Himachal Weather: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने हिमाचल में दी दस्तक, एक सप्ताह बरसेंगे बादल, कई जिलों के लिए अलर्ट
मानसून ने पूरे किन्नौर जिले, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ज्यादातर हिस्सों, शिमला और मंडी के कई हिस्सों और सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। राज्य के कुछ हिस्सों में मानसून आगे बढ़ गया है। मंगलवार को मानसून ने पूरे किन्नौर जिले, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ज्यादातर हिस्सों, शिमला और मंडी के कई हिस्सों और सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है। माैसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिनों के दौरान हिमाचल के बाकी हिस्सों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। बीते साल मानसून 20 जून को पहुंचा था लेकिन इस बार करीब 10 दिन की देरी से दस्तक दी है। पूरे राज्य में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 25 जून मानी जाती है। इस बार मानसून में सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान है।
7 जुलाई तक बरसेंगे बादल
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 30 जून को राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 1 और 5 जुलाई को राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 2, 3, 6 और 7 जुलाई को राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बीते 24 घंटों के दाैरान गोहर में 55, मंडी 45.6, बरठीं 42.6, रायपुर मैदान 41, सुंदरनगर 31.4, कांगड़ा 30.8 व बग्गी में 24.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट, तापमान में बदलाव के आसार
हिमाचल में सामान्य से कम बारिश की संभावना
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की ऋतु (जून से सितंबर) में होने वाली वर्षा दीर्घावधि औसत (92 फीसदी से नीचे) सामान्य से कम होने की संभावना है। किन्नौर जिले के कुछ क्षेत्रों में सामान्य वर्षा और लाहौल-स्पीति जिले के कुछ क्षेत्रों व चंबा जिले के उत्तरी हिस्सों में सामान्य वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश के लिए दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम के लिए सामान्य वर्षा (1971-2020) (734.4) मिलीमीटर है। दीर्घावधि औसत 92 फीसदी से नीचे रहने पर कम बारिश की श्रेणी माना जाता है। जबकि दीर्घावधि औसत >90-95 तक सामान्य से नीचे, 96-104 तक सामान्य, >105 -110 तक सामान्य से अधिक और 110 से ज्यादा होने पर अत्याधिक बारिश की श्रेणी में आता है।
2000 में 9 जून को पहुंचा था मानसून
साल 2025 में दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 जून को प्रदेश में पहुंचा था और 24 जून तक पूरे राज्य में फैल गया। पिछले 29 वर्षों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे जल्दी 9 जून 2000 और सबसे देर से 5 जुलाई 2010 को पहुंचा था। 2025 में राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून से सितंबर) के दौरान सामान्य बारिश 734.4 एमएम के मुकाबले 1022.5 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 39 फीसदी ज्यादा रही। बीते मानसून में 1022.5 एमएम बारिश हुई, जो पिछले 125 वर्षों में 15वीं सबसे ज्यादा और पिछले 29 वर्षों में सबसे ज्यादा बारिश थी। हालांकि, 1901 से 2025 के बीच सबसे ज्यादा बारिश (1314.6 एमएम) साल 1922 में दर्ज की गई थी।
मानसून में किस साल कितनी बारिश
2010 से 2025 तक मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश की वास्तविक वर्षा (मिमी में) और औसत।
| वर्ष | वास्तविक वर्षा (मिमी) | औसत से विचलन (%) |
|---|---|---|
| 2010 | 888.5 | 10.6 |
| 2011 | 730.3 | -9.1 |
| 2012 | 701.8 | -15.0 |
| 2013 | 776.9 | -7.9 |
| 2014 | 522.2 | -31.6 |
| 2015 | 638.2 | -16.4 |
| 2016 | 623.9 | -18.3 |
| 2017 | 717.2 | -6.1 |
| 2018 | 927.0 | 21.4 |
| 2019 | 686.9 | -10.0 |
| 2020 | 567.4 | -25.7 |
| 2021 | 688.6 | -9.8 |
| 2022 | 716.2 | -2.5 |
| 2023 | 886.0 | 21.0 |
| 2024 | 600.8 | -18.0 |
| 2025 | 1022.5 | 39.0 |
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.