हिमाचल पंचायत चुनाव: आज बजेगा बिगुल, राज्य निर्वाचन आयोग ने बुलाई प्रेस वार्ता, लग जाएगी आचार संहिता; जानें
हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव का आज एलान हो जाएगा। इसी के साथ पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लग जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव का आज एलान हो जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने दोपहर बाद 3 बजकर 40 मिनट पर प्रेस वार्ता बुलाई है। हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे। घोषणा होते ही आचार संहिता लग जाएगी। आचार संहिता लगने के बाद सरकार कोई भी नई घोषणा, नई भर्ती, नए टेंडर, ट्रांस, प्रमोशन, उद्घाटन-शिलान्यास इत्यादि नहीं कर पाएगी। प्रदेश की पंचायतों में करीब 51 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 85 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 50 हजार मतदाता भी शामिल हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल पंचायत चुनाव 31 मई से पहले करवाने के आदेश दे रखे हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने में जुटा हुआ है। इससे पहले शहरी निकाय चुनाव की घोषणा बीते सप्ताह कर दी गई है। 51 निकायों में 17 मई और 2 जगह 22 मई को मतदान होना है।
सरकारी सेवाओं से हटाया गया व्यक्ति नहीं लड़ सकता चुनाव
पंचायतों में सरकारी सेवाओं से हटाया गया व्यक्ति चुनाव लड़ने का हकदार नहीं होगा। अगर कोई व्यक्ति शिकायत करता है, उक्त व्यक्ति का नामांकन रद्द माना जाएगा।
सरकारी नौकरी वाले नहीं बन सकते एजेंट
सरकारी नौकरी में सेवारत कोई कर्मचारी किसी उम्मीदवार का एजेंट बनता है तो उसे तीन साल का कारावास हो सकता है। सरकारी नौकरी में तैनात कर्मचारी या अधिकारी एजेंट नहीं बन सकते हैं। इसके साथ ही प्रदेश व केंद्र सरकार की ओर से जिन्हें मानदेय मिलता है, वह पंचायतों के चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। चुनाव लड़ने के लिए उन्हें पहले नौकरी छोड़नी होगी।
शैक्षणिक योग्यता भी नहीं
पंचायतीराज संस्थाओं में चुनाव लड़ने की शैक्षणिक योग्यता नहीं होगी। अनपढ़ व्यक्ति भी चुनाव लड़ने का हकदार होगा।
आदर्श आचार संहिता राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए निर्धारित किए गए मानकों का एक ऐसा समूह है जिसे राजनैतिक दलों की सहमति से तैयार किया गया है। आदर्श आचार संहिता में चुनाव आयोग की भूमिका अहम होती है। संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन संसद और राज्य विधानमंडलों के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों का आयोजन चुनाव आयोग का सांविधानिक कर्तव्य है।
आदर्श आचार संहिता कितने दिनों तक लागू रहती है?
चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तारीखों की घोषणा की तारीख से इसे लागू किया जाता है और यह चुनाव प्रक्रिया के पूर्ण होने तक लागू रहती है।

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