौधों के लिए संजीवनी साबित होगी। इससे फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन में भी सुधार की संभावना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार उमस के बाद हुई इस बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है और वातावरण में ताजगी लौट आई है।