Himachal Weather Update: हिमाचल में बिगड़ा मौसम का मिजाज, आज अंधड़-ओलावृष्टि का अलर्ट; किसानों की टेंशन बढ़ी
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार से मौसम का मिजाज बिगड़ चुका है। राजधानी शिमला की बात करें तो सुबह-सुबह ही तूफान चला। वहीं, जिला ऊना समेत कई जिलों में फसल काटने का काम चला हुआ है। ऐसे में किसानों की टेंशन बढ़ गई है। पढ़ें पूरी खबर...
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को मौसम का मिजाज बिगड़ चुका है। कई क्षेत्रों में लू के बीच सोमवार को ऊना में पारा 42 डिग्री तक पहुंच गया था। लेकिन इसी बीच मंगलवार को ठंडी हवाएं चल रही हैं। बात करें राजधानी शिमला की तो सुबह ही तूफान से तापमान में गिरावट आई है। इस बीच किसानों की और बागवानों की दोनों की चिंता बढ़ गई है। किसान फसल को लेकर टेंशन में हैं तो बागवान ओलावृष्टि को लेकर।
वहीं, माैसम विभाग ने प्रदेश के कई भागों में अगले छह दिन बारिश की संभावना जताई है। चोटियों पर बर्फबारी हो सकती है। ऐसे में गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 व 29 अप्रैल को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी एवं शिमला जिले में ओलावृष्टि व अंधड़ (हवाओं की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे) चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
#WATCH | Himachal Pradesh | Hill town Shimla witnesses light rainfall as a result of a Western Disturbance pic.twitter.com/ovxEjMZZJN
— ANI (@ANI) April 28, 2026
28 अप्रैल से 3 मई तक राज्य के कई भागों में बारिश होने की संभावना है। 28, 29, 30 अप्रैल और 3 मई को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश -बर्फबारी हो सकती है। एक और 2 मई को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार हैं।
अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश अधिकतम तापमान में भी कोई बड़ा बदलाव होने के आसार नहीं हैं। अगले 3-4 दिनों में कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
मौसम के बदले मिजाज से बढ़ी किसानों की चिंता, तूड़ी बचाने में जुटे किसान
जिला ऊना की उपतहसील जोल में इन दिनों गेहूं की कटाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अधिकांश किसानों ने अपनी फसल को इकट्ठा कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है, लेकिन अभी भी कई किसानों की तूड़ी खेतों में पड़ी हुई है, जिससे वे मौसम को लेकर चिंतित हैं। मंगलवार सुबह करीब सात बजे अचानक आसमान में काले बादल छा जाने से किसानों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौसम के अचानक बदले रुख को देखकर किसान तुरंत अपने-अपने खेतों की ओर दौड़ते नजर आए। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई। खेतों में पड़ी तूड़ी को बचाने के लिए किसानों ने तुरंत प्लास्टिक के तिरपाल का सहारा लिया और तूड़ी को ढककर सुरक्षित करने का प्रयास किया। कई जगहों पर किसान परिवार सहित तूड़ी को संभालने में जुटे रहे। स्थानीय किसान जोगिंदर सिंह ने बताया कि अगर बारिश तेज हो जाती है तो खेतों में पड़ी कटी हुई गेहूं की फसल और खड़ी फसल दोनों को भारी नुकसान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इस बार मौसम ने अब तक किसानों का साथ दिया है, लेकिन इस तरह का अचानक बदलाव चिंता का कारण बन जाता है। वहीं किसान मोहन सिंह का कहना है कि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो-तीन दिनों तक मौसम खराब रह सकता है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसल अभी भी खेतों में पड़ी है या कटाई बाकी है, उनके लिए यह स्थिति मुश्किलें खड़ी कर सकती है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि मौसम साफ रहेगा ताकि वे अपनी फसल को सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचा सकें और किसी प्रकार के नुकसान से बच सकें।
सोलन में मौसम ने ली करवट, आसमान में छाए बादल, हल्की बारिश शुरू
सोलन में एक बार फिर से मौसम ने करवट ली है। जहां सोमवार को दिन में तेज धूप व गर्मी थी, वहीं मंगलवार को सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। वहीं हल्की बारिश भी हो रही है। इससे अचानक ठंड बढ़ गई है। इससे पहले सुबह के समय तेज तूफान भी आया था। पूरे क्षेत्र में धुंध छाई हुई है और दिन तक बारिश तेज होने के आसार लग रहे हैं। हालांकि बारिश से जहां मैदानी क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ गई है वहां पर गेहूं की थ्रेशिंग चल रही है, वहीं उपरी क्षेत्रों के किसान खुश हैं, क्योंकि इन दिनों टमाटर की फसल बोई गई है जिसमें पानी लगाना जरूरी होता है।

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